आठ घंटे में तीन एनकाउंटर: यूपी के इस जिले में पुलिस और बदमाशों के बीच तड़तड़ाईं गोलियां
यूपी में अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत पुलिस का एक्शन जारी है। आजमगढ़ में पुलिस का 8 घंटे के भीतर तीन अलग-अलग स्थानों पर एनकाउंटर हुआ। इसमें दोनों तरफ से चली गोली के बाद तीन शातिर बदमाशों को गोली मारकर पकड़ा गया है।

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में अपराध और अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई तीन मुठभेड़ों में हत्या के प्रयास, लूट और गोवध जैसे गंभीर अपराधों में शामिल तीन बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दिलचस्प बात यह है कि ये तीनों मुठभेड़ें महज 8 घंटे के अंतराल में हुईं, जिससे अपराधियों में हड़कंप मच गया है।
पहली मुठभेड़: रंजिश में फायरिंग करने वाला 'अनार' ढेर
मुठभेड़ का सिलसिला 28 मार्च की रात करीब 9 बजे थाना तरवां क्षेत्र से शुरू हुआ। पुलिस को सूचना मिली कि पूर्व रंजिश में एक टैम्पू चालक पर जानलेवा हमला करने वाला शातिर अपराधी रमेश यादव उर्फ अनार यादव बहलोलपुर गांव के पास छिपा है। घेराबंदी होते देख बदमाश ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली रमेश के पैर में लगी, जिसके बाद उसे दबोच लिया गया। अनार यादव पर ग्राम सिंहपुर के रहने वाले श्याम नारायण मौर्य पर जानलेवा हमला करने का आरोप था और वह घटना के बाद से ही फरार चल रहा था।
दूसरी मुठभेड़: लूट और चोरी का शातिर अभियुक्त गिरफ्तार
अभी पहली मुठभेड़ की चर्चा शांत भी नहीं हुई थी कि 28 और 29 मार्च की मध्यरात्रि कोतवाली नगर पुलिस की मोहती घाट क्षेत्र में बदमाशों से भिड़ंत हो गई। यहां पुलिस ने अंतर्जनपदीय शातिर लुटेरे धर्मेंद्र सिंह उर्फ अभिषेक सिंह को घेर लिया। खुद को घिरता देख धर्मेंद्र ने पुलिस पर गोलियां चलाईं, लेकिन आत्मरक्षार्थ की गई फायरिंग में वह घायल हो गया। धर्मेंद्र पर शिवाजी नगर में एक व्यक्ति से मारपीट कर लैपटॉप, मोबाइल और बैग लूटने का मुकदमा दर्ज था। पुलिस ने उसके पास से चोरी का माल और अवैध असलहा बरामद किया है।
तीसरी मुठभेड़: गोतस्करी के सिंडिकेट का पर्दाफाश
कार्रवाई का तीसरा दौर 29 मार्च की सुबह करीब 4 बजे थाना गंभीरपुर क्षेत्र में देखने को मिला। रोहुआ मुस्तफाबाद इलाके में पुलिस और गोतस्करों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें वांछित अपराधी शादाब अहमद घायल अवस्था में पकड़ा गया। पूछताछ में शादाब ने कुबूल किया कि वह अपने भाइयों सरफराज और रईश के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह चलाता है, जो प्रतिबंधित पशुओं का वध कर उनके मांस की अवैध तस्करी करता है।
इन तीनों ही मामलों में पुलिस ने साहस और तत्परता का परिचय दिया। एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि जिले में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है और इस तरह का अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा। घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।




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