सपा-कांग्रेस की दोस्ती में कांटा बन रहे ओवैसी? खिचड़ी पकने से पहले ही 'INDIA' गठबंधन में क्यों खींचतान
UP Election 2027 News: उत्तर प्रदेश में सपा और कांग्रेस से गठबंधन की चर्चा के बीच AIMIM प्रमुख ने कहा है कि हम BJP को रोकने के लिए गठबंधन बनाने को तैयार हैं... बशर्ते हमें सम्मान मिले और बराबरी का दर्जा दिया जाए।

UP Election 2027 News: देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में अगले साल यानी 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। उसे लेकर जहां सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) बूथ लेवल मैनेजमेंट तक में जुटी है, वहीं विपक्षी समाजवादी पार्टी और कांग्रेस अभी तालमेल करने, गठबंधन में नए सहयोगियों को शामिल करने और नए राजनीतिक परिदृश्य में नई सियासी रणनीति बनाने में ही जुटी हुई है। इसी कवायद के बीच हैदराबाद से सांसद और AIMIM की चीफ असदुद्दीन ओवैसी INDIA गठबंधन में एक कांटा बनकर उभरे हैं।
दरअसल, आगामी चुनावों के लिए जहां सपा उसे गठबंधन में शामिल करने की सोच रही है, वहीं कांग्रेस ओवैसी के नाम पर अगर-मगर करती दिख रही है। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने रविवार को कहा कि AIMIM के 'इंडिया' गठबंधन में शामिल होने पर कोई भी फैसला पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व करेगा। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि "सांप्रदायिकता के साथ कोई समझौता नहीं" हो सकता। यानी एक तरह से मसूद ने ओवैसी को सांप्रदायिक बताते हुए गठबंधन में शामिल किए जाने पर रेड सिग्नल दिखाने के संकेत दिए हैं।
सांप्रदायिकता का विरोध और समर्थन एक साथ नहीं
मसूद ने साफ लहजे में कहा, "एक तरफ सांप्रदायिकता का विरोध करना और दूसरी तरफ उसे मज़बूत करना संभव नहीं होगा। लड़ाई मोदी और राहुल गांधी के बीच है। इसमें कोई बीच का रास्ता नहीं है। सिर्फ़ राहुल गांधी में ही बीजेपी को हराने की ताकत है।" उन्होंने कहा, "इसलिए, जो लोग बीजेपी को हराना चाहते हैं, उन्हें राहुल गांधी के साथ जुड़ना चाहिए और उनका समर्थन करना चाहिए।"
ओवैसी की शर्त: सम्मान और बराबरी का दर्जा
बता दें कि असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश में भाजपा को सत्ता में वापस आने से रोकने के लिए विपक्षी दलों के साथ हाथ मिलाने की इच्छा जताई है। हालांकि, उन्होंने इसके लिए एक शर्त भी रखी है। ओवैसी का कहना है कि उनकी पार्टी गठबंधन के लिए तैयार है, बशर्ते उन्हें "सम्मान दिया जाए और समान दर्जा प्रदान किया जाए।" AIMIM प्रमुख ने कहा, “हम BJP को रोकने के लिए गठबंधन बनाने को तैयार हैं... बशर्ते हमें सम्मान मिले और बराबरी का दर्जा दिया जाए।”
सपा के नरम तेवर: "भाजपा को हराने वाला हर कोई स्वीकार्य"
कांग्रेस की सोच से ठीक उलट समाजवादी पार्टी इस मामले में अधिक लचीला रुख अपनाती दिख रही है। सपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद राम गोपाल यादव ने संकेत दिया है कि पार्टी भाजपा को कमजोर करने वाली किसी भी ताकत को साथ लाने को तैयार है। जब उनसे ओवैसी के साथ तालमेल की संभावना पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने दो टूका कहा, "जो भी भाजपा को हराएगा, उसका स्वागत है।"
गठबंधन के सामने चुनौतियां और पिछला प्रदर्शन
सपा और कांग्रेस की बीच यह उहापोह यह ऐसे समय में उभरकर सामने आया है, जब 'INDIA' गठबंधन दिल्ली, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में हालिया चुनावी झटकों के बाद अपनी रणनीति पर नए सिरे से विचार कर रहा है। अभी हाल ही में गठबंधन के सहयोगी दलों की एक बैठक नई दिल्ली में हुई थी। इस बैठक में गठबंधन की भविष्य की दिशा पर चर्चा की गई। बैठक में राहुल गांधी ने सहयोगियों से हालिया हार के बावजूद एकजुट रहने का आग्रह किया और कहा कि अगर विपक्षी पार्टियां एक साथ खड़ी हों तो बीजेपी को हराना आसान होगा।
2022 में 94 सीटों पर चुनाव लड़ा लेकिन…
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सहयोगियों को आगाह किया है कि भाजपा के खिलाफ अब पुरानी राजनीतिक रणनीतियां और अभियान के तरीके प्रभावी नहीं रहेंगे। गठबंधन में कांग्रेस की भूमिका को दोहराते हुए गांधी ने कहा कि पार्टी बीजेपी द्वारा फैलाए गए "सारे ज़हर को पीने" के लिए तैयार है, क्योंकि वह सत्ताधारी पार्टी के खिलाफ विपक्ष की लड़ाई का नेतृत्व कर रही है। गौरतलब है कि 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में, AIMIM ने 'भागीदारी परिवर्तन मोर्चा' के बैनर तले छोटी पार्टियों के एक गठबंधन का नेतृत्व किया था। इस गठबंधन ने 94 सीटों पर चुनाव लड़ा लेकिन एक भी सीट नहीं जीत पाई और उसे कुल वोटों का सिर्फ़ 0.49 प्रतिशत ही मिल सका था लेकिन बिहार चुनाव के बाद यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि अगर ओवैसी को साथ लिया गया तो मुस्लिम वोटों का बंटवारा रोका जा सकता है और इंडिया गठबंधन को उसका सीधा लाभ मिल सकता है। चर्चा राज्य में जय भीम और जय मीम के गठबंधन को लेकर भी है लेकिन अभी तक उस पर कोई सकारात्मक संकेत नहीं मिल सके हैं।




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