भाजपा की प्रदेश टीम में बड़े बदलाव की तैयारी, दो फार्मूले पर पार्टी का पूरा फोकस, कब होगा ऐलान?
उत्तर प्रदेश भाजपा की नई प्रदेश टीम के गठन की कवायद तेज हो गई है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की अगुवाई में बनने वाली इस टीम के लिए लगातार बैठकें हुईं। आरएसएस के साथ भी भाजपा नेताओं ने मंथन किया है। पूरा फोकस दो फार्मूलों पर है।

भारतीय जनता पार्टी प्रदेश संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी में है। जिला इकाइयों के गठन में इसकी बानगी दिखी भी है। चुनिंदा चेहरों को छोड़ प्रदेश टीम में बाकी चेहरों को बदला जा सकता है। उनकी जगह क्षेत्रीय टीम, मोर्चा-प्रकोष्ठों में शामिल चेहरे ले सकते हैं। पार्टी के मीडिया विभाग से भी कई चेहरे प्रदेश टीम में शामिल होने के लिए प्रयासरत हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी की टीम का हिस्सा बनने के लिए प्रयासरत दर्जनों चेहरे इन दिनों लखनऊ से दिल्ली तक एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। पार्टी का फोकस मुख्य रूप से दो फार्मूलों पर है। पहला सामाजिक समीकरण साधना और दूसरा लंबे समय से जमे पदाधिकारियों की जगह नए लोगों को पद देना है।
प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। माना जा रहा है कि जनवरी में ही चुनावी प्रक्रिया शुरू हो सकती है। ऐसे में अब नौ महीने का ही समय बचा है। पार्टी उसी को ध्यान में रखकर सरकारी और संगठनात्मक स्तर पर कसरत कर रही है। सरकार हो या संगठन, हर स्तर पर सामाजिक समीकरण साधने पर जोर है। हाल ही में प्रदेश में मनोनीत किए गए 2802 पार्षदों में पार्टी की सोशल इंजीनियरिंग साफ दिखाई दी। पिछड़ों और अति पिछड़ों पर ज्यादा फोकस करने के साथ ही ब्राह्मणों को भी साधने का प्रयास किया गया। कुछ ऐसी ही स्थिति जिला इकाइयों के गठन में भी दिख रही है। अति पिछड़े और दलित वर्ग की उन जातियों को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है, जो राजनैतिक रूप से हाशिए पर थीं।
30 जिला इकाइयों का गठन बाकी
कुछ ऐसे ही प्रयोग पार्टी प्रदेश टीम में भी करने के मूड में है ताकि सभी क्षेत्रों और अधिकाधिक जातियों को प्रतिनिधित्व दिया जा सके। प्रदेश भाजपा में यह बदलाव अप्रैल के मध्य तक होने की संभावना है। हालांकि मौजूदा पदाधिकारी भी अपनी कुर्सी बचाए रखने के लिए प्रयासरत हैं। देखना दिलचस्प होगा कि चौतरफा शोर-सिफारिशों के चलते नेतृत्व किस हद तक बदलाव कर पाता है। फिलहाल पार्टी का फोकस बाकी बची करीब 30 जिला इकाइयों के गठन पर है।
उधर, पार्टी अयोध्या महानगर में आपराधिक बैकग्राउंड वाले व्यक्ति के पदाधिकारी बनने के बाद चौकन्नी है। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन कार्यक्रम के बाद एक बार फिर बाकी बची जिला इकाइयों के गठन की कवायद तेज होगी। साथ ही आयोग-निगम, बोर्डों के खाली पदों को भरने की भी कवायद तेजी से चल रही है। इस पर कई दौर की वार्ता भी हो चुकी है।




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