आज आधी रात से हाईवे, एक्सप्रेसवे का सफर होगा महंगा, इन लोगों को केवल रहेगी राहत
आज आधी रात से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और मेरठ से जुड़े प्रमुख हाईवे पर सफर महंगा होने जा रहा है। NHAI ने टोल दरों में ₹5 से ₹45 तक की बढ़ोतरी की है, हालांकि मासिक पास धारकों को राहत दी गई है। इसके साथ ही 1 अप्रैल 2026 से देश में नया आयकर अधिनियम लागू हो रहा है।

UP News:अगर आप 31 मार्च की आधी रात के बाद अपनी गाड़ी लेकर हाईवे या एक्सप्रेसवे पर निकलने की योजना बना रहे हैं, तो अपनी जेब थोड़ी और ढीली करने के लिए तैयार हो जाइए। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने टोल दरों में वार्षिक संशोधन के तहत बढ़ोतरी का फैसला किया है। यह नई दरें आज रात 12:00 बजे से पूरे देश के साथ-साथ मेरठ मंडल में भी लागू हो जाएंगी। हालांकि वार्षिक पास धारकों को राहत रहेगी। उनकी दरों में परिवर्तन नहीं किया गया है।
इन मार्गों पर सफर करना होगा महंगा
मेरठ से जुड़ने वाले लगभग सभी प्रमुख मार्गों पर सफर करना अब खर्चीला हो गया है। विशेष रूप से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे समेत चार प्रमुख मार्गों पर टोल की दरें बढ़ा दी गई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, टोल में न्यूनतम 5 रुपये से लेकर अधिकतम 45 रुपये तक की वृद्धि की गई है।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME): दिल्ली और गाजियाबाद आने-जाने वाले यात्रियों को अब सराय काले खां से मेरठ तक के सफर के लिए अधिक भुगतान करना होगा।
मेरठ-बुलंदशहर हाईवे: इस रूट पर चलने वाले कमर्शियल और निजी वाहनों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा।
मेरठ-नजीबाबाद मार्ग: बिजनौर और उत्तराखंड की ओर जाने वाले पर्यटकों और व्यापारियों की जेब कटेगी।
मेरठ-करनाल हाईवे: हरियाणा की ओर जाने वाले यात्रियों को भी अब बढ़ी हुई दरों का सामना करना पड़ेगा।
किसे मिलेगी राहत?
टोल दरों में वृद्धि वाहनों की श्रेणी (कार, बस, ट्रक) के आधार पर तय की गई है। हालांकि, NHAI ने नियमित यात्रियों को थोड़ी राहत दी है। मासिक और वार्षिक पास बनवाने वाले स्थानीय लोगों और वाहन स्वामियों की दरों में फिलहाल कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। यह उन लोगों के लिए बड़ी राहत है जो रोजाना काम के सिलसिले में इन टोल प्लाजा से गुजरते हैं।
कल से बदल जाएंगे ये जरूरी नियम
टोल के अलावा, कल यानी 1 अप्रैल से देश के वित्तीय और श्रम कानूनों में भी बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। एक अप्रैल से नया आयकर अधिनियम लागू हो रहा है, जो 1961 के पुराने कानून की जगह लेगा। अब आयकर फॉर्म भरने के लिए पुराने फॉर्म 16 की जगह 'फॉर्म 130' भरना अनिवार्य होगा।
टैक्स में छूट: मध्यम वर्ग को राहत देते हुए मानक कटौती (Standard Deduction) को ₹50,000 से बढ़ाकर ₹75,000 कर दिया गया है। ध्यान रहे कि अब 'नई कर व्यवस्था' (New Tax Regime) ही डिफॉल्ट होगी।
नया लेबर कोड: नए लेबर कोड के लागू होने से कर्मचारियों की बेसिक सैलरी उनके कुल सीटीसी (CTC) का कम से कम 50 प्रतिशत होना अनिवार्य हो जाएगा, जिससे पीएफ (PF) योगदान बढ़ेगा।
पैन-आधार लिंक: पैन कार्ड के नियमों में सख्ती की गई है, अब आधार के साथ सहायक दस्तावेज देना अनिवार्य होगा।




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