यूपी में फिर कुत्तों का आतंक, SDM के बाद इस जिले में बच्ची पर किया हमला; हालत गंभीर
पूजा से प्रसाद लेकर लौट रही बच्ची पर कुत्तों ने हमला कर लहूलुहान कर दिया। एक राहगीर ने किसी तरह से कुत्तों को खदेड़ कर उसकी जान बचाई। जख्मी बच्ची को परिवारीजन जिला अस्पताल ले गए जहां पर डाक्टरों ने उसे हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया है। घरवालों के मुताबिक बच्ची की हालत गंभीर बनी हुई है।

UP News: उत्तर प्रदेश में एक बार फिर कुत्तों का आतंक सिर चढ़कर बोल रहा है। आए दिन कुत्तों द्वारा किसी न किसी पर हमला किए जाने की खबरें आ रही हैं। स्ट्रीट डॉग्स के साथ-साथ पालतू कुत्ते भी कई बार खतरनाक साबित हो रहे हैं। वे अपने मालिक पर ही हमला कर दे रहे हैं। हाल ही में प्रदेश के बलिया जिले में एक एसडीएम को उनके पालतू कु्त्ते ने हमला कर घायल कर दिया। इस हमले में एसडीएम की ऊंगलियां इस तरह जख्मी हो गईं कि उन्हें अपने अवकाश के प्रार्थना पत्र पर दस्तखत की बजाए अंगूठा लगाना पड़ा। अब गोंडा जिले के धानेपुर कस्बे में एक बच्ची पर कुत्तों के हमले की हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है।
रविवार की दोपहर बाद करीब डेढ़ बजे पूजा से प्रसाद लेकर लौट रही बच्ची पर कुत्तों ने हमला कर लहूलुहान कर दिया। एक राहगीर ने किसी तरह से कुत्तों को खदेड़ कर बच्ची की जान बचाई और फिर घरवालों को जानकारी दी। मौके पर जख्मी बच्ची को परिवारीजन जिला अस्पताल ले गए जहां पर डाक्टरों ने उसे हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया है। घरवालों के मुताबिक बच्ची की हालत गंभीर बनी हुई है।
नगर पंचायत धानेपुर के गोरथनिया गांव मुहल्ला की रहने वाली सात साल की देवांशी पुत्री नानबाबू यादव गांव में ही एक व्यक्ति के यहां पर आयोजित सत्यनारायण कथा में शामिल होने गई थी। कथा संपन्न होने के बाद प्रसाद लेकर अकेले घर आ रही थी। बताया जाता है कि इसी दौरान कुत्तों ने अकेला पाकर बालिका पर हमला कर नोचने लगे जिससे उसके कपड़े फट गए। इसी दौरान एक व्यक्ति उधर से गुजर रहा था जिस पर बालिका को कुत्ते नोच रहे थे इस पर उसने ईंट पत्थर फेंककर किसी तरह से कुत्तों को भगाकर बालिका की जान बचाई। गांव पर आकर घरवालों को जानकारी दी जिसके बाद घर परिवार के लोग पहुंचे और तुरंत उसे सीएचसी मुजेहना ले जाया गया जहां पर प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल के लिए रिफर कर दिया गया। जिला अस्पताल से भी डाक्टरों ने बालिका की हालत को देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया है। इस घटनाक्रम के बाद लोगों में अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। एक पखवाड़े पहले नगर पंचायत धानेपुर के टहलुवन पुरवा गांव में शौच को गई मासूम बालिका मुस्कान को कुत्तों ने नोचकर मार डाला था।
एसडीएम के साथ क्या हुआ?
बलिया में एसडीएम आलोक प्रताप सिंह अपने ही पालतू कुत्ते के काटने से बुरी तरह घायल हो गए। उनके दोनों हाथ जख्मी हो गए हैं। यहां तक कि इलाज के लिए अवकाश पर जाने के लिए उन्होंने जो आवेदन लिखा है, उस पर दस्तखत की बजाय अंगूठा लगाना पड़ा। यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। उनकी जगह न्यायिक एसडीएम (बांसडीह) संजय कुशवाहा को डीएम ने बैरिया का चार्ज दिया है। होली के एक दिन पहले एसडीएम के माता-पिता भी बैरिया आये थे। एसडीएम के अनुसार, पालतू कुत्ते ने उनके पिता पर हमला कर दिया। उन्हें बचाने के लिए वह कुत्ते से उलझ गये। पिताजी तो बच गये लेकिन कुत्ते ने उनके दोनों हाथों को बुरी तरह जख्मी कर दिया। पांच मार्च के छुट्टी के आवेदन में उन्होंने लिखा- ‘पालतू कुत्ते ने दोनों हाथों में काट लिया है, चिकित्सकों द्वारा प्रार्थी को किसी अच्छे संस्थान एवं विशेषज्ञ चिकित्सक (सम्बन्धित) से उपचार की सलाह दी गयी है। अतः विनम्र निवेदन है कि प्रार्थी को उपचार कराने के लिए छह से 13 मार्च तक का उपार्जित अवकाश देने व मुख्यालय छोड़ने की अनुमति प्रदान करने की कृपा करें।’ पत्र के नीचे हस्ताक्षर की जगह एसडीएम ने अंगूठा लगाया है।




साइन इन