पूर्व विधायक विजय मिश्र को पत्नी और बेटे के साथ दस-दस साल की सजा, बहू को चार साल की कैद
भदोही की एमपी-एमएलए कोर्ट ने पूर्व विधायक विजय मिश्र, उनकी पत्नी रामलली और बेटे विष्णु मिश्रा को रिश्तेदार की संपत्ति हड़पने के मामले में 10-10 साल की जेल की सजा सुनाई है। मामले में बहू रूपा मिश्रा को भी 4 साल की कैद हुई है।

भदोही की ज्ञानपुर सीट से विधायक रहे बाहुबली विजय मिश्र को एक हफ्ते में दूसरा बड़ा झटका लगा है। रिश्तेदार की संपत्ति हड़पने के मामले में दोष सिद्ध होने पर एमपी-एमएलए कोर्ट ने शुक्रवार को विजय मिश्र, उनकी पत्नी रामलली मिश्रा और बेटे विष्णु मिश्रा को दस-दस वर्ष की सजा सुनाई, जबकि बहू रूपा मिश्रा को चार वर्ष की कैद का आदेश दिया। कोर्ट ने सभी दोषियों पर कुल 5.26 लाख का अर्थदंड भी लगाया है। इससे पहले बुधवार को प्रयागराज की अदालत ने हत्या के जुर्म में विजय मिश्रा समेत चार दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
गोपीगंज थाना क्षेत्र के धनापुर दक्षिणी गांव निवासी कृष्ण मोहन तिवारी ने वर्ष 2020 में आरोप लगाया था कि विजय मिश्र, उनकी पत्नी रामलली मिश्रा तथा बेटे विष्णु मिश्रा ने बंधक बनाकर जान से मारने की धमकी देकर वसीयत तैयार कराई तथा जबरन चल-अचल पैतृक संपत्ति विष्णु मिश्रा के नाम कराने का दबाव बनाया। मामले में पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
विशेष न्यायाधीश (एमपी/एमएलए) पुष्पा सिंह, अपर सत्र न्यायाधीश और त्वरित न्यायालय भदोही-ज्ञानपुर ने शुक्रवार को मामले में फैसला सुनाया। कोर्ट ने विजय मिश्र को 10 वर्ष की सजा और 1.76 लाख रुपये अर्थदंड, रामलली मिश्रा को 10 वर्ष की सजा और 1.75 लाख रुपये अर्थदंड तथा विष्णु मिश्रा को 10 वर्ष की सजा और 1.65 लाख रुपये अर्थदंड से दंडित किया। वहीं रूपा मिश्रा को चार वर्ष की सजा और 10 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया।
कोर्ट ने आदेश दिया कि अर्थदंड जमा न करने पर सभी दोषियों को दो-दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। उल्लेखनीय है कि विजय मिश्र पहले से ही दुष्कर्म के मामले में सजा काट रहे हैं, जबकि उनका बेटा विष्णु मिश्रा अवैध असलहा बरामदगी के मामले में जेल में बंद है। इससे पहले गुरुवार को अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी ठहराते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया था।
हत्या के जुर्म में पूर्व विधायक विजय मिश्रा समेत चार दोषियों को उम्रकैद
प्रयागराज (विधि संवाददाता)। इससे पहले कचहरी परिसर में 46 वर्ष पूर्व हुई प्रकाश नारायण पांडेय की हत्या में पूर्व विधायक विजय मिश्रा सहित चारों दोषियों को बुधवार को उम्रकैद और एक लाख जुर्माना एवं हत्या की कोशिश में 10 वर्ष की कैद और 50 हजार जुर्माने की सजा सुनाई गई थी। एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष जज योगेश कुमार ने कहा कि मामला विरल से विरलतम नहीं है, इसलिए इतनी सजा से दंड का उदेश्य पूरा हो जाएगा। हालांकि अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक सुशील कुमार वैश्य और वीरेंद्र कुमार सिंह ने तर्क दिया कि घटना न्याय के मंदिर परिसर में हुई थी। इसलिए कठोर दंड मिलना उचित होगा।




साइन इन