पीएम मोदी पर टिप्पणी करने वाले सांसद अजेंद्र लोधी का पुष्पा अवतार, सपा-भाजपा में पोस्टर वार
हमीरपुर में सपा सांसद अजेंद्र लोधी द्वारा पीएम मोदी पर की गई टिप्पणी के बाद पोस्टर वार छिड़ गया है। सांसद समर्थकों ने उन्हें 'पुष्पा' अवतार में दिखाकर भाजपा चेयरमैन कुलदीप निषाद को विलेन बताया है। लोधी समाज के हस्तक्षेप के बाद भाजपा के भीतर भी इस मुद्दे पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर-महोबा संसदीय क्षेत्र में राजनीति अब व्यक्तिगत हमलों और फिल्मी पोस्टरों तक पहुंच गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर समाजवादी पार्टी के सांसद अजेंद्र सिंह लोधी द्वारा की गई टिप्पणी का मामला अब एक बड़े जातीय और राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है। स्थिति यह है कि सोशल मीडिया पर सपा और भाजपा समर्थकों के बीच तीखा 'पोस्टर वार' शुरू हो गया है, जिसमें सांसद को फिल्म 'पुष्पा' के नायक के रूप में पेश किया गया है।
विवाद की जड़: महोबा का वो प्रदर्शन
पूरे विवाद की शुरुआत 11 मई को महोबा में तेल और गैस संकट को लेकर समाजवादी पार्टी के एक प्रदर्शन के दौरान हुई। आरोप है कि इस दौरान सांसद अजेंद्र सिंह लोधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी उबाल आ गया और महोबा कोतवाली में सांसद के विरुद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई। इसके विरोध में भाजपा ने पूरे मंडल में प्रदर्शन शुरू कर दिया।
सांसद का 'पुष्पा' अवतार और चेयरमैन बने 'शेखावत'
विवाद ने तब और तूल पकड़ा जब 12 मई को हमीरपुर में भाजपा के सदर नगर पालिका अध्यक्ष कुलदीप निषाद ने सांसद को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उन्होंने माफी नहीं मांगी, तो कार्यकर्ता उन्हें पीटेंगे। इस बयान के बाद सपा समर्थकों ने सोशल मीडिया पर पलटवार किया। सांसद के 17 मई को हमीरपुर आगमन के पोस्टर जारी किए गए, जिसमें उन्हें फिल्म 'पुष्पा' के मुख्य किरदार के रूप में दिखाया गया है। वहीं, भाजपा चेयरमैन कुलदीप निषाद को फिल्म के विलेन के रूप में प्रस्तुत करते हुए उनकी तस्वीर के नीचे 'शेखावत' लिखा गया है। यह पोस्टर वार अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।
जातीय गौरव और भाजपा का असमंजस
सांसद अजेंद्र लोधी के समर्थकों और लोधी समाज के कुछ संगठनों ने भाजपा चेयरमैन के बयान को अपनी जातीय प्रतिष्ठा से जोड़ लिया है। इस टकराव ने भाजपा को भारी असमंजस में डाल दिया है। लोधी बाहुल्य राठ और चरखारी विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा के भीतर ही दरार दिख रही है। टिकट के दावेदार और लोधी समाज से आने वाले भाजपा नेता इस विवाद से दूरी बना रहे हैं। पार्टी के प्रमुख पदों पर बैठे लोधी नेता भी सांसद के खिलाफ होने वाले प्रदर्शनों से कन्नी काट रहे हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि समाज की नाराजगी कहीं उनके राजनीतिक भविष्य पर भारी न पड़ जाए।
प्रशासनिक सतर्कता और सामाजिक तनाव
सांसद के 17 मई को प्रस्तावित हमीरपुर दौरे को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट पर है। सोशल मीडिया पर चल रही बहस और पोस्टर वार ने जिले के राजनीतिक माहौल को तनावपूर्ण बना दिया है। जहां एक ओर भाजपा प्रधानमंत्री के सम्मान की बात कर रही है, वहीं सपा समर्थक इसे अभिव्यक्ति और जातीय गौरव का मुद्दा बना रहे हैं। फिलहाल, यह देखना दिलचस्प होगा कि 17 मई को होने वाला सांसद का आगमन क्या रुख अख्तियार करता है।




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