रुतबा दिखाने के लिए युवक बना फर्जी दरोगा, रिश्ता पक्का करने पहुंचा तो पकड़ा गया, गिरफ्तार
वर्दी पहनकर सहारनपुर में रिश्ता पक्का कराने आए फर्जी दरोगा को शक होने पर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान कासिम निवासी ग्राम जशनपुर, बरेली के रूप में हुई है।

Saharanpur News: वर्दी पहनकर सहारनपुर में रिश्ता पक्का कराने आए फर्जी दरोगा को शक होने पर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान कासिम निवासी ग्राम जशनपुर, बरेली के रूप में हुई है। कासिम खुद को 2023 बैच का दरोगा बताकर लोगों को गुमराह कर रहा था, साथ ही सहारनपुर में तैनाती का दावा कर रहा था।
पीलीभीत से युवती का परिवार कासिम को देखने सहारनपुर पहुंचा था। शादी की बातचीत चल रही थी और कासिम ने लड़की पक्ष से पुलिस में नौकरी और सहारनपुर में तैनाती की बात कही थी। गुरुवार को कलक्ट्रेट के बाहर वर्दी में घूम रहे कासिम को देख वहां मौजूद दरोगा अमित को शक हुआ। उन्होंने कासिम से उसका नंबर, तैनाती और विभागीय जानकारी पूछी, लेकिन वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।
पूछताछ में खुली फर्जी दरोगा की पोल
शक गहराने पर दरोगा अमित ने थाना सदर बाजार पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। पूछताछ में कासिम ने कबूल किया कि उसका पुलिस में चयन नहीं हुआ था और न ही वह किसी ट्रेनिंग पर गया है। उसने लड़की पक्ष पर झूठा रुतबा दिखाने के लिए दरोगा की वर्दी पहन ली। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीलीभीत से रिश्ता देखने आया था परिवार
सूत्रों के मुताबिक युवती का परिवार पीलीभीत से सहारनपुर पहुंचा था। वह पहले कलियर स्थित पीर बाबा की मजार गए थे और लौटते समय कासिम से मिलने का कार्यक्रम बनाया था, लेकिन उनके सहारनपुर पहुंचते ही फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया।
बार-बार नौकरी के बारे में पूछने पर बन गया फर्जी दरोगा
कुछ दिन पहले इसी तरह का एक मामला प्रयागराज से भी सामने आया था। एसएसपी की तैयारी कर रहा एक प्रतियोगी छात्र नौकरी के बारे में पूछने से परेशान होकर उसने आरपीएफ दरोगा की वर्दी पहन ली थी। फर्जी दरोगा बनकर परिजनों को संगम में स्नान कराया और परिजनों को झांसा देने के लिए जंक्शन पर ड्यूटी भी करने लगा था लेकिन जीआरपी के हत्थे चढ़ गया था। फर्जीवाड़े के आरोप में प्रयागराज जीआरपी ने फर्जी दरोगा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। आरपीएफ इंस्पेक्टर अमित मीना और जीआरपी इंस्पेक्टर एके सिंह ने बताया था कि गाजीपुर जिले के रेंगा गांव निवासी दीनानाथ एक सरकारी कर्मचारी हैं। उनका बेटा दिव्यांशु एसएसपी की तैयारी कर रहा था।प्रयागराज जंक्शन पर प्लेटफार्म नंबर एक पास से आरपीएफ के फर्जी दरोगा बनने के आरोप में दिव्यांशु पकड़ा गया। उसने दरोगा की वर्दी पहन रखी थी। उस पर स्टार लगा था। उसके पास से 650 रुपये, आधार कार्ड व एटीएम कार्ड बरामद हुआ था।




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