दरोगा भर्ती परीक्षा से पहले सॉल्वर गिरोह के दो सदस्य दबोचे गए, आरोपी का भाई भी पुलिसकर्मी
अलीगढ़ में यूपी दरोगा भर्ती परीक्षा-2025 से पहले सॉल्वर गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार किए गए हैं। आरोपी ललित पहले भी जेल जा चुका है, जबकि परीक्षार्थी हरिकेश का भाई दिल्ली पुलिस में है।

उत्तर प्रदेश में उप निरीक्षक (नागरिक पुलिस) एवं समकक्ष पदों पर भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले पुलिस और एसओजी ने एक बड़े सॉल्वर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। शुक्रवार को अलीगढ़ के टप्पल इलाके में हुई इस कार्रवाई में गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए आरोपियों में से एक पुराना अपराधी है, जबकि दूसरा परीक्षार्थी है जिसका सगा भाई दिल्ली पुलिस में तैनात है। गिरफ्तारी के दौरान परिजनों ने पुलिस का जमकर विरोध किया, लेकिन भारी मशक्कत के बाद टीम आरोपियों को थाने ले जाने में सफल रही। पुलिस भर्ती परीक्षा को लेकर यूपी में हाईअलर्ट भी घोषित किया गया है।
पेपर लीक कराने का झांसा और पुलिस की घेराबंदी
सीओ खैर संजीव कुमार तोमर ने बताया कि आगामी परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए पूर्व में जेल जा चुके नकल माफियाओं पर कड़ी नजर रखी जा रही थी। इसी निगरानी के दौरान सटीक सूचना मिली कि टप्पल क्षेत्र में कुछ लोग परीक्षा से पहले पेपर उपलब्ध कराने और सॉल्वर बैठाने की सेटिंग कर रहे हैं। टप्पल थाना पुलिस और देहात एसओजी की संयुक्त टीम ने जट्टारी क्षेत्र में जाल बिछाकर दो लोगों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान ललित निवासी छज्जूपुर और हरिकेश निवासी इतवारपुर के रूप में हुई है।
ललित शातिर अपराधी है और साल 2020 में भी नोएडा पुलिस द्वारा सॉल्वर गिरोह में शामिल होने के आरोप में जेल भेजा जा चुका है। हरिकेश खुद एक परीक्षार्थी है, जिसकी शनिवार को मैनपुरी में परीक्षा थी। ललित ने उसे परीक्षा से महज एक घंटे पहले पेपर उपलब्ध कराने का सौदा किया था।
परिजनों का हाई वोल्टेज ड्रामा और एसटीएफ की एंट्री
गिरफ्तारी के बाद मौके पर हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। आरोपी हरिकेश का भाई दिल्ली पुलिस में कार्यरत है, जिसके चलते उसके परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई का कड़ा विरोध किया। एसटीएफ और एसओजी की टीमें सादा कपड़ों में थीं, जिसका फायदा उठाते हुए परिजनों ने उन्हें पहचानने से इनकार कर दिया और पुलिस की गाड़ियों के आगे लेट गए।
मौके पर काफी भीड़ जमा हो गई, जिससे तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई।हालांकि, टप्पल पुलिस के अतिरिक्त बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। कार्रवाई के बाद एसटीएफ की टीम भी वहां पहुंची और अपना दावा पेश किया, लेकिन स्थानीय पुलिस का कहना है कि यह उनकी और एसओजी की संयुक्त सफलता है। देर रात तक आरोपियों से पूछताछ जारी थी और उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य नामों को खंगाला जा रहा था।




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