कानपुर में आवारा कुत्तों का आतंक; 12 साल के बच्चे को बुरी तरह नोचा, 10 टांके लगे
कानपुर के जाजमऊ स्थित मनोहर नगर में आवारा कुत्तों के झुंड ने 12 साल के आरिश आलम पर हमला कर दिया। बच्चे के हाथ-पैर में गंभीर जख्म आए और हाथ में 10 टांके लगे। घटना के बाद वह दहशत में है और परीक्षा भी नहीं दे पा रहा। लोगों ने नगर निगम से कुत्तों को पकड़ने की मांग की है।

कानपुर में आवारा कुत्तों के हमले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामला जाजमऊ क्षेत्र के मनोहर नगर स्थित भल्ला स्टेट का है, जहां गुरुवार देर शाम कुत्तों के झुंड ने 12 साल के एक बच्चे पर हमला कर दिया। कुत्तों ने बच्चे को गिराकर उसके हाथ और पैर में बुरी तरह काट लिया। हमले में बच्चे के हाथ में 10 टांके लगाने पड़े। घटना के बाद से बच्चा दहशत में है और दर्द के कारण परीक्षा देने भी नहीं जा पा रहा है। मनोहर नगर भल्ला स्टेट निवासी मुशीर आलम लेदर ट्रेडिंग का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि उनका बेटा आरिश आलम कक्षा पांच का छात्र है।
बच्चे को लगाने पड़े 10 टांके
गुरुवार देर शाम उनकी पत्नी शबीना परवीन ने आरिश को दुकान से सामान लेने के लिए भेजा था। सामान लेकर जब वह घर लौट रहा था, तभी रास्ते में अचानक आवारा कुत्तों के झुंड ने उसे दौड़ा लिया। डरे हुए आरिश ने भागकर किसी तरह घर की ओर दौड़ लगाई, लेकिन जैसे ही वह घर के गेट के बाहर पहुंचा, कुत्तों ने उसे गिराकर काटना शुरू कर दिया। बच्चे की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और कुत्तों को खदेड़ा। इसके बाद परिजन घायल आरिश को पास के एक निजी अस्पताल लेकर गए, जहां उसका उपचार कराया गया। डॉक्टरों ने बताया कि उसके दाहिने हाथ में गहरा जख्म था, जिस पर 10 टांके लगाने पड़े। इसके अलावा पैर में भी गंभीर चोट आई है।
डर के चलते सो नही पाया बच्चा
पिता मुशीर आलम ने बताया कि घटना के बाद से उनका बेटा काफी डरा हुआ है। वह ठीक से सो नहीं पा रहा है और दर्द के कारण बार-बार रो पड़ता है। इन दिनों उसके स्कूल की परीक्षाएं चल रही हैं, लेकिन डॉक्टरों ने उसे कुछ दिन घर पर आराम करने की सलाह दी है। इसी कारण शुक्रवार का उसका पेपर छूट गया और आगे के पेपर भी छूटने की आशंका है।
कुत्तों के आतंक से लोगों में नाराजगी
घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भी नाराजगी है। उनका कहना है कि इलाके में लंबे समय से आवारा कुत्तों का आतंक है। कई बार नगर निगम से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कुत्तों को पकड़ने के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। वहीं इस मामले में थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि फिलहाल उन्हें ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं है। यदि परिजनों की ओर से तहरीर दी जाती है तो मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी हुए कुत्तों के हमले
गौरतलब है कि इससे पहले भी शहर में कुत्तों के हमले की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। अगस्त 2025 में चकेरी क्षेत्र में बीबीए की छात्रा वैष्णवी साहू के चेहरे पर कुत्तों ने हमला कर दिया था, जिसमें उसके चेहरे पर 17 टांके आए थे। इसके अलावा फरवरी 2026 में कैंट के मैकूपुरवा इलाके में अपनी नानी के घर आए चार साल के बच्चे अरहान को भी कुत्तों ने कमर के नीचे काट लिया था। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से लोगों में डर और नाराजगी बढ़ती जा रही है।




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