चुनावी साल में 400 करोड़ से छात्राओं को मिलेगी स्कूटी, यूपी बजट में महिलाओं के लिए और क्या-क्या?
यूपी में चुनावी साल में 400 करोड़ से छात्राओं को स्कूटी की चॉबी दी जाएगी। आइए आपको बताते हैं कि योगी सरकार के बजट में महिला के लिए प्रदेश के नगर निगमों में वर्किंग वूमेन हॉस्टल का निर्माण, सुरक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार और क्या- क्या हैं?

यूपी की योगी सरकार बुधवार को विधानसभा में अपना दसवां बजट पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने राज्य विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 9.13 लाख करोड़ रुपये का बजट बुधवार को पेश किया जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में करीब 12.2 प्रतिशत अधिक है। उच्च शिक्षण संस्थान की मेधावी छात्राओं को रानी लक्ष्मी बाई स्कूटी योजना के तहत मुफ्त स्कूटी दी जानी है। पिछले साल के बजट में सरकार ने 400 करोड़ रुपये की व्यवस्था की थी लेकिन वह खर्च नहीं हो पाई। अब वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव व इस साल होने वाले पंचायत चुनाव को देखते हुए 400 करोड़ रुपये खर्च कर छात्राओं को स्कूटी की चाबी सौंपने की तैयारी है। सरकार इसके लिए बजट बढ़ा भी सकती है। वहीं माध्यमिक स्कूलों में पढ़ रहीं छात्राओं को मुफ्त सैनेटरी नैपकीन दी जाएगी। सरकार ने इसके लिए 300 करोड़ रुपये की व्यवस्था बजट में की है। छात्राओं को माहवारी होने पर विद्यालय में ही उन्हें निश्शुल्क सैनेटरी नैपकीन देने की व्यवस्था होगी।
आइए आपको बताते हैं कि योगी सरकार के बजट में महिला के लिए प्रदेश के नगर निगमों में वर्किंग वूमेन हॉस्टल का निर्माण, सुरक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार और क्या- क्या हैं?
महिलाओं पर जोर
-महिला गन्ना किसानों को पर्ची निर्गमन में प्राथमिकता दी जा रही है जिसका लाभ प्रदेश की लगभग 60,000 महिला गन्ना किसानों को मिल रहा है।
-सेफ सिटी परियोजना के अन्तर्गत महिला पुलिस बीट, व्यापक सी.सी.टी.वी. नेटवर्क और एण्टी रोमियों स्क्वाड की तैनाती से सार्वजनिक स्थलों और कार्य स्थलों पर सुरक्षा सुनिश्चित हुई है।
- सेफ सिटी की अवधारणा को मूर्तरूप देने व कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा व नये शहरों में एक उचित निवास स्थान उपलब्ध कराये जाने के उद्देश्य से प्रदेश के नगर निगमों में वर्किंग वूमेन हॉस्टल का निर्माण किया जा रहा है।
-मिशन शक्ति के अन्तर्गत सुरक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार सेवाओं के एकीकरण से महिलाओं की आत्मनिर्भरता और सामाजिक सहभागिता को नई गति मिलती है।
- मुख्यमंत्री सुमंगला योजना के अन्तर्गत जनवरी, 2026 तक 26.81 लाख बालिकाएं लाभान्वित हुई हैं।
-वित्तीय वर्ष 2025-2026 में 58,000 ग्राम पंचायतों में 39,880 बीसी सखी द्वारा 39,000 करोड़ रूपये से अधिक का वित्तीय लेन-देन करते के लिए लगभग 107 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया गया। महिला सामर्थ्य योजना के अन्तर्गत प्रदेश में 5 मिल्क प्रोडयूसर कम्पनियों का गठन होना था जिसके सापेक्ष जनपद गोरखपुर, बरेली एवं रायबरेली में कम्पनियों का गठन करने दुग्ध संग्रहण एवं विपणन का कार्य प्रारम्भ हो गया है। जनपद प्रयागराज एवं लखनऊ में कम्पनियों का गठन प्रस्तावित है।
इस बजट में पूंजीगत परिव्यय 19.5 प्रतिशत
इसे राज्य में अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की 18वीं विधानसभा का आखिरी पूर्ण बजट माना जा रहा है। इस बजट में सरकार ने रोजगार, अवस्थापना विकास और चिकित्सा स्वास्थ्य समेत विभिन्न मदों को खास तवज्जो दी है। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने पूर्वाह्न 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने पर बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत 9.13 लाख करोड़ रुपये का बजट पिछले वर्ष के मुकाबले करीब 12.2 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि इस बजट में पूंजीगत परिव्यय 19.5 प्रतिशत है। केंद्र सरकार द्वारा स्वीकार की गई 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटे की सीमा तीन प्रतिशत निर्धारित की गई है। यह सीमा 2030-31 तक प्रभावी रहेगी।




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