एक साथ खत्म हो गईं 3 जिंदगियां; बेटा-बेटी और पिता की सड़क हादसे में मौत, मंदिर दर्शन को जा रहे थे
पत्नी की जिद के चलते महीपाल अपने पुत्र, पुत्री व पत्नी सहित चारों एक ही बाइक पर सवार होकर चल दिए। जैसे ही गांव के बहार पहुंचे तो अनियंत्रित स्कूल बस ने बाइक में टक्कर मार दी। परिवार कि मौत कि खबर से बुजुर्ग ओमप्रकाश व शिवम का रो रोकर बुरा हाल है।

मुजफ्फरनगर में बुधवार को सड़क हादसे में बेटे-बेटी और पिता की मौत से कोहराम मच गया, जबकि मां गंभीर रूप से घायल है। बाइक में टक्कर मारने के बाद स्कूली बस भी खेत में उतर गई, जिससे उसमें सवार छात्राओं में चीख-पुकार मच गई। राहगीरों ने शीशे तोड़कर 20 छात्राओं को बस से बाहर निकाला। पुलिस ने चालक को हिरासत में ले लिया। तितावी थाना क्षेत्र के गांव हैदरनगर निवासी पपीन उर्फ महीपाल (45 वर्ष) बाइक से पत्नी पूनम, पुत्र अभि (आठ वर्ष) और पुत्री राधिका (12 वर्ष) के साथ बघरा स्थित माता मंदिर दर्शन के लिए जा रहे थे। गांव के बाहर रजवाहा पटरी के पास सामने से आ रही कल्याणकारी कन्या इंटर कॉलेज की बस ने उनकी बाइक में सामने से टक्कर मार दी।
एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या
टक्कर लगते ही बाइक सवार चारों लोग सड़क पर जा गिरे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों और राहगीरों की मदद से घायलों को बघरा सीएचसी भिजवाया। जहां चिकित्सकों ने महीपाल उसके पुत्र अभि, और बेटी राधिका को मृत घोषित कर दिया। तितावी पुलिस ने बस चालक सुरेंद्र निवासी काजीखेड़ा तितावी को हिरासत में ले लिया है। जबकि बस में सवार कल्याणकारी कन्या इंटर कॉलेज की 20 से अधिक छात्राएं बाल-बाल बच गई। एक साथ तीन जिंदगियां बुझ गई, जिससे परिवार में कोहराम मच गया।
पत्नी की जिद पर मंदिर दर्शन को गए थे
हैदर नगर निवासी महिपाल गांव में ही निजी देशी चिकित्सक थे। बड़ा बेटा शिवम बुधवार प्रातः ढिंढावली स्थित स्कूल में पढ़ने चला गया। पत्नी पूनम ने जिद की वजह से बघरा पुराने बस स्टैंड स्थित चैत्र चतुदर्शी को माता मंदिर में दर्शन करने जा रहे थे। मान्यता है माता मंदिर में दर्शन करने से मुराद पूरी होती है। पत्नी की जिद के चलते महीपाल अपने पुत्र, पुत्री व पत्नी सहित चारों एक ही बाइक पर सवार होकर चल दिए। जैसे ही गांव के बहार पहुंचे तो अनियंत्रित स्कूल बस ने बाइक में टक्कर मार दी। परिवार कि मौत कि खबर से बुजुर्ग ओमप्रकाश व शिवम का रो रोकर बुरा हाल है।
स्कूली वाहन चालक की जांच
एआरटीओ प्रवर्तन सुशील कुमार मिश्रा का कहना है गाड़ियों की फिटनेस के लिए बिजनौर के किरतपुर में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन बना हुआ है। अब वाहनों की फिटनेस मैनुअल बंद हो गई है और एटीएस से फिटनेस हो रही है। उक्त स्थान जनपद से काफी दूर है। जिस कारण चालक, वाहन स्वामी फिटनेस कराने के लिए नहीं पहुंच रहे हैं। उक्त स्कूली वाहन के फिटनेस की जांच कराई जा रही है। यदि चालक स्वस्थ तो वह अपना मेडिकल कराते हुए लाइसेंस नवीनीकरण करा कर वाहन चला सकता है। इसके लिए आयु 18 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए। स्कूली वाहन चालक के पास ड्राइविंग लाइसेंस है या नहीं इसकी भी जांच कराई जा रही है।




साइन इन