कमिश्नर ने पकड़ा एलडीए इंजीनियर का झूठ, बिठाई जांच; सख्त कार्रवाई की भी तैयारी
कमिश्नर विजय विश्वास पंत ने खुद लखनऊ विकास प्राधिकरण के एक अभियंता का झूठ और फर्जीवाड़ा पकड़ लिया है। उन्होंने मामले की जांच अपर आयुक्त प्रशासन को सौंप दी है।

लखनऊ विकास प्राधिकरण में लंबे समय से चल रही इंजीनियरों की मनमानी और फर्जी रिपोर्ट भेजने पर अब सख्ती शुरू हो गई है। कमिश्नर विजय विश्वास पंत ने खुद एक अभियंता का झूठ और फर्जीवाड़ा पकड़ लिया है। उन्होंने मामले की जांच अपर आयुक्त प्रशासन को सौंप दी है। इसके अलावा मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायतों का झूठा निस्तारण, अवैध निर्माण पर कार्रवाई से बचने के लिए फर्जी मेडिकल रिपोर्ट और शासन को गुमराह करने वाली सूचनाओं के कई मामले सामने आने के बाद अधिकारी सख्त कार्रवाई की तैयारी में हैं।
मुख्यमंत्री पोर्टल पर झूठा निस्तारण
एलडीए के अवर अभियंता आशीष श्रीवास्तव पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि उन्होंने अवैध निर्माण से जुड़े एक मामले में शासन को झूठी और भ्रामक रिपोर्ट भेजी। मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत का ऐसा निस्तारण दिखाया गया, जो जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाता। मामला संज्ञान में आने के बाद कमिश्नर विजय विश्वास पंत ने ने इसे गंभीर प्रशासनिक चूक मानते हुए अपर आयुक्त प्रशासन को जांच सौंप दी है। 15 दिन के भीतर जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
स्किन के डॉक्टर की मेडिकल रिपोर्ट से अवैध बिल्डिंग बचाने में पकड़े गए
एक अन्य मामले में अवैध निर्माण पर कार्रवाई से बचने के लिए मेडिकल अवकाश का सहारा लेने का आरोप सामने आया है। एलडीए के जोन-दो के जोनल अधिकारी विराग करवरिया ने प्राधिकरण उपाध्यक्ष को भेजी रिपोर्ट में अवर अभियंता दिनेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, निर्धारित 275 अवैध निर्माणों के ध्वस्तीकरण के आदेशों में से केवल 180 का ही अनुपालन किया गया। उन्होंने खुद तीन अवैध निर्माण निरीक्षण कर चिन्हित किए थे। इनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे, लेकिन एक सप्ताह तक कोई नोटिस तक जारी नहीं किया गया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एक सप्ताह बाद अवर अभियंता ने अचानक चर्म रोग विशेषज्ञ का पर्चा लगाकर मेडिकल अवकाश दाखिल कर दिया। आरोप है कि यह मेडिकल केवल अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई से बचने के लिए लगाया गया। जोनल अधिकारी ने संबंधित जूनियर इंजीनियर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
तीसरे अभियंता की खुद वीसी पकड़ चुके हैं झूठी रिपोर्ट
इसी कड़ी में एक तीसरे अभियंता द्वारा भी झूठी रिपोर्ट लगाए जाने का मामला सामने आया, जिसे खुद प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ने पकड़ लिया। उनके निर्देश पर कराई गई जांच में यह खुलासा हुआ है कि जूनियर इंजीनियर हेमंत वर्मा ने सीएम कार्यालय के आईजीआरएस पोर्टल पर झूठी रिपोर्ट भेजी थी। संयुक्त सचिव सुशील प्रताप सिंह द्वारा की गई जांच में सामने आया कि थाना मड़ियांव क्षेत्र के ग्राम भिठौली खुर्द, नाग मंदिर रोड पर स्थित एक भूखंड पर बिना मानचित्र स्वीकृत कराए निर्माण किया गया। शिकायत निस्तारण के दौरान जूनियर इंजीनियर ने रिपोर्ट लगाई कि निर्माण केवल 1000 वर्ग फीट में हुआ है, जबकि वास्तविकता इससे कहीं अधिक थी। जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि जूनियर इंजीनियर ने इस अवैध निर्माण का वाद विहित प्राधिकारी कार्यालय में पंजीकृत ही नहीं कराया।




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