मुंबई पुलिस का डर दिखाकर किसान से ट्रांसफर करवाए लाखों, डिजिटल अरेस्ट कर ठगा
ठगों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के जरिए पीड़ित को कई दिनों तक खौफ में रखा और जेल भेजने की धमकी देकर दो अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करवा ली। थाना साइबर क्राइम पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

यूपी के बुलंदशहर में जहांगीराबाद क्षेत्र के गांव औरंगपुर मोहसान में साइबर ठगों ने एक किसान को अपना शिकार बनाते हुए 76.24 लाख रुपये की बड़ी ठगी को अंजाम दिया है। ठगों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के जरिए पीड़ित को कई दिनों तक खौफ में रखा और जेल भेजने की धमकी देकर दो अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करवा ली। थाना साइबर क्राइम पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
थाना साइबर क्राइम में पीड़ित तेजवीर सिंह पुत्र होशियार सिंह ने तहरीर देकर बताया कि 12 मार्च 2026 को उनके पास एक अंजान नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को एयरटेल का अधिकारी बताया और कहा कि उनके नाम से एक अवैध सिम जारी हुई है, जिसके कारण उनका फोन दो घंटे में बंद कर दिया जाएगा। इसके तुरंत बाद कॉल को कथित तौर पर मुंबई साइबर क्राइम ब्रांच में ट्रांसफर कर दिया गया।
76 लाख ट्रांसफर करने के बाद हुआ ठगी का अहसास
पीड़ित ने बताया कि उन्होंने ठगों के झांसे में आकर 24 मार्च 2026 को 55,12,000 रुपये और 30 मार्च 2026 को 21,12,000 रुपये दूसरे खाते में भेजे। कुल 76,24,000 रुपये गंवाने के बाद पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ तो उन्होंने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी जांच और बैंक खातों के विवरण के आधार पर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले में साइबर टीम द्वारा जांच की जा रही है।
उन्होंने लोगों से सचेत रहने की अपील करते हुए कहा कि पुलिस या कोई भी सरकारी एजेंसी कभी भी वीडियो कॉल या फोन पर ‘डिजिटल अरेस्ट’ नहीं करती है। ऐसी कॉल आने पर तुरंत नजदीकी थाने या साइबर हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।
585 करोड़ के फ्रॉड का दिखाया डर
साइबर ठग ने मुंबई पुलिस का अधिकारी विजय खन्ना बनकर पीड़ित तेजवीर सिंह को डराते हुए कहा कि उनके खिलाफ 585 करोड़ रुपये के लोन फ्रॉड का मामला दर्ज है। इसके बाद उन्हें सिग्नल ऐप पर हर दो घंटे में रिपोर्ट करने और किसी को भी इस बारे में न बताने का दबाव बनाया गया। ठगों ने उन्हें मानसिक रूप से इतना तोड़ दिया कि पीड़ित ने पकड़े जाने के डर से अपने एसबीआई खाते से ठगों द्वारा बताए गए खातों में रुपये ट्रांसफर करने शुरू कर दिए।




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