गड्ढे में विकास...साइकिल पंचर, यूपी के बजट पर सपा Vs भाजपा; शिवपाल-केशव में छिड़ी जुबानी जंग
शिवपाल सिंह यादव ने बजट को ‘सपनों का अमृत’ बताकर तंज कसा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का ‘कागजी’ बजट मुबारक हो। शिवपाल की इस प्रतिक्रिया का डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने तीखा जवाब दिया। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा कि चाचा-भतीजा की हल्की बयानबाजी बेवजह अपना मजाक उड़वा रही है।

योगी आदित्यनाथ की सरकार ने बुधवार को अपने दूसरे कार्यकाल का दसवां बजट पेश किया। 9.13 लाख करोड़ रुपए के इस बजट को लेकर समाजवादी पार्टी ने सरकार को जमकर घेरा वहीं भाजपा ने भी सपा पर तीखे वार किए। सपा नेता शिवपाल सिंह यादव ने बजट को ‘सपनों का अमृत’ बताकर तंज कसा। सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का ‘कागजी’ बजट मुबारक हो। शिवपाल की इस प्रतिक्रिया का डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने तीखा जवाब दिया। उन्होंने लिखा कि सपा बहादुर श्री अखिलेश यादव और उनके चाचा श्री शिवपाल यादव की साइकिल ‘सबका साथ, सबका विकास’ वाले दमदार बजट से हमेशा के लिए पंचर हो गई है। चाचा-भतीजा की हल्की बयानबाजी बेवजह अपना मजाक उड़वा रही है। केशव की इस पोस्ट के जवाब में शिवपाल ने फिर एक पोस्ट की जिसमें उन्होंने बीजेपी की राज्य और केंद्र की सरकारों पर तीखा तंज किया। शिवपाल ने लिखा- ‘यूपी की जनता पूछ रही है-आपकी ‘डबल इंजन’ सरकार का विकास आखिर किस गड्ढे में फंस गया है?’
बुधवार की सुबह यूपी बजट पर अपनी पहली प्रतिक्रिया में शिवपाल सिंह यादव ने ‘एक्स’ पर लिखा-‘उत्तर प्रदेश का 'कागजी' बजट मुबारक हो! यूपी की जनता को एक बार फिर "सपनों का अमृत" पिलाया गया है। विकास केवल विज्ञापनों में दौड़ रहा है और हकीकत की सड़कों पर गड्ढे आज भी अपनी गिनती का इंतजार कर रहे हैं। बेरोजगारों की डिग्रियां अलमारी में है और सरकार का डेटा फाइलों में मुस्कुरा रहा है। कमाल की जादूगरी है, आंकड़ों का अंबार है, मगर गरीब की थाली में अब भी हाहाकार है। जुमलों की खेती लहलहाई, कागज़ हुए हरे-भरे, नौकरी मांगो तो कहते हैं- 'तुम आत्मनिर्भर क्यों नहीं रहे?' महंगाई के पंख लगे हैं, छू रहे हैं आसमान, पर सरकार कह रही- ‘सब चंगा, खुश है किसान!’ ये बजट नहीं, बस एक और 'इवेंट' की तैयारी है, जनता जानती है अब, किसकी जाने की बारी है।’
शिवपाल की इस पोस्ट का डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कुछ यूं जवाब दिया। ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा- ‘सपा बहादुर श्री अखिलेश यादव और उनके चाचा श्री शिवपाल यादव की साइकिल 'सबका साथ, सबका विकास' वाले दमदार बजट से हमेशा के लिए पंचर हो गई है। चाचा-भतीजा की हल्की बयानबाज़ी बेवजह अपना मजाक उड़वा रही है। उनके लिए 2027 से 2047 तक सत्ता के दरवाज़े बंद दिख रहे हैं, तो उनकी बेचैनी लाज़मी है। उन पर 'खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे' वाली कहावत सटीक बैठती है। यूपी की जनता समझदार है। वह जवाब देना जानती है।’
बात यहीं खत्म नहीं हुई। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की इस पोस्ट को टैग करते हुए शिवपाल सिंह यादव ने भी जवाब दिया। इस बार उन्होंने सीधे तौर पर डिप्टी सीएम को संबोधित करते हुए लिखा-‘मौर्य जी, साइकिल पंचर की चिंता छोड़िए, यूपी की जनता पूछ रही है - आपकी ‘डबल इंजन’ सरकार का विकास आखिर किस गड्ढे में फंस गया है? बजट में वादों की बरसात, ज़मीन पर बेरोज़गारी, महंगाई और बदहाल स्वास्थ्य-सड़क व्यवस्था की मार…2047 के सपने दिखाने वाली सरकार 2026 की सच्चाई से भाग रही है। याद रखिए - जनता प्रचार नहीं, प्रदर्शन देखती है और जब जनता जवाब देती है, तो बड़े-बड़े सिंहासन भी ‘पंचर’ हो जाते हैं। आप तो वैसे भी 2022 से अभी तक इस साइकिल की दी हुई चोट झेल रहे हैं।’




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