अलकायदा के 3 आतंकियों को उम्रकैद की सजा, 15 अगस्त पर लखनऊ को दहलाने की थी साजिश
बड़े आतंकी हमले की साजिश रचने के मामले में एनआईए कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। अलकायदा से जुड़े संगठन अंसार गजवातुल हिन्द के तीन आरोपियों—मुशीरुद्दीन, मिनहाज और तौहीद को दोषी करार देते हुए अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

UP News: देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने और उत्तर प्रदेश में ब्लास्ट करने के लिए हथियार और विस्फोटक एकत्र करने का षड्यंत्र रचने के आरोपी अलकायदा के सहयोगी संगठन अंसार गजवातुल हिन्द (एजीएच) के आतंकी मुशीरुद्दीन, मिनहाज और तौहीद को दोषी करार देते हुए एनआईए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश जैनेन्द्र कुमार पांडेय ने आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है।
कोर्ट ने दोषी मिनहाज और मुशीरुद्दीन को सजा के अलावा 1.42 लाख रुपये तथा दौहीद को 85 हजार के जुर्माने से दंडित किया है। इस मामले में एनआईए ने 42 गवाहों, 149 दस्तावेज तथा 109 वस्तुओं को भी कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य तथा गवाहों के बयान के आधार पर तीनों को दोषी करार दिया। कोर्ट ने आदेश दिया है कि सभी सजाएं साथ चलेंगी तथा जेल में बिताई गई अवधि इस सजा में समायोजित की जाएगी।
पुलिस ने तीनों को जिला कारागार से कड़ी सुरक्षा के बीच पेश किया था। सजा के बाद हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। मुसीरुद्दीन लखनऊ के सीतापुर रोड स्थित फातिमा नगर मोहिबुल्लापुर, मिनहाज अदनानपल्ली रिंग रोड दुबग्गा तथा तौहीद अहमद उर्फ सोबू शाह जम्मू कश्मीर के अकबर कॉलोनी, अरिबाग, मॉनछोआ थाना छदूरा का निवासी है।
उमर हेलमंडी ने मिनहाज को भर्ती किया था
एनआईए की ओर से विशेष लोक अभियोजक एमके सिंह ने बताया कि एटीएस के इंस्पेक्टर सुशील कुमार सिंह ने एटीएस थाने में 11 जुलाई 2021 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक एटीएस को सूचना मिली थी कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान बॉर्डर से आतंकवादी गतिविधियां संचालित करने वाले अलकायदा के आतंकी उमर हेलमण्डी ने भारत में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए संगठन में सदस्यों की भर्ती करने के निर्देश दिए हैं।
इस पर जम्मू कश्मीर में सक्रिय अलकायदा के आतंकी ने आरोपी मिनहाज से ऑनलाइन संपर्क किया और अलकायदा के सहयोगी संगठन अंसार गजवातुल हिन्द के लिए मिनहाज की भर्ती की। मिनहाज ने मुशीरुद्दीन को उत्तर प्रदेश में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए भर्ती किया। मिनहाज और मुशीर ने धमाके कर भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए हथियार, बम एकत्र किए और धमाकों के स्थान को चिह्नित किया। आरोपी शकील, मोहम्मद मुस्तकीम और मोहम्मद मोईद भी इस साजिश में शामिल थे। विवेचना के दौरान सुरक्षा एजेंसी ने तौहीद को गिरफ्तार किया था।
दुबग्गा स्थित घर से बरामद हुआ था विस्फोटक
मिनहाज अहमद ने घटना को अंजाम देने के लिए मोहम्मद मोईद से एक अवैध पिस्टल और चार जिंदा कारतूस लिया था। 11 जुलाई 2021 को एटीएस ने दुबग्गा-काकोरी स्थित मिनहाज के घर पर छापा मारकर भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, एक पिस्टल और कुकर बम बरामद किया था। इसके बाद मिनहाज अहमद और मुशीरुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ में मोहम्मद मोईद और शकील के नाम भी सामने आए।
गणतंत्र दिवस पर विस्फोट की योजना थी
आतंकी संगठन उत्तर प्रदेश, विशेषकर लखनऊ में युवाओं की भर्ती कर बड़े हमले की साजिश रच रहा था। राम मंदिर फैसले से नाराज होकर 15 अगस्त 2021 को भीड़भाड़ वाले इलाकों और संवेदनशील प्रतिष्ठानों पर विस्फोट करने की योजना थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एनआईए को सौंप दी गई। एनआईए ने 29 जुलाई 2021 को दूसरी रिपोर्ट दर्ज कर विस्तार से विवेचना शुरू की। जांच में सामने आया कि पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा से संचालित आतंकी नेटवर्क भारत में हमलों की साजिश रच रहा था और इसके लिए स्थानीय युवाओं को जोड़ा जा रहा था।
जांच में यह भी सामने आया कि मिनहाज, मुशीरुद्दीन और शकील ने लखनऊ सहित प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर हमले की योजना बनाई थी। इसके लिए हथियार और विस्फोटक पदार्थ इकट्ठा किए थे और संभावित ठिकानों की रेकी भी की गई थी। इस साजिश में शकील, मुस्तकीम और मोहम्मद मोईद की भूमिका भी पाई गई। एटीएस ने कार्रवाई करते हुए सबसे पहले मिनहाज और मुशीरुद्दीन को गिरफ्तार किया था और उनके पास से भारी मात्रा में हथियार व विस्फोटक बरामद किए थे। बाद में साक्ष्यों के आधार पर अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया।




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