कमरे के अंदर थानाध्यक्ष को लगी गोली, गंभीर हालत में सुल्तानपुर से लखनऊ रेफर
सुलतानपुर के अखंडनगर थाने की कमान संभाल रहे अरुण द्विवेदी अपने कमरे में गोली लगने से घायल हो गए। घायल इंस्पेक्टर को गंभीर हालत में लखनऊ रेफर किया गया है। एसपी चारु निगम ने इसे हादसा बताया है। पुलिस मामले की फोरेंसिक जांच कर रही है।

यूपी के सुल्तानपुर जिले के अखंडनगर थाने की इस समय कमान संभाल रहे थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर अरुण द्विवेदी रविवार को अपने ही कमरे में गोली लगने से लहूलुहान पाए गए। घटना उस समय हुई जब वह थाने परिसर स्थित अपने सरकारी आवास में अकेले थे। गोली की आवाज सुनकर दौड़े पुलिसकर्मियों ने उन्हें तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए लखनऊ स्थित ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। फिलहाल वह चिकित्सकों की कड़ी निगरानी में हैं। अयोध्या रेंज के आईजी सोमेन वर्मा भी थाना प्रभारी के आवास पर पहुंचे और निरीक्षण करने के साथ ही पुलिस वालों से जानकारी हासिल की।
लाइसेंसी रिवॉल्वर से चली गोली: पुलिस अधीक्षक का बयान
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक (SP) चारु निगम भारी पुलिस बल और फील्ड यूनिट के साथ मौके पर पहुंचीं। एसपी ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और बताया कि मामला प्रथम दृष्टया एक 'आकस्मिक दुर्घटना' (Accidental Fire) प्रतीत हो रहा है। उन्होंने बताया, "निरीक्षक अरुण द्विवेदी अपने कमरे में सामान की साफ-सफाई कर रहे थे, तभी अचानक उनके निजी लाइसेंसी .32 बोर की रिवॉल्वर से गोली चल गई, जो उनके दाहिने कंधे को चीरती हुई निकल गई।"
जांच के घेरे में संदिग्ध परिस्थितियां
एसपी चारु निगम ने स्पष्ट किया कि घटना के समय कमरा भीतर से पूरी तरह बंद था और वहां किसी अन्य व्यक्ति की मौजूदगी के साक्ष्य नहीं मिले हैं। कमरे के फर्श पर खून के छींटे पाए गए हैं और पुलिस ने मौके से निजी असलहा बरामद कर लिया है। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य संकलन के लिए वीडियोग्राफी कराई है। हालांकि, पुलिस इसे महज एक हादसा बता रही है, लेकिन कार्यवाहक थानाध्यक्ष को संदिग्ध हाल में गोली लगना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। सीओ कादीपुर विनय गौतम भी इस मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं।
थाने की कमान संभाल रहे थे अरुण द्विवेदी
बता दें कि अरुण द्विवेदी 15 मार्च से अखंडनगर थाने के कार्यवाहक प्रभारी के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वह मूल रूप से निरीक्षक अपराध (Inspector Crime) के पद पर तैनात थे। ड्यूटी के दौरान हुई इस घटना ने पुलिसकर्मियों की सुरक्षा और उनके व्यक्तिगत असलहों के रख-रखाव पर भी सवाल खड़े किए हैं। पुलिस मुख्यालय इस बात की भी जांच कर रहा है कि क्या असलहे के रखरखाव में कोई तकनीकी खामी थी या मानवीय चूक। फिलहाल पूरा विभाग अरुण द्विवेदी के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहा है।




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