Those making fake Ayushman cards in UP will be charged with gangster and properties will be confiscated यूपी में फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाने और अप्रूवल देने वालों पर लगेगा गैंगस्टर, कुर्क होंगी संपत्तियां, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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यूपी में फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाने और अप्रूवल देने वालों पर लगेगा गैंगस्टर, कुर्क होंगी संपत्तियां

यूपी में फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाने और अप्रूवल देने वालों पर बड़ी कार्रवाई होने जा रही है। ऐसे लोगों पर गैंगस्टर की कार्रवाई होने जा रही है। इन लोगाें की संपत्तियां कुर्क की जाएंगी।

Mon, 29 Dec 2025 02:50 PMDeep Pandey लाइव हिन्दुस्तान
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यूपी में फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाने और अप्रूवल देने वालों पर लगेगा गैंगस्टर, कुर्क होंगी संपत्तियां

यूपी में फर्जी दस्तावेज से आयुष्मान कार्ड बनाने वाले जालसाजों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई होगी। इसके साथ ही एसटीएफ पुलिस गिरोह के सरगना प्रतापगढ़ निवासी चंद्रभान, एजेंसी के अफसरों और कल्याण सिंह कैंसर संस्थान के आयुष्मान मित्र रंजीत की संपत्तियों का ब्योरा जुटा रही है। अपराध की कमाई से बनी संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई भी होगी।

अपात्रों के कार्डों का अप्रूवल करने वाली इंप्लीमेंटेशन सपोर्ट एजेंसी (आईएसए) के अफसर बाराबंकी के सौरभ मौर्या, सुजीत कनौजिया, पूर्व अफसर विश्वजीत और स्टेट हेल्थ एजेंसी (एसएचए-पीएमजेवाई) के अधिकारी व कैंसर संस्थान के रंजीत सिंह व अन्य के पास से बरामद इलेक्ट्रानिक गैजेट्स से अहम जानकारियां मिली हैं। उसके आधार पर अब जेल गए एजेंसी के अफसरों और कैंसर संस्थान के कर्मी के करीबी एसटीएफ की रडार पर हैं। एसटीएफ उनके संबंध में साक्ष्य संकलन कर रही है। जल्द ही एसटीएफ इन संदिग्धों से पूछताछ करेगी। प्राथमिक जांच में गिरोह द्वारा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर चार हजार से अधिक अपात्रों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने की पुष्टि हुई थी।

अपात्रों का इलाज करने वाले अस्पतालों का मांगा ब्योरा :

एसटीएफ ने एजेंसी से अपात्रों के कार्डों पर इजाल करने वाले अस्पतालों का ब्योरा मांगा है। यह इसके बाद ब्योरे के अधार पर यह डेटा जुटाएगी कि किन अस्पतालों को सरकारी कोष से कितना भुगतान हुआ? अस्पतालों के कर्मियों की भूमिका की भी एसटीएफ पड़ताल कर रही है। भूमिका मिलने पर उन्हें भी आरोपी बनाएगी।

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अपर पुलिस अधीक्षक एसटीएफ विशाल विक्रम सिंह ने बताया कि जेल भेजे गए जालसाजों के पास से बरामद इलेक्ट्रानिक गैजेट्स से गिरोह के बारे में अहम जानकारियां मिली हैं। उसके आधार पर संस्थान और एजेंसी के अन्य अफसरों से पूछताछ की जाएगी। एजेंसी से अस्पतालों का ब्योरा मांगा गया है।

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