UP Budget 2026: किसानों को योगी सरकार ने दी बड़ी राहत, बजट में ग्रामीण इलाकों पर भी फोकस
कृषि क्षेत्र पर वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का अग्रणी कृषि उत्पादन वाला राज्य है। गेहूं, धान, गन्ना, आलू, केला, आम, अमरूद, आंवला और मेंथा के उत्पादन में प्रदेश का राष्ट्रीय स्तर पर सर्वाधिक योगदान है।

UP Budget: 2026 यूपी विधानसभा में पेश किए गए बजट में योगी सरकार ने किसानों को भी बड़ी राहत दी है। बजट में सरकार ने ग्रामीण इलाकों पर भी ध्यान दिया है। कृषि, बिजली और नमामि गंगे योजना के लिए बड़ी स्तर पर व्यवस्था की गई है। कृषि क्षेत्र का उल्लेख करते हुए वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का अग्रणी कृषि उत्पादन वाला राज्य है। गेहूं, धान, गन्ना, आलू, केला, आम, अमरूद, आंवला और मेंथा के उत्पादन में प्रदेश का राष्ट्रीय स्तर पर सर्वाधिक योगदान है। सिंचाई सुविधाओं में विस्तार पर प्रकाश डाला।
वित्त मंत्री ने बताया कि वर्ष 2016-2017 में जहां सिंचित क्षेत्र 2.16 करोड़ हेक्टेयर था, वहीं वर्ष 2024-2025 में इसमें 60 लाख हेक्टेयर की वृद्धि दर्ज की गई है। फसल सघनता भी वर्ष 2016-2017 के 162.7 प्रतिशत से बढ़कर वर्ष 2024-2025 में 193.7 प्रतिशत हो गई है। वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि कृषि और सिंचाई क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए सिंचाई परियोजनाओं के लिए 18,290 करोड़ रुपये तथा कृषि योजनाओं के लिए 10,888 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। किसानों को राहत देने के लिए बजट में कृषक नलकूपों को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए 2,400 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। यही नहीं पर्यावरण संरक्षण और नदी पुनर्जीवन के तहत नमामि गंगे योजना के लिए 22,676 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा निवेश करते हुए बिजली विभाग के लिए 65,926 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। साथ ही प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के लिए 1,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। धार्मिक नगरी अयोध्या के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये और नगर विकास के लिए 26,514 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। सरकार का कहना है कि यह बजट प्रदेश को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और किसानों व शहरी क्षेत्रों के समग्र विकास को गति देने वाला साबित होगा।
एक जनपद एक व्यंजन को मिलेगा बढ़ावा
विधानसभा में बजट पेश करते हुए वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने बताया, सरकार ने 'एक जनपद, एक व्यंजन' योजना के लिए 75 करोड़ रुपये का आवंटन किया है, जिससे स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक व्यंजनों को बढ़ावा मिलेगा। वहीं वस्त्र एवं गारमेंटिंग इंडस्ट्री को प्रोत्साहित करने के लिए 150 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। धार्मिक और औद्योगिक महत्व वाले शहरों के विकास को ध्यान में रखते हुए मेरठ, मथुरा, वृंदावन और कानपुर के लिए नई योजना के तहत 750 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा सिटी इकोनॉमिक रीजन के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। तकनीकी क्षेत्र में प्रदेश को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से एआई मिशन के लिए 225 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।




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