ट्रैक पर लोहे की भारी पाइप से पलटते-पलटते बची ट्रेन, चोर के चौंकाने वाले बयान से अधिकारी हैरान
बरेली-पीलीभीत रेलखंड पर एक चोर ने ऐसी हरकत की है जिससे एक बड़ा रेल हादसा हो सकता था। लोको पायलट की सतर्कता और इमरजेंसी ब्रेक ने सैकड़ों यात्रियों की जान बचाई। आरोपी चोर को गिरफ्तार कर लिया गया है।

उत्तर प्रदेश के बरेली-पीलीभीत रेलखंड पर एक ऐसी घटना घटी जिसने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी। टनकपुर से पीलीभीत आ रही पैसेंजर ट्रेन को लोको पायलट की सूझबूझ से पलटने से बच गई। ट्रैक पर लोहे का भारी पाइप देख पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक ली थी। पुलिस ने जांच शुरू की और कुछ घंटों में आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया।उसने अपनी इस जानलेवा हरकत के पीछे की वजह बताई, तो वहां मौजूद रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी भी हैरान रह गए। आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने सैकड़ों लोगों की जान दांव पर सिर्फ इसलिए लगा दी थी ताकि वह अपने 'चोरी के पाइप' को आसानी से काट सके।
लोको पायलट की पैनी नजर और इमरजेंसी ब्रेक
घटना शुक्रवार सुबह करीब सात बजे की है। गाड़ी संख्या 55322 पैसेंजर ट्रेन टनकपुर स्टेशन से रवाना होकर पीलीभीत की ओर बढ़ रही थी। टनकपुर और बनबसा स्टेशन के बीच अभी ट्रेन की रफ्तार तेज ही हुई थी कि लोको पायलट को ट्रैक पर एक भारी-भरकम लोहे की वस्तु दिखाई दी। कोहरे और कम रोशनी के बावजूद लोको पायलट ने तत्काल खतरे को भांप लिया और बिना समय गंवाए 'इमरजेंसी ब्रेक' लगा दी।
ट्रेन के पहियों और पटरी के बीच हुए घर्षण से निकली चिंगारी और जोरदार झटके के साथ ट्रेन पाइप से कुछ ही दूरी पर जाकर रुक गई। इंजन के केबिन से नीचे उतरने पर लोको पायलट और ट्रेन मैनेजर ने देखा कि ट्रैक पर लोहे का एक विशाल और भारी पाइप रखा हुआ था। यदि समय रहते ब्रेक न लगते, तो ट्रेन इस अवरोध से टकराकर पटरी से उतर सकती थी, जिससे भीषण हादसा हो सकता था।
चोर का हैरान करने वाला 'लॉजिक'
पहले इसे ट्रेन पलटने की साजिश माना गया। घटना की सूचना मिलते ही हड़कंप मच गया। आरपीएफ (RPF), जीआरपी (GRP) और खुफिया विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। सर्च ऑपरेशन के दौरान पास की झाड़ियों में छिपे एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने जो बयान दिया, वह किसी के भी गले नहीं उतरा। उसने बताया कि वह लोहे का भारी पाइप कहीं से चोरी करके लाया था। पाइप काफी लंबा और वजनदार था, जिसे ले जाना मुश्किल हो रहा था।
चोर ने अधिकारियों को बताया, "मैंने सोचा कि इसे किसी औजार से काटने के बजाय पटरी पर रख देता हूं। जब ट्रेन इसके ऊपर से गुजरेगी, तो उसके पहियों के दबाव से यह पाइप आसानी से दो टुकड़ों में कट जाएगा और मैं इसे आराम से उठाकर ले जाऊंगा।" यह सुनकर अधिकारी सन्न रह गए कि एक अपराधी ने महज अपनी सुविधा के लिए सैकड़ों यात्रियों की जान जोखिम में डाल दी थी।
सुरक्षा एजेंसियों ने ली राहत की सांस
पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल के वरिष्ठ डीसीएम संजीव कुमार शर्मा ने बताया कि यह घटना रेल सुरक्षा में एक बड़ी चुनौती साबित हो सकती थी। लोको पायलट की सतर्कता की जितनी सराहना की जाए कम है। आरोपी को फिलहाल जेल भेज दिया गया है और उसके पुराने आपराधिक इतिहास को खंगाला जा रहा है। इस पूरी कवायद और ट्रैक की जांच के कारण ट्रेन करीब 45 मिनट तक जंगल में खड़ी रही। प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि कहीं इस घटना के पीछे कोई और छिपी हुई मंशा तो नहीं थी।




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