पत्नी के अत्याचार से जीने की इच्छा नहीं... इंजीनियर ने बीवी के उत्पीड़न से तंग आकर दे दी जान
गोरखपुर में इंजीनियर ने पेड़ से लटककर आत्महत्या कर ली। मरने से पहले उसका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उसने पत्नी के उत्पीड़न से आहत होकर खुदुकशी करने का जिक्र किया है। वहीं, एसपी सिटी ने कहा कि शव पोस्टमार्टम को भेज दिया गया है। आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

UP News: यूपी के गोरखपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां एम्स थाना क्षेत्र के कुसम्ही जंगल में बुढ़िया माता मंदिर के पास गुरुवार की देर शाम कुशीनगर निवासी और मध्य प्रदेश की एक कंपनी में कार्यरत इंजीनियर की पेड़ से लटकती लाश मिलने से सनसनी फैल गई। मरने से पहले उसका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उसने पत्नी के उत्पीड़न से आहत होकर खुदुकशी करने का जिक्र किया है। हालांकि, लाइव हिन्दुस्तान वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। वहीं, एसपी सिटी निमिष पाटिल ने कहा कि शव पोस्टमार्टम को भेज दिया गया है। आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
कुशीनगर जिले के कसया थाना क्षेत्र के वेलवा पलकधारी गांव के रहने वाले 33 साल के प्रद्युम्न कुमार यादव मध्य प्रदेश में एक निजी कम्पनी में इंजीनियर था। भाई राघवेंद्र यादव ने बताया कि पुलिस से सूचना मिली के उसके भाई ने बुढ़िया माता मंदिर के नाला पार एक पेड़ पर गमछे के सहारे फंदा लगा आत्महत्या कर ली है। इसके बाद परिवार गोरखपुर आकर शव की पहचान की। पुलिस ने बताया कि कुशीनगर के तुर्कपट्टी थाना के सोहाग गांव की अर्पिता यादव से 2 जून 2017 को प्रद्मुन्न की शादी हुई थी। शादी के बाद पत्नी करीब तीन महीने ससुराल में रही। उसके बाद अधिकतर समय पति के साथ हरियाणा में रही। वर्ष 2020 में दोनों के बीच विवाद हुआ और मामला न्यायालय में पहुंच गया। दोनों से पांच साल की एक बेटी है, जो मां के साथ रहती है।
पत्नी ने किया था केस
प्रद्युम्न की पत्नी अर्पिता ने दहेज उत्पीड़न और भरण-पोषण से संबंधित मुकदमा किया था। पारिवारिक न्यायालय पडरौना में केस विचाराधीन है। इस मामले में 12 मई को तारीख लगी थी, लेकिन उस दिन फैसला नहीं हो पाया। अगली सुनवाई 21 जुलाई तको थी। प्रद्युम्न को बार-बार छुट्टी लेकर आने में दिक्कत हो रही थी, जिससे वह अवसाद में था।
पत्नी के उत्पीड़न से हारा हूं.... समय नहीं था जाने का
‘मेरे मरने का समय नहीं, पर पत्नी के अत्याचार से जीने की इच्छा भी नहीं। मुझे कोई यह न कहे कि मैं बेसमय मर गया। बड़े भाई, मां-बाप को एहसास न होने देना कि उसका एक बेटा नहीं है। हर मां-बाप की उम्मीद होती है कि बेटा बुढ़ापे का सहारा बने, लेकिन पत्नी के दिए दुख के आगे उनका दुख भूल गया।’ यह कहते हुए प्रद्युम्न ने खुदकुशी कर ली। मरने से पहले बनाए गए वीडियो में उसने वह फंदा भी दिखाया, जिससे लटककर खुदकुशी की। कहा कि यह उसका आखिरी सहारा है। खुदकुशी से पहले प्रद्युम्न ने 1.46 मिनट के वीडियो में अपना दर्द बयां किया। उसने कहा कि हार गया जिंदगी से। इसकी वजह कोई और नहीं बल्कि उसकी पत्नी है। वह जिसने नई जिंदगी की शुरुआत के लिए हाथ थामा था। उसने दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराया और फिर वह टूटता चला गया। इस कदर टूटा कि उसने अपनी जिंदगी ही समाप्त कर ली।
वीडियो में उसने मां-बाप की जिम्मेदारियों के लिए माफी मांगी और बड़े भाई से कहा कि वह कभी एहसास न होने दे कि उनका एक बेटा नहीं है। उसका वीडियो परिचितों ने सोशल मीडिया पर देखा तो पुलिस को सूचना दी। कई दोस्त पुलिस को फोन करके फफक रहे थे और बचाने की गुहार लगा रहे थे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।




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