योगी राज में घट गया क्राइम, आंकड़ों से समझाया; बजट में यूपी पुलिस को क्या-क्या मिला?
यूपी सरकार ने 9.12 लाख करोड़ का बजट पेश किया, जिसमें पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर है। अपराध में कमी का दावा किया गया। पुलिस भवन, अग्निशमन केंद्र और महिला बीट पुलिस के लिए वाहन की घोषणा हुई। विपक्ष ने आंकड़ों और निवेश पर सवाल उठाए।

उत्तर प्रदेश सरकार ने विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया है। करीब 9 लाख 12 हजार करोड़ रुपए के इस बजट को सरकार ने विकासकारी और जनकल्याणकारी बताते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिलाओं की सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खास फोकस किया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट पेश करते हुए बताया कि इसमें 43 हजार करोड़ रुपए की नई योजनाओं का प्रावधान किया गया है, जिससे प्रदेश में विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी।
पुलिस वाहन खरीद के लिए 25 करोड़
बजट में कानून-व्यवस्था और पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। मिशन शक्ति के तहत महिला बीट पुलिसकर्मियों के लिए वाहन खरीदने हेतु 25 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा पुलिस के गैर-आवासीय भवनों के निर्माण के लिए 1,374 करोड़ रुपए और पुलिस आवासीय भवनों के निर्माण के लिए 1,243 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तावित है।
पुलिस भवनों के निर्माण के लिए बजट
नए जिलों में पुलिस भवनों के निर्माण के लिए 346 करोड़ रुपए और अग्निशमन केंद्रों के भवन निर्माण के लिए 200 करोड़ रुपए रखे गए हैं। साथ ही बहुमंजिला इमारतों में अग्निशमन व्यवस्था मजबूत करने और नए केंद्रों को पूरी तरह चालू करने के लिए 190 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। सरकार ने कानून-व्यवस्था में सुधार का दावा करते हुए बताया कि वर्ष 2016 की तुलना में डकैती में 89 फीसदी, लूट में 85 फीसदी, हत्या में 47 फीसदी, बलवा में 70 फीसदी और फिरौती के लिए अपहरण के मामलों में 62 फीसदी की कमी दर्ज की गई है।
महिलाओं के खिलाफ अपराध घटा
महिलाओं के खिलाफ अपराधों में भी गिरावट का दावा किया गया है, जिसमें हत्या के मामलों में 48 फीसदी, दहेज मृत्यु में 19 फीसदी, बलात्कार में 67 फीसदी और शील भंग के मामलों में 34 फीसदी कमी बताई गई है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति से जुड़े अपराधों में भी गिरावट का दावा करते हुए हत्या में 43 फीसदी, आगजनी में 94 फीसदी, बलात्कार में 32 फीसदी और गंभीर चोट के मामलों में 10 फीसदी कमी की बात कही गई है।
अखिलेश ने साधा निशाना
हालांकि बजट को लेकर विपक्ष ने सरकार पर सवाल भी उठाए हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि अगर एफआईआर दर्ज ही नहीं होंगी तो अपराध के आंकड़े अपने आप कम दिखाई देंगे। उन्होंने सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि पहले पुलिस और अपराधी अलग-अलग टीम होती थीं, लेकिन अब दोनों एक ही टीम की तरह काम कर रहे हैं। सरकार ने बजट को प्रदेश को विकास की नई दिशा देने वाला बताया है, जबकि विपक्ष इसे आंकड़ों का खेल और चुनावी बजट करार दे रहा है।




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