जैश-ए-मोहम्मद से ट्रेनिंग, सहारनपुर को बनाया ठिकाना, आतंकी डॉ. अदील के लैपटॉप में कई क्लू
दिल्ली ब्लास्ट के सुरक्षा एजेंसियों की जांच तेजी चल रही है। सहारनपुर के पकड़े गए आतंकी डॉक्टर अदील के मोबाइल फोन से मिली व्हाट्सएप चैट और लैपटॉप से श्रीनगर पुलिस को कई अहम क्लू मिले हैं। डॉ.अदील जैश-ए-मोहम्मद से ट्रेनिंग लेकर आया था और सहारनपुर को सुरक्षित ठिकाना बनाया था।

दिल्ली धमाके बाद सुरक्षा एजेंसियों की जांच चल रही है। इस बीच सहारनपुर के अंबाला रोड स्थित फेमस मेडिकेयर अस्पताल से पकड़े गए आतंकी डॉक्टर अदील के मोबाइल फोन से मिली व्हाट्सएप चैट और लैपटॉप से श्रीनगर पुलिस को कई अहम क्लू मिले हैं। इसी आधार पर दावा किया जा रहा है कि अनंतनाग के मौलवी इरफान ने ही डॉ.अदील को जैश-ए-मोहम्मद से ट्रेनिंग दिलवाकर सहारनपुर भेजा था।
सूत्रों के मुताबिक यूपी एटीएस को भी लगातार कई अहम इनपुट मिल रहे हैं। इसी की कड़ी से कड़ी जोड़कर कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा रहा है। अनंतनाग निवासी मौलवी इरफान जैश-ए-मोहम्मद का सक्रिय सदस्य है। उसने ही डॉ. अदील को जैश-ए-मोहम्मद से जोड़ा था और उसको ट्रेनिंग भी दिलवाई थी। ट्रेनिंग लेकर डॉ. अदील सहारनपुर आ गया था। उसने पहले दिल्ली रोड स्थित एक निजी अस्पताल में नौकरी की। इसके पश्चात अंबाला रोड स्थित फेमस अस्पताल में नौकरी की है।
डॉ. अदील ने सहारनपुर को सुरक्षित ठिकाना बना लिया था। डॉ. अदील के कई करीबियों के वेस्ट यूपी में छिपे होने की सूचनाएं भी मिली हैं। ऐसे लोगों की पहचान के लिए स्थानीय पुलिस की भी मदद ली जा रही है। इनपुट की पुष्टि होते ही जम्मू-कश्मीर पुलिस छापेमारी भी कर सकती हैं। इस पूरी कार्रवाई को खुफिया एजेंसियों से लेकर स्थानीय पुलिस पूरी तरह से गोपनीय रख रही है।
डॉ. अदील के बारे में सूचना न देने पर अस्पतालों से भी होगा जवाब तलब
डॉ. अदील की ज्वाइनिंग और फिर गिरफ्तारी के बारे में स्वास्थ्य विभाग को सूचना न देने के मामले में फेमस अस्पताल से भी जवाब मांगा जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग इसके लिए अस्पताल प्रबंधन को नोटिस देने की तैयारी कर रहा है। बताया जा रहा है कि ऐसे संवेदनशील मामले में लापरवाही पर सख्ती भी की जा सकती है।
बता दें कि अंबाला रोड स्थित फेमस मेडिकेयर अस्पताल ने अपने फिजिशियन डॉ.अदील की ज्वाइनिंग की जानकारी भी पंजीकरण के समय स्वास्थ्य विभाग को नहीं दी थी। यही चूक वी ब्रॉस अस्पताल ने भी की थी। सीएमओ डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि डॉ. अदील पहले वी ब्रॉस अस्पताल और बाद में फेमस अस्पताल में कार्यरत था। दोनों ही अस्पतालों ने डॉक्टर की नियुक्ति आदि की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को नहीं दी थी, जो नियमों का उल्लंघन है। डॉ.अदील की गिरफ्तारी की औपचारिक जानकारी भी प्रबंधन द्वारा विभाग को नहीं दी गई। दोनों अस्पतालों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा अगर जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है।




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