UP Budget 2026: योगी सरकार ने की तोहफों की 'बारिश', चुनावी बजट में खोला खजाना
यूपी विधानसभा में पेश 9.13 लाख करोड़ रुपये के बजट में यूपी के लोगों के लिए खजाना खोलते हुए योगी सरकार ने तोहफों की बारिश कर दी। योगी सरकार का ये 10वां बजट था।

योगी सरकार ने विधानसभा में अपना 10वां बजट पेश किया गया। विधानसभा में पेश 9.13 लाख करोड़ रुपये के बजट में यूपी के लोगों के लिए खजाना खोलते हुए योगी सरकार ने तोहफों की बारिश कर दी। बजट में सरकार ने महिला, किसान और युवाओं का खासा ध्यान रखा। साथ ही रोजगार, अवस्थापना विकास और चिकित्सा स्वास्थ्य समेत विभिन्न मदों को खास तवज्जो दी है। अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की 18वीं विधानसभा का ये आखिरी पूर्ण बजट माना जा रहा है। बुधवार को विधानसभा में बजट पेश करते हुए वित्तमंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने इस बजट में पूंजीगत परिव्यय 19.5 प्रतिशत है। केंद्र सरकार द्वारा स्वीकार की गई 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटे की सीमा तीन प्रतिशत निर्धारित की गई है। यह सीमा 2030-31 तक प्रभावी रहेगी।
तकनीक, रोजगार और नारी सशक्तीकरण को प्राथमिकता
वित्तीय वर्ष 2026-2027 के बजट भाषण में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि वर्तमान युग में इमर्जिंग टेक्नोलॉजी का व्यापक उपयोग आवश्यक हो गया है। इसी उद्देश्य से उत्तर प्रदेश में 'टेक्नोलॉजी मिशन' की स्थापना की जाएगी। प्रदेश में स्टेट डाटा अथॉरिटी तथा डाटा सेंटर क्लस्टर्स स्थापित किए जाएंगे। साथ ही एआई मिशन की स्थापना और 'टेक युवा-समर्थ युवा' योजना लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि सामाजिक क्षेत्र में सभी वर्गों के लिए योजनाओं के साथ-साथ त्वरित और भविष्योन्मुखी विकास के लिए आधुनिक तकनीक एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इकोसस्टिम विकसित किया जा रहा है। वित्त मंत्री ने कहा कि प्रदेश की प्रगति में नारी शक्ति का योगदान महत्वपूर्ण है और युवाओं की ऊर्जा व मेधा विकास की आधारशिला है। महिला सशक्तीकरण के तहत मुख्यमंत्री मातृ सुरक्षा संकल्प योजना को और सघनता से संचालित किया जाएगा।
स्वयं सहायता समूहों एवं महिला उद्यमियों के उत्पादों की बिक्री सुनिश्चित करने के लिए 'मुख्यमंत्री महिला उद्यमी उत्पाद विपणन योजना' पर कार्य किया जा रहा है। कृषि क्षेत्र में डीजल आधारित नलकूपों को सौर ऊर्जा आधारित बनाने, कृषि वितरण एवं निर्यात को बढ़ावा देने तथा त्वरित आर्थिक विकास के लिए 'सिटी इकोनॉमिक रीजन योजना' लागू करने की घोषणा की गई। रोजगार पर विशेष जोर देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगारपरक प्रशक्षिण दिया जाएगा। कौशल विकास प्रशक्षिण केंद्रों की क्षमता बढ़ाई जाएगी और नए केंद्र स्थापित किए जाएंगे। पीपीपी मॉडल पर कौशल संवर्धन और जॉब प्लेसमेंट केंद्र विभिन्न जनपदों में स्थापित किए जाएंगे, जिनमें महिलाओं के लिए पृथक केंद्र भी बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। प्रदेश की कानून-व्यवस्था में सुधार हुआ है और महिलाओं के खिलाफ अपराधों में कमी आई है। पुलिस विभाग में 2 लाख से अधिक भर्तियां की गई हैं।
सर्वांगीण विकास की दिशा में प्रदेश अग्रसर
सुरेश खन्ना ने कहा कि सरकार के पिछले और वर्तमान कार्यकाल में प्रदेश का सर्वांगीण विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण, अवस्थापना सुविधाओं के विस्तार, औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन, महिला सशक्तीकरण, युवाओं के कौशल विकास, किसानों की खुशहाली और गरीबी उन्मूलन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। वित्त मंत्री ने बताया कि वर्ष 2024-2025 के त्वरित अनुमान के अनुसार प्रदेश की जीएसडीपी 30.25 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 1,09,844 रुपये आकलित हुई है, जो वर्ष 2016-2017 की प्रति व्यक्ति आय 54,564 रुपये के मुकाबले दोगुने से अधिक है। वर्ष 2025-2026 में प्रति व्यक्ति आय 1,20,000 रुपये होने का अनुमान है।
6 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर उठाने का दावा
सुरेश खन्ना ने दावा किया कि यूपी सरकार लगभग 6 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से ऊपर उठाने में सफल रही है और बेरोजगारी दर घटकर 2.24 प्रतिशत रह गई है। सुरेश खन्ना ने कहा कि एसडीजी इंडिया इंडेक्स में उत्तर प्रदेश की रैंकिंग वर्ष 2018-2019 में 29वें स्थान से सुधरकर वर्ष 2023-2024 में 18वें स्थान पर पहुंच गई है। औद्योगिक निवेश के क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि फरवरी 2024 में आयोजित चौथे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में अब तक लगभग 50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हस्ताक्षरित हुए हैं, जिनसे करीब 10 लाख रोजगार सृजन की संभावना है। इनमें से लगभग 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश से संबंधित 16 हजार से अधिक परियोजनाओं के चार ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह सम्पन्न हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केंद्र बन चुका है और देश के कुल मोबाइल उत्पादन का 65 प्रतिशत उत्पादन प्रदेश में हो रहा है। भारत की 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनक्सि कंपोनेंट इकाइयां प्रदेश में स्थित हैं तथा इलेक्ट्रॉनक्सि निर्यात 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। वत्ति मंत्री ने कहा कि उद्योग और तकनीक में निवेश के साथ नवाचार को बढ़ावा देने के प्रयासों के परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्टार्टअप रैंकिंग में 'लीडर श्रेणी' का दर्जा प्राप्त हुआ है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रस्तुत बजट प्रदेश को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाने के साथ विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
यूपी बजट में अवस्थापना और कृषि पर जोर
यूपी बजट में महिलाओं, युवाओं के अलावा कृषि पर भी जोर दिया गया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि यह बजट राज्य के समग्र, संतुलित और अवस्थापना-प्रधान विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वित्त मंत्री ने बताया कि नीति आयोग द्वारा जनवरी 2026 में जारी एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स-2024 में उत्तर प्रदेश ने देश के लैंड-लॉक्ड राज्यों में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो राज्य की निर्यात क्षमता और औद्योगिक प्रगति का प्रमाण है। कृषि क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का अग्रणी कृषि उत्पादन वाला राज्य है। गेहूं, धान, गन्ना, आलू, केला, आम, अमरूद, आंवला और मेंथा के उत्पादन में प्रदेश का राष्ट्रीय स्तर पर सर्वाधिक योगदान है। सिंचाई सुविधाओं में विस्तार पर प्रकाश डालते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि वर्ष 2016-2017 में जहां सिंचित क्षेत्र 2.16 करोड़ हेक्टेयर था, वहीं वर्ष 2024-2025 में इसमें 60 लाख हेक्टेयर की वृद्धि दर्ज की गई है। फसल सघनता भी वर्ष 2016-2017 के 162.7 प्रतिशत से बढ़कर वर्ष 2024-2025 में 193.7 प्रतिशत हो गई है।
ऊर्जा क्षेत्रों में भी उपलब्धियां
ऊर्जा क्षेत्र में उपलब्धियों का जिक्र करते हुए सुरेश खन्ना ने कहा कि वर्ष 2016-2017 की 5,878 मेगावॉट ताप विद्युत उत्पादन क्षमता की तुलना में वित्तीय वर्ष 2025-2026 (दिसंबर 2025 तक) में 55.16 प्रतिशत वृद्धि के साथ 9,120 मेगावॉट की ताप वद्यिुत उत्पादन क्षमता हासिल की गई है। इसके साथ ही राज्य सरकार हरित और स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों के विकास पर भी विशेष ध्यान दे रही है। प्रदेश में अब तक 2,815 मेगावॉट की सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि प्रस्तुत बजट राज्य को आत्मनिर्भर, ऊर्जा सक्षम और कृषि व औद्योगिक दृष्टि से मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पुलिस को और अधिक सक्षम बनाया जाएगा
खन्ना ने कहा, शिक्षा तथा चिकित्सा के लिए किया गया आवंटन कुल बजट का क्रमशः 12.4 तथा छह प्रतिशत है। इसके अलावा कृषि एवं संबद्ध सेवाओं के लिए आवंटित धनराशि कुल बजट की नौ प्रतिशत है। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने कार्यकाल के पहले दिन से ही प्रदेश के हर वर्ग एवं हर क्षेत्र के विकास के लिये अथक परिश्रम किया है। वित्त मंत्री ने कहा कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के लिए पुलिस को और अधिक सक्षम एवं सुदृढ़ करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस विभाग के अनावासीय भवनों के निर्माण के लिए लगभग 1374 करोड़ रुपये तथा आवासीय भवनों के निर्माण के लिए 1243 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
चिकित्सा शिक्षा के लिए 14997 करोड़ रुपये की व्यवस्था
मंत्री खन्ना ने कहा कि चिकित्सकीय शिक्षा के लिए 14997 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। वर्तमान में प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज में से 45 राज्य सरकार द्वारा संचालित हैं एवं 36 निजी क्षेत्र द्वारा संचालित किया जा रहे हैं। प्रदेश में 14 नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए 1023 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। कैंसर संस्थान लखनऊ के लिए 315 करोड़ रुपये और असाध्य रोगों के इलाज के लिए निशुल्क चिकित्सकीय सुविधा के लिए 130 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। खन्ना ने बताया कि चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के लिए 37956 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है जो वित्त वर्ष 2025-26 के मुकाबले 15 प्रतिश्त अधिक है। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के लिए लगभग 8641 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। 'आयुष्मान भारत नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन' योजना के लिए 2000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। आयुष सेवाओं के लिए लगभग 2867 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है।
औद्योगिक विकास के लिए 27103 करोड़ रुपये
वित्त मंत्री ने बताया कि बजट में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास के लिए 27103 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है, जो वित्त वर्ष 2025 26 के मुकाबले 13 प्रतिशत अधिक है। मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण एवं नए औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन योजना के लिए 5000 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना में टैबलेट व स्मार्टफोन के वितरण की प्रक्रिया जारी है। इसके लिए 2374 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। 'अटल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन' के तहत अवस्थापना विकास के लिए 2000 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश एवं 'फॉर्च्यून 500' कंपनियों के निवेश के लिए घोषित प्रोत्साहन नीति 2023 के क्रियान्वयन के लिए 1000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
53263 लोगों को मिलेगा रोजगार
वित्त मंत्री ने बताया कि 'डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर' परियोजना में अब तक 200 रक्षा उद्योगों की स्थापना के लिए समझौता प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इनमें 35280 करोड़ रुपये का निवेश होने एवं 53263 लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि बजट में सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्योगों (एमएसएमई) की योजनाओं के लिए 3822 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जो वर्ष 2025-26 की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है। प्रदेश में एमएसएमई उद्योगों को प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र की नई योजना प्रस्तावित की जा रही है जिसके लिए 575 करोड़ रुपये की व्यवस्था का प्रस्ताव है। नई योजना 'एक जनपद, एक व्यंजन' के लिए 75 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है।
हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग को दिए 541 करोड़
खन्ना ने बताया कि हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग के लिए करीब 541 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है जो वर्ष 2025-26 की तुलना में पांच गुना है। वित्त वर्ष 2026-27 में वस्त्र उद्योग के क्षेत्र में रोजगार के 30 हजार अवसर उत्पन्न करने का लक्ष्य है। कंबल उत्पादन केंद्र गोरखपुर के आधुनिकीकरण के लिए नई योजना प्रस्तावित की जा रही है जिसके लिए सात करोड़ 50 लाख रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक की योजनाओं के लिए 2059 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है जो वर्ष 2025-26 की तुलना में 76 प्रतिशत अधिक है। कृत्रिम मेधा (एआई) के क्षेत्र में विकास के लिए उत्तर प्रदेश एआई मिशन की शुरुआत की जा रही है जिसके लिए 225 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।




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