यूपी में पूर्णकालिक डीजीपी की नियुक्ति पर फिर फंसा पेच, UPSC ने लौटाया सरकार का प्रस्ताव
उत्तर प्रदेश में पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति का मामला एक बार फिर लटक गया है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने राज्य सरकार द्वारा भेजे गए आईपीएस अधिकारियों के पैनल के प्रस्ताव को कुछ तकनीकी आपत्तियों के साथ वापस भेज दिया है।

उत्तर प्रदेश में पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की नियुक्ति में फिर से पेच फंस गया है। ऐसे में पूर्णकालिक डीजीपी की नियुक्ति में और समय लगेगा। सूत्रों का कहना है कि संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने पूर्णाकालिक डीजीपी की नियुक्ति के लिए भेजे गए प्रस्ताव को कुछ आपत्तियों के साथ सरकार को वापस भेज दिया है। हालांकि प्रस्ताव वापस भेजे जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। प्रदेश में पिछले चार साल से कार्यवाहक डीजीपी ही व्यवस्था संभाल रहे हैं। 2022 से अब तक पांच डीजीपी की नियुक्ति हुई लेकिन सभी कार्यवाहक ही रहे।
सरकार की तरफ से यूपीएससी को भेजे गए प्रस्ताव में 30 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके 1990 बैच से 1996 बैच तक के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम शामिल थे। सुप्रीम कोर्ट ने बीते दिनों सभी राज्यों को पूर्णकालिक डीजीपी की तैनाती के लिए प्रस्ताव केंद्र को भेजने का निर्देश दिया था। सूत्रों का कहना है कि यूपीएससी ने 2025 के सर्कुलर व गाइडलाइन के अनुरूप दोबारा प्रस्ताव भेजने को कहा है। अधिकारियों की डीजी के पद पर हुई प्रोन्नति को लेकर पूरा विवरण भी मांगा गया है। अगला प्रस्ताव भेजे जाने में वक्त लग सकता है। नए सिरे से पूरे विवरण के साथ अधिकारियों के नामों का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
प्रदेश में पूर्णाकालिक डीजीपी मुकुल गोयल को 11 मई, 2022 को पद से हटा दिया गया था। इसके बाद डॉक्टर डीएस चौहान, आरके विश्वकर्मा, विजय कुमार व प्रशांत कुमार को कार्यवाहक डीजीपी के रूप में तैनाती दी गई।
फिलहाल 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी राजीव कृष्ण लगातार पांचवें कार्यवाहक डीजीपी हैं। इससे पहले वर्ष 2022 में पूर्णकालिक डीजीपी के चयन का प्रस्ताव यूपीएससी भेजा गया था। यूपीएसएसी वरिष्ठता सूची व सेवाओं के आधार पर पूर्णकालिक डीजीपी के लिए तीन अधिकारियों के नामों का पैनल तय करता है। राज्य सरकार पैनल में शामिल एक अधिकारी की डीजीपी के पद पर नियुक्ति करती है।
इन लोगों का भेजा गया था नाम
UPSC को भेजी गई सूची में वरिष्ठता और अनुभव के आधार पर वरिष्ठता क्रम में 1990 बैच की रेणुका मिश्रा का नाम पहले स्थान पर था। वहीं, 1991 बैच के अधिकारी भी इस दौड़ में थे। दूसरे नंबर पर आलोक शर्मा (1991 बैच) थे। वह वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। तीसरे नंबर पर पीयूष आनंद (1991 बैच) का नाम था। वह भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात हैं। चौथे पर मौजूदा डीजीपी राजीव कृष्ण (1991 बैच) का नाम था। इसमें भी राजीव कृष्ण का नाम सबसे आगे माना जा रहा था।




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