teachers teaching in unaided secondary schools will get respectable honorarium yogi government is preparing to do so यूपी के इन शिक्षकों को जल्द मिलेगी बड़ी खुशखबरी, योगी सरकार कर रही तैयारी, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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यूपी के इन शिक्षकों को जल्द मिलेगी बड़ी खुशखबरी, योगी सरकार कर रही तैयारी

वित्त विहीन माध्यमिक स्कूलों में अंशकालिक शिक्षकों की सेवा शर्तें 10 अगस्त 2001 को जारी शासनादेश के अनुसार निर्धारित हैं। इसके अनुसार स्कूल प्रबंधन को अपने संसाधनों के आधार पर शिक्षकों को भुगतान करना है। यह भुगतान संपूर्ण शिक्षण सत्र के लिए नियमित रूप से किया जाएगा। लेखा-जोखा भी रखा जाएगा।

Sat, 28 Feb 2026 11:34 AMAjay Singh अजीत कुमार, लखनऊ
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यूपी के इन शिक्षकों को जल्द मिलेगी बड़ी खुशखबरी, योगी सरकार कर रही तैयारी

UP News: योगी सरकार वित्तविहीन माध्यमिक स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को सम्मानजनक मानदेय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। माध्यमिक शिक्षा विभाग इसके लिए नियमावली तैयार कर इसमें इनकी सेवा शर्तों के साथ मानदेय तय करने जा रहा है। स्कूल प्रबंधन को इसके आधार पर शिक्षकों को रखते हुए मानदेय देना होगा। प्रदेश में इस समय करीब 23 हजार वित्तविहीन माध्यमिक स्कूल हैं और इनमें चार लाख से अधिक अंशकालिक शिक्षक हैं।

नियमावली बनाने के लिए सचिव माध्यमिक शिक्षा की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है। कमेटी एक माह में अपनी रिपोर्ट देगी। इसमें सभी बिंदुओं की गहन समीक्षा करते हुए जरूरी प्रावधान किए जाएंगे। नियमावली जारी होने के बाद स्कूल प्रबंधकों की मनमर्जी समाप्त हो जाएगी।

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माध्यमिक शिक्षा में 80% इन शिक्षकों की भागीदारी

माध्यमिक शिक्षा में वित्तविहीन स्कूलों के शिक्षकों की भागीदारी 70 से 80 प्रतिशत बताई जाती है। विधानमंडल में इनके मानदेय का मामला उठा था, इस पर सरकार ने कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद कार्यवाही का आश्वासन दिया था।

माध्यमिक शिक्षक संघ की मांग-नियमावली जल्द जारी हो

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के महामंत्री राजीव यादव ने कहा कि वित्त विहीन शिक्षकों के लिए मजबूत सेवा नियमावली बने और सम्मानजनक मानदेय मिले। नियमावली बनाते हुए इसे जल्द जारी किया जाए।

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न्यूनतम मजदूरी के बराबर मानदेय नहीं

वित्त विहीन माध्यमिक स्कूलों में अंशकालिक शिक्षकों की सेवा शर्तें 10 अगस्त 2001 को जारी शासनादेश के अनुसार निर्धारित हैं। इसके मुताबिक स्कूल प्रबंधन को अपने संसाधनों के आधार पर शिक्षकों को भुगतान करना है। यह भुगतान संपूर्ण शिक्षण सत्र के लिए नियमित रूप से किया जाएगा। इसका लेखा-जोखा भी रखा जाएगा। इसके मुताबिक शिक्षकों को मजदूरी अधिनियम में कुशल श्रमिक के लिए तय न्यूनतम मजदूरी से कम मानदेय नहीं दिया जाएगा। साथ ही भविष्य निधि एवं जीवन बीमा की सुविधाएं भी दी जाएंगी। इसके बाद भी अधिकतर स्कूलों में शासनादेश का पूरी तरह से पालन नहीं हो रहा है। कुछ स्कूलों में तो 5000 से 6000 रुपये प्रतिमाह ही मानदेय दिया जा रहा है।

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