SP boycotts the process of issuing birth certificates, sparks a bitter standoff between the ruling and opposition जन्म प्रमाणपत्र बनाने में आनाकानी पर सपा का बहिष्कार, पक्ष-विपक्ष के बीच तकरार भी, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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जन्म प्रमाणपत्र बनाने में आनाकानी पर सपा का बहिष्कार, पक्ष-विपक्ष के बीच तकरार भी

जन्म प्रमाणपत्र बनाने में आनाकानी पर समाजवादी पार्टी का बहिष्कार किया। दोनों पक्षों के बीच तकरार होने के चलते समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने सदन का बहिष्कार किया।

Tue, 17 Feb 2026 07:01 PMDeep Pandey लाइव हिन्दुस्तान
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जन्म प्रमाणपत्र बनाने में आनाकानी पर सपा का बहिष्कार, पक्ष-विपक्ष के बीच तकरार भी

यूपी विधानसभा में मंगवार को जन्म और मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाने में आने वाली परेशानियों का आरोप लगाने पर विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच तकरार हो गई। विपक्ष ने आरोप लगाया कि एसआईआर में इन प्रमाण पत्रों को लगाने की अनिवार्यता होने की वजह से लोग इसे बनाने के लिए परेशान हैं, लेकिन एसडीएम इसकी अनुमति नहीं दे रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच तकरार होने के चलते समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने सदन का बहिष्कार किया।

संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि विधायक रहने वाले हैं पश्चिमी यूपी के और मामला उठा रहे हैं पूर्वांचल का। शायद बॉडर पार कर नेपाल जाना चाहते हैं। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनना चाहिए। इसका संज्ञान ले लिया गया है। कार्यस्थगन के प्रस्ताव पर नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि एसडीएम पुराने जन्म प्रमाण पत्र बनाने की अनुमति नहीं दे रहे हैं। कहा तो यहां तक जा रहा है कि ऊपर से बनाने की मनाती है, तो इस पूरे मामले की जांच करा ली जाए।

सपा सदस्य कमाल अख्तर ने जन्म-मुत्यु और निवास प्रमाण पत्र न बनाए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सालों पुराने प्रमाण पत्रों को बनवाने के लिए उप जिलाधिकारी की अनुमति जरूरी है। प्रदेश के अधिकतर जिलों से यह शिकायतें मिल रही हैं कि एसडीएम इसे बनाने की अनुमति नहीं दे रहे हैं। ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद साक्ष्य के तौर पर इन प्रमाण पत्रों को मांगा जा रहा है और इसे बनवाने के लिए लोग परेशान घूम रहे हैं।

मनोज कुमार पारस ने कहा कि जन्म-मृत्यु, निवास, जाति या आय प्रमाण पत्र तहसीलों में नहीं बनाए जा रहे हैं। एसआईआर में इसे लगाने की अनिवार्यता की गई है। इसे न मिलने की वजह से मुस्लिमों का वोट काटा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझ कर ऐसा किया जा रहा है।

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कुष्ठाश्रम शब्द हटाने का विधेयक पास

विधानसभा में मंगलवार को उत्तर प्रदेश नगर निगम संशोधन विधेयक 2026 और उत्तर प्रदेश नगर पालिका संशोधन विधेयक सदन में पास हुआ। इन दोनों विधयकों में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ‘कुष्ठाश्रम’ शब्द हटाने का प्रावधान किया गया है। नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने सदन में कहा कि कुष्ठ रोग एक गैर-संक्रामक रोग है और अन्य अनेक रोगों की भांति पूर्णतः इलाज योग्य है। उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959 और उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1916 में धारा 8 में ‘कुष्ठाश्रम’ शब्द का लिखा हुआ था। यह शब्दावली कुष्ठ रोग से प्रभावित या स्वस्थ हो चुके व्यक्तियों के प्रति भेदभावपूर्ण अभिव्यक्ति मानी जाती रही है। सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को ऐसे भेदभावपूर्ण शब्दों को कानूनों से हटाने के निर्देश दिया था। इसके आधार पर दोनों अधिनियमों से इसे हटा दिया गया है।

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