Unwilling to conduct Panchayat elections yet spreading misinformation about women Kamal akhtar questions BJP जिस जनगणना से पंचायत चुनाव नहीं करा रहे, उससे महिला आरक्षण कैसा न्याय; कमाल का भाजपा से सवाल, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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जिस जनगणना से पंचायत चुनाव नहीं करा रहे, उससे महिला आरक्षण कैसा न्याय; कमाल का भाजपा से सवाल

हसनपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक कमाल अख्तर ने यूपी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा ये सभी जानते हैं कि 2023 में महिला आरक्षण बिल पास हुआ। सभी दलों ने बिल को पास कराने में पूरा सहयोग किया। 

Thu, 30 April 2026 08:21 PMDinesh Rathour लाइव हिन्दुस्तान, लखनऊ
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जिस जनगणना से पंचायत चुनाव नहीं करा रहे, उससे महिला आरक्षण कैसा न्याय; कमाल का भाजपा से सवाल

UP Vidhansabha: नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर बुलाए गए यूपी विधानसभा के विशेष सत्र में चर्चा के दौरान हसनपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक कमाल अख्तर ने यूपी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा ये सभी जानते हैं कि 2023 में महिला आरक्षण बिल पास हुआ। सभी दलों ने बिल को पास कराने में पूरा सहयोग किया। लेकिन बीजेपी के जितने भी साथी हैं वह भ्रम फैलाते हैं। जब बिल पास हो गया तो कहा गया 2026 के संसेक्स के बाद जनगणना कराएंगे। परिसीमन के बाद इस बिल को लागू करेंगे। लेकिन जब अचानक से पांच राज्यों के चुनाव आते हैं तो अचानक से विशेष अधिवेशन बुलाया जाता है और उसके अंदर 2011 के तहत परिसीमन लाकर संविधान संशोधन बिल पेश किया जाता है।

उन्होंने कहा, जब संविधान संशोधन बिल उसके अंदर पास करने के लिए लाया जाता है। अब आप बताइए 2011 की जनगणना के आधार पर तो यूपी सरकार पंचायत चुनाव नहीं करवाना चाहती, फिर लोकसभा में महिला आरक्षण बिल कैसे लागू हो जाएगा। यूपी सरकार से सवाल करते हुए विधायक कमाल अख्तर ने कहा कि जब 2023 में संसद में सर्वसम्मति से महिला आरक्षण कानून पारित किया जा चुका है तो भाजपा इसे लेकर गुमराह क्यों कर रही है। जहां तक महिला आरक्षा की बात है तो समाजवादी पार्टी हमेशा महिला आरक्षण का हम लोगों ने समर्थन किया है। सपा ने हमेशा महिलाओं को आगे बढ़ाने का काम किया है।

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सपा सरकार में क्या घर से नहीं निकलती थीं महिलाएं?

भाजपा पर हमलावर हुए कमाल अख्तर ने कहा, हमारी कई बहनें बता रही थीं कि आज उत्तर प्रदेश के अंदर कहीं पर भी कोई महिला किसी टाइम पर भी चली जाती है। कोई महिला कहीं पर भी घूम लेती है और ऐसे बताया जा रहा है कि जैसे सपा में कोई मां-बहन कहीं आती-जाती ही नहीं थीं। एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार 2017 में 48900 घटनाएं उत्तर प्रदेश में महिला अपराध की दर्ज हुई हैं। 2018 में 50 हजार 748, 2019 में 49878, 2020 में 41 हजार 656, 2021 में 46 हजार 282 घटनाएं दर्ज हुई हैं तो आप मुझे बताइए कि कहां पर महिला सुरक्षित है? कहां नारी का सशक्तीकरण हो रहा है।

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वित्तमंत्री के सवाल पर कमाल का पलटवार

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के बयान पर पलटवार करते हुए कमाल ने कहा, पार्लियामेंट के अंदर जब 2008 में बिल लाया जा रहा था तो हम लोगों ने कहा आप 33 प्रतिशत नहीं आप 40 प्रतिशत आरक्षण दीजिए, लेकिन इस आरक्षण के अंदर जो रोटेशन की व्यवस्था है। इस व्यवस्था के तहत अगर कोई महिला एक सीट से चुनाव लड़ेगी तो अगली बार वो आरक्षण उस महिला के नहीं रहेगा, दूसरी के लिए चला जाएगा। हम लोग उसका विरोध कर रहे थे। हम लोग उस बात का विरोध कर रहे थे कि पिछड़ों को आरक्षण दीजिए। हम लोगों ने कहा था कि मुसलमान बहनें आधी आबादी से अलग नहीं है, वह भी उस आधी आबादी में आती हैं जिसमें हमारी सारी बहनें रहती हैं।

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