यूपी में सभी श्रमिकों को कल से मिलेगी ज्यादा मजदूरी, श्रम विभाग की नई दरें पहली अप्रैल से लागू
यूपी में सभी श्रमिकों को कल से ज्यादा मजदूरी मिलेगी।श्रम विभाग ने कालीन, कांच, ईंट-भट्ठा, प्लास्टिक, डेयरी सहित अन्य तमाम उद्योगों में सेवारत कामगारों के लिए नए सिरे से मजदूरी की मूल दरों एवं परिवर्तनीय महंगाई भत्ते का निर्धारण किया है।

UP News: यूपी में संगठित और असंगठित क्षेत्र के लाखों कामगारों को बुधवार से ज्यादा मजदूरी मिलेगी। श्रम विभाग ने कालीन, कांच, ईंट-भट्ठा, प्लास्टिक, डेयरी सहित अन्य तमाम उद्योगों में सेवारत कामगारों के लिए नए सिरे से मजदूरी की मूल दरों एवं परिवर्तनीय महंगाई भत्ते का निर्धारण किया है। इसके आधार पर अकुशल, अर्द्ध-कुशल, कुशल, अति कुशल आदि सभी श्रेणियों के कामगारों की दैनिक मजदूरी में इजाफा किया गया है। यह बढ़ोतरी 10 रुपये से 13-14 रुपये प्रतिदिन तक है।
श्रम विभाग द्वारा हर छमाही में महंगाई भत्ते का पुर्ननिर्धारण किया जाता है। इसी क्रम में श्रमायुक्त मार्कंडेय शाही ने प्रदेश में एक अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 के लिए मजदूरी की नई दरों से संबंधित आदेश जारी कर दिया है। कालीन उद्योग की बात करें तो अकुशल श्रमिकों के लिए अभी तक 10293 रुपये मासिक मजदूरी निर्धारित थी। बुधवार से यह बढ़कर 10566.29 रुपये मासिक हो जाएगी यानी अब उन्हें प्रतिदिन 406.39 रुपये के हिसाब से भुगतान होगा जबकि अर्द्ध-कुशल के लिए जो मजदूरी 11436 रुपये थी, वो अब बढ़कर 11740 रुपये प्रतिमाह हो जाएगी यानि अब वो हर रोज 451.55 रुपये मजदूरी पाएंगे। कुशल कामगार 487.67 रुपये प्रतिदिन मजदूरी पाएंगे। उनकी मासिक मजदूरी 12351 रुपये से बढ़कर अब 12679 रुपये मासिक होगी।
चूड़ी उद्योग में तारवाला अब पाएगा 26180 रुपये मासिक
इसी तरह कांच की चूड़ी उद्योग से जुड़े श्रमिकों की मजदूरी में भी इजाफा हुआ है। अकुशल श्रमिकों को अब 9825 रुपये की जगह 10096.68 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। उन्हें 388.33 रुपये रोज मिलेंगे। अर्द्धकुशल को 442.52 रुपये प्रतिदिन मजदूरी तय की गई है जबकि कुशल श्रमिक को 492.19 रुपये प्रतिदिन मिलेंगे। तारवाला की मासिक मजदूरी 25503 रुपये से बढ़कर 26180.93 रुपये हो जाएगी। अब उन्हें प्रतिदिन 1006.95 रुपये, बेलनिया 704.41 रुपये रोज और पर्यवेक्षक 681.84 रुपये प्रतिदिन पाएंगे।
74 अन्य उद्योगों को श्रमिकों की मजदूरी बढ़ी
इनके अलावा न्यूनतम मजदूरी अधिनियम-1948 के तहत अनुसूचित 74 नियोजनों में भी महंगाई भत्ते की बढ़ोत्तरी के बाद मजदूरी की नई दरें घोषित की गई हैं। इनमें मुख्य रूप से ईंट-भट्ठा उद्योग, रबड़ उत्पाद, प्लास्टिक उद्योग, मिष्ठान उद्योग, प्लाईवुड उद्योग, डेयरी, कपड़ा, प्राइवेट अस्पताल, ढलाई घर, धातु उद्योग, प्रिटिंग, चर्म उद्योग, प्राइवेट कोचिंग, तंबाकू विनिर्माण, फर्नीचर उद्योग, दुकानों, वाणिज्यिक अधिष्ठान, सड़क निर्माण, चिकन कार्य, दियासलाई उद्योग, बेकरी, लांड्री, जिल्दसाजी, कोल्ड स्टोरेज, सिलाई उद्योग, ताला उद्योग सहित तमाम अन्य शामिल हैं। ईंट भट्ठा को छोड़ अन्य उद्योगों में अकुशल श्रमिकों को अब 11021 रुपये की जगह 11313 रुपये मासिक मिलेंगे। अर्द्धकुशल को 12123 रुपये की जगह 12445 और कुशल श्रमिकों को 13850 रुपये की जगह अब 13940.37 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
उद्योगों पर बढ़ेगा भार
महंगाई भत्ते में बढ़ोत्तरी के बाद मजदूरी की नई दरों के निर्धारण से उद्योगों पर आर्थिक भार में मामूली बढ़ोत्तरी होगी। मसलन प्लास्टिक, कपड़ा, तंबाकू विनिर्माण की किसी इकाई में यदि 100 श्रमिक कार्यरत हैं तो ऐसी इकाइयों को तकरीबन 30 हजार रुपये मासिक अधिक मजदूरी का भुगतान करना होगा।




साइन इन