अब दुनिया देखेगी यूपी के टेराकोटा की चमक, औरंगाबाद बनेगा स्पेशल टूरिस्ट विलेज; जानें प्लान
Gorakhpur News - सीएम योगी के जिले गोरखपुर के औरंगाबाद गांव को टेराकोटा हस्तशिल्प के नाते देश भर में जाना जाता है। यूपी सरकार अब इस गांव में कुछ ऐसा करने जा रही है जिससे टेराकोटा की चमक तो दुनिया भर में फैलेगी ही, गांववालों को होम स्टे और पर्यटन से जुड़े अन्य रोजगारों से कमाई का मौका भी मिलेगा।

UP News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर का औरंगाबाद टेराकोटा शिल्प के लिए जाना और पहचाना जाता है। अब इस टेराकोटा की चमक पूरी दुनिया देखेगी। योगी सरकार ने इसकी तैयारी कर ली है। गोरखपुर जिले के भटहट ब्लॉक के इस खूबसूरत गांव को अब स्पेशल टूरिस्ट विलेज (विशेष पर्यटन गांव) के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे गांववालों को यहां होम स्टे और पर्यटन से जुड़े कई अन्य रोजगारों से जुड़ने के मौके भी मिलेंगे। प्रदेश का पर्यटन विभाग टेराकोटा गांव औरंगाबाद में शुरुआती चरण में करीब एक करोड़ रुपये से पयर्टन सुविधाओं का विकास कराएगा। इसके लिए सीएंडडीएस (कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज) को कार्यदायी संस्था के तौर पर चुना गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अपने जिले के इस टेराकोटा गांव में ग्रामीण पर्यटन विकास के लिए स्वीकृत 96.29 लाख रुपए की पहली किस्त के रूप में 67 लाख रुपये जारी कर दिए गए हैं। परियोजना के तहत ग्राम का गेट कॉम्प्लेक्स, बिजली और साइनेज के काम होंगे। औरंगाबाद गांव के पर्यटन विकास से गोरखपुर के प्रसिद्ध टेराकोटा शिल्प की वैश्विक पटल पर ब्रांडिंग भी मजबूत होगी। जानकारों का कहना है कि गांव की खासियत और यहां उपलब्ध पर्यटन सुविधाओं के प्रचार-प्रसार से पूर्वी उत्तर प्रदेश आने वाले भारतीय और विदेशी पर्यटक यहां आकर्षित होंगे। एक बार पर्यटक यहां आने लगेंगे तो फिर टेराकोटा शिल्प की चमक को दुनिया में फैलते देर नहीं लगेगी।
एक जिला-एक उत्पाद योजना में शामिल है टेराकोटा
सीएम योगी की पहल पर टेराकोटा शिल्प से बने उत्पादों को एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना में भी शामिल किया गया है। इससे इस शिल्प को एक नई पहचान मिली है। योगी सरकार अक्सर प्रदेश में आने वाले विशिष्ट और अति महत्वपूर्ण अतिथियों को टेराकोटा के उत्पाद उपहार के तौर भेंट करती है। इसके अलावा विभिन्न प्रदर्शनियों और मंचों पर टेराकोटा को मंच मिल रहा है। सरकार का प्रोत्साहन मिलने से टेराकोटा उत्पादों की मार्केटिंग और ब्रांडिंग में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। अब सरकार ने टेराकोटा शिल्प को पर्यटन के साथ जोड़कर इसे नई ऊंचाई पर पहुंचाने की तैयारी की है।
पर्यटक अपने सामने बनते देखेंगे उत्पाद
सरकार की मंशा औरंगाबाद गांव को इस तरह विकसित करने की है जिससे पर्यटक यहां आकर टेराकोटा उत्पादों को अपने सामने बनता देख सकें। कई पर्यटक ओरिजिनल टेराकोटा उत्पादों को खरीदने की चाह रखते हैं, उनकी यह ख्वाहिश भी यहां आकर पूरी होगी। शिल्पकार गुलाब चंद प्रजापति, अखिलेश प्रजापति, हीरालाल प्रजापति, पन्नेलाल प्रजापति, मोहन लाल प्रजापति, हरिओम आजाद का कहना है कि पर्यटन विकास की इस योजना से जीआई टैग धारक टेराकोट उत्पाद के प्रति पयर्टकों का आकर्षण बढ़ेगा।
क्या बोले अधिकारी
पर्यटन विभाग के उप निदेशक राजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि टेराकोटा गांव औरंगाबाद में पर्यटन विकास की परियोजना को जल्द से जल्द पूरा कराया जाएगा। पर्यटन विकास होने से टेराकोटा गांव में होमस्टे और स्थानीय रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
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