नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को देगा नई राजनीतिक पहचान
Sonbhadra News - सोनभद्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। इस अधिनियम का उद्देश्य विधायी संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना है। इसमें लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% सीटों का आरक्षण सुनिश्चित किया गया है। यह कानून महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त करेगा और समावेशी शासन को बढ़ावा देगा।
सोनभद्र, संवाददाता। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संबंध में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान महिला आरक्षण कानून के प्रावधानों, उद्देश्य और प्रभावों पर विस्तार से जानकारी दी गई। स्त्री रोग विशेषज्ञ प्रोफेसर डॉ. दीप्ती सिंह ने कहा कि भारत सरकार की तरफ से पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश के लोकतांत्रिक इतिहास में एक ऐतिहासिक और दूरगामी प्रभाव वाला कानून है। इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य विधायी संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना और नीति निर्माण में उनकी सक्रिय व निर्णायक भूमिका सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि अधिनियम के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटों का आरक्षण सुनिश्चित किया गया है।
यह प्रावधान राजनीति में लैंगिक समानता को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है। कहा कि इस कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पहले जनगणना प्रक्रिया पूरी होना तथा उसके आधार पर परिसीमन कराया जाना आवश्यक है। इन प्रक्रियाओं के बाद ही महिला आरक्षण व्यवस्था लागू की जाएगी।उन्होंने बताया कि महिलाओं के लिए यह आरक्षण प्रारंभिक रूप से 15 वर्षों के लिए लागू रहेगा, जिसे आवश्यकता पड़ने पर संसद आगे बढ़ा सकती है। इसके अलावा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्गों के लिए आरक्षित सीटों में से भी एक-तिहाई सीटें संबंधित वर्ग की महिलाओं के लिए सुरक्षित रहेंगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में संसद में महिलाओं की भागीदारी लगभग 15 प्रतिशत है, जो इस कानून के लागू होने के बाद उल्लेखनीय रूप से बढ़ेगी। यह अधिनियम न केवल महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त करेगा, बल्कि देश के समग्र विकास और समावेशी शासन व्यवस्था को भी मजबूती देगा। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. गीता जायसवार ने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा और भारत को अधिक समावेशी एवं समानतामूलक लोकतंत्र की ओर अग्रसर करेगा। इस मौके पर डीपीआरओ नमिता शरण, डीसी एनआरएलएम सरिता सिंह, दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी विद्या देवी, प्रभारी प्रोबेशन अधिकारी इन्द्रावती देवी, दीपिका सिंह, साधना मिश्रा, अल्पसंख्यक अधिकारी सुधांसु शेखर शर्मा, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय सिंह आदि रहे।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन