यूपी विधानसभा में मंत्री बोले, किसी भी खेल में हाथ आजमा लो, स्पीकर महाना ने भी ली खूब चुटकी
यूपी विधानसभा में आज सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच खेल में हाथ आजमाने तक की चर्चा हो गई। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने भी इस पर खूब चुटकी ली। खेल मंत्री ने कहा कि किसी भी खेल में हाथ आजमा लो...। इस पर स्पीकर महाना ने भी खूब चुटकी ली।

यूपी विधानसभा बजट सत्र में गुरुवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच खेल को लेकर खूब चुहलबाजी हुई। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच खेल में हाथ आजमाने तक की चर्चा हो गई। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने भी इस पर खूब चुटकी ली। खेल मंत्री ने कहा कि किसी भी खेल में हाथ आजमा लो...।
हुआ यूं कि सपा सदस्य सचिन यादव ने खेल बजट की चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने खेल को बढ़ावा देने के लिए बजट में पर्याप्त इंतजाम नहीं किए हैं। सपा सदस्य कमाल अख्तर ने कहा कि मंत्री बनाते वक्त ध्यान देना चाहिए कि वह उस क्षेत्र का अनुभवी हो। खासकर खेल मंत्री उसे बनाया जाए जो खिलाड़ी हो। खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव जवाब देने के लिए उठे तो उन्होंने कहा कि वह भी खिलाड़ी रहे हैं। हाकी, क्रिकेट और कबड्डी आदि खेलते रहे हैं। इस पर कमाल अख्तर ने कहा तो ठीक है, हमारे और आपके बीच क्रिकेट हो जाए, फिर आवाज आई अरे नहीं भाई कबड्डी हो जाए। इस पर दोनों पक्षों में खूब हंसी मजाक हुए।
इससे पहले विधानसभा में गुरुवार को समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने प्रदेश की खराब कानून-व्यवस्था और सरकार द्वारा दिए गए जवाब से असंतुष्ट होकर सदन का बर्हिगमन किया। सपा सदस्यों ने कहा कि कार्यस्थगन प्रस्ताव के तहत प्रयागराज में बच्चों की मौत और मेरठ में मां की हत्या और बेटी को अगवा करने के मामले में सरकार से जवाब मांगा है, लेकिन सही जवाब न देकर एनसीआरबी के आंकड़े गिनाए जाने से असंतुष्ट सपा सदस्यों ने इसका विरोध किया।
भाजपा सदस्य सिद्धार्थनाथ सिंह ने आपत्ति जताई
प्रयागराज में चार बच्चों की हत्या के मामले पर भाजपा सदस्य सिद्धार्थनाथ सिंह ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि ये उनके विधानसभा क्षेत्र का मामला है और सपा सदस्य द्वारा तोड़-मरोड़ कर तथ्य पेश किया जा रहा है। संसदीय कार्य एवं वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था में सुधार हुआ है। एनसीआरबी के 2023 के आंकड़ों में यूपी अन्य राज्यों की अपेक्षा अपराध कम हुए हैं। एससी व एसटी हत्या और बलात्कार के मामलों में कमी आई है। महिलाओं के प्रति अपराधों में भी कमी आई है।
उन्होंने कहा कि प्रयागराज में चारों बच्चों की मौत पानी में डूबने से हुई है। उनके परिजनों को सरकार की ओर से चार-चार लाख रुपये आर्थिक मुआजवा दिया जा चुका है। सपा सदस्य जिस पप्पू सोनकर की सपा बात कर रहे हैं वह बी श्रेणी का अपराधी था। उसके ऊपर 31 मुकदमें थे और उसकी मौत हार्टअटैक से हुई है। सपा सदस्यों ने कहा गया सरकार जवाब देने के बजाय गुमराह कर रही है और उन्होंने नारेबाजी करते हुए बर्हिगमन किया।
अतुल प्रधान ने मेरठ का मामला उठाया
सपा सदस्य रागनी सोनकर ने नियम-56 के तहत प्रयागराज पूरामुफ्ती में सोनकर समाज के चार बच्चों की मौत पर सरकार का जवाब चाहा। इनकी मौत ऐसे गड्ढे में डूब कर हुई, जहां कहने भर को पानी है। इनके परिजनों ने इस मामले में जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि स्थिति यह है कि पुलिस ही एफआईआर कर रही है और वही सजा सुना रही है। सरकार मिट्टी में मिलाने की बात कर रही है। उनके बाद सपा सदस्य अतुल प्रधान ने मेरठ का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि उनके ही विधानसभा क्षेत्र सरधना में मां की हत्या और बेटी का अपहरण कर लिया जाता है। क्षेत्र के विधायक होने के बाद भी उन्हें पीड़ित परिजनों से मिने नहीं दिया जाता है।




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