पानी की टंकी पर फंसे किशोरों को हेलीकॉप्टर से किया गया रेस्क्यू, 15 घंटे बाद उतारे गए सुरक्षित
सिद्धार्थनगर में पानी के टंकी की सीढ़ी टूट कर गिरने से उस पर चढ़े पांच बच्चों में तीन नीचे गिर गए थे। गोरखपुर से आई एसडीआरएफ रास्ता नहीं बन पाने से रेस्क्यू नहीं कर पाई तो प्रशासन ने हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू किया।

यूपी के सिद्धार्थनगर के कांशीराम आवास की पानी के टंकी की सीढ़ी शनिवार को टूट कर गिरने से उस पर चढ़े पांच बच्चों में तीन नीचे गिर गए थे। एक की मौत हो चुकी है। दो मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं। दो बच्चे टंकी के ऊपर ही फंसे रह गए थे। उधर, गोरखपुर से आई एसडीआरएफ रास्ता नहीं बन पाने से रेस्क्यू नहीं कर पाई तो सुबह पांच बजे प्रशासन की पहल पर हेलिकॉप्टर आया और कुछ देर बाद एक-एक कर दोनों कर किशोरों को सुरक्षित उतारा।
जानकारी के मुताबिक पानी की टंकी की सीढ़ी दो बजे दोपहर में टूटी थी। इस बीच उस पर दो किशोर फंसे रहे। शाम छह बजे एसआई कामरान के नेतृत्व में गोरखपुर से आई बीस सदस्यीय टीम ने वाहन को अंदर ले जाने के लिए पहले रास्ता बनाने की कोशिश की लेकिन सुरक्षित सड़क नहीं बन सकी थी। इस बीच बूंदाबांदी भी शुरू हो गई थी। रविवार सुबह पांच बजे हेलिकॉप्टर पहुंचा तो एक-एक कर दोनों किशोरों को सुरक्षित उतार लिया। 15 घंटे से अधिक टंकी पर फंसे बच्चों के परिजन इस बीच उनके लिए परेशान थे। टंकी पर फंसे किशोर पवन व कल्लू का हौसला रात भर लोग बढ़ाते रहे। सकुशल उतरने पर परिजनों के साथ अधिकारियों ने राहत की सांस ली। इस दौरान डीएम शिवसरणप्पा जी एन और तमाम अधिकारी मौजूद रहे।
ड्रोन से किशोरों तक पहुंचाई रस्सी, फिर भेजा बिस्कुट पानी
पानी की टंकी पर पंद्रह घंटे से अधिक समय से फंसे दोनों किशोरों के पास प्रशासन ने ड्रोन के रस्सी पहुंचाई। बच्चों ने जब रस्सी पकड़ ली तो नीचे से उसमें बांध कर पानी की बोतल व बिस्कुट भेजा गया। रात में खाना भी भेजा गया।
घटना स्थल पर पहुंचे नेता प्रतिपक्ष
कांशीराम आवास पर नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय घटना स्थल पानी की टंकी के पास पहुंचे थे। उन्होंने टंकी के ऊपर फंसे दो किशोरों को उतारने के लिए प्रशासन की ओर से की जा रही व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बच्चों को सुरक्षित उतारने के लिए एहतियाती कदम उठाने को कहा। दुर्घटना में मारे गए किशोर के परिजनों को ढांढस बंधाया और घायल किशोरों का कुशल क्षेम जाना।




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