these employees are set to receive their old pension as their nps accounts will be closed on february 28 यूपी के इन कर्मचारियों को पुरानी पेंशन मिलना तय, 28 फरवरी को NPS खाता होगा बंद, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
More

यूपी के इन कर्मचारियों को पुरानी पेंशन मिलना तय, 28 फरवरी को NPS खाता होगा बंद

सपा के डा. मानसिंह यादव ने सवाल उठाया था कि वर्ष 2005 में जिनकी नियुक्ति के लिए चयन हो गया था लेकिन उनको कार्यभार बाद में कराया गया। ऐसे कर्मियों को पुरानी पेंशन दिए जाने का शासनादेश तो जारी कर दिया गया लेकिन NPS में जमा उनकी राशि को जीपीएफ खाते में जमा नहीं किया गया है। 

Mon, 16 Feb 2026 09:31 PMAjay Singh प्रमुख संवाददाता, लखनऊ
share
यूपी के इन कर्मचारियों को पुरानी पेंशन मिलना तय, 28 फरवरी को NPS खाता होगा बंद

योगी सरकार ने सोमवार को विधान परिषद में कहा कि जिनकी 2005 में नियुक्ति के लिए चयन हो गया था, उनके एनपीएस खाते 28 फरवरी को बन्द हो जाएंगे। क्योंकि एनपीएस खाते के बन्द होने के बाद ही ऐसे कर्मी ओपीएस (पुरानी पेंशन योजना) का लाभ पा सकेंगे। दरअसल प्रश्नकाल के दौरान सपा के डा. मानसिंह यादव ने सवाल उठाया था कि वर्ष 2005 में जिनकी नियुक्ति के लिए चयन हो गया था किन्तु उनको कार्यभार बाद में कराया गया। ऐसे कर्मियों को पुरानी पेंशन दिए जाने का शासनादेश तो जारी कर दिया गया लेकिन उनकी एनपीएस में जमा राशि को जीपीएफ खाते में जमा नहीं किया गया है। यह राशि कब तक जीपीएफ खाते में जमा कराई जाएगी ताकि ऐसे लोगों को ओपीएस से जोड़ा जा सके।

जवाब में सरकार की तरफ से संसदीय कार्य एवं औद्योगिक विकास राज्यमंत्री जसवंत सिंह सैनी ने कहा कि 28 फरवरी को ऐसे लोगों का एनपीएस खाता बन्द कर दिया जाएगा, उसके बाद 2005 में नियुक्ति के लिए चयनित हुए कर्मियों को पुरानी पेंशन का लाभ मिलने लगेगा।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:यूपी: सुभासपा विधायक बेदीराम फिर सुर्खियों में, प्रॉपर्टी डीलर ने लगाया ये आरोप

दिसम्बर 2025 में भी विप में उठा था मामला

कर्मचारियों की पुरानी पेंशन का मामला दिसम्बर 2025 में भी विधान परिषद में उठा था। तब विधान परिषद में पीठ ने माध्यमिक शिक्षा विभाग में शासनादेश के तहत पुरानी पेंशन के पात्रों को ओपीएस का लाभ नहीं दिए जाने के मामले को गम्भीरता से लेते हुए इस प्रकरण को एक महीने में निस्तारित के निर्देश दिए थे। सदन में शिक्षक दल के नेता ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने इस मामले को औचित्य के प्रश्न के तौर पर उठाया था। ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने कहा था कि बीते 28 जून को जारी शासनादेश के तहत 28 मार्च 2005 से पूर्व ऐसे सरकारी सेवक जिनके चयन के लिए विज्ञापन हो चुका है, उन्हें राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना से आच्छादित किए जाने के लिए विकल्प की व्यवस्था की गई, जिसमें प्रदेश के हजारों शिक्षक और कर्मचारी लाभान्वित होने जा रहे हैं।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:इन प्रमाण पत्रों के सत्यापन में जुटे अधिकारी-कर्मचारी, अब इन पर अभियान का फोकस

परन्तु माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में वर्ष 2002 से नियुक्त विषय विशेषज्ञों को उक्त शासनादेश का लाभ देने में मनमानी कर शासनादेश का खुला उल्लंघन किया जा रहा है। इस पर सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए एक महीने के अन्दर निस्तारित कराने का निर्देश सरकार को दिया था।

पुरानी पेंशन को लेकर यूपी में कर्मचारी कर रहे आंदोलन

बता दें कि पुरानी पेंशन योजना (ओल्ड पेंशन स्कीम) लागू कराने की मांग को लेकर यूपी में साल-2005 के बाद नियुक्त कर्मचारी भी लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर इस महीने की शुरुआत में बलिया में उत्तर प्रदेश चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ ने ओपीएस लिखी पतंग उड़ाकर प्रदर्शन किया था। कर्मचारियों ने टीडी कॉलेज चौराहा तक रैली निकाली थी। उन्होंने ऐलान किया था कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News , Pareet Yadav Death Live और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।