तस्कर बेच रहे थे ड्रग्स, पुलिस दे रही थी साथ; एडीसीपी ने दारोगा समेत 4 को किया सस्पेंड
कानपुर में ड्रग्स के खिलाफ चल रहे अभियान के बाद भी तस्करी पर लगाम नहीं लग पा रही है। गोपनीय जांच में सामने आया कि कई पुलिसकर्मी भी इसमें लिप्त हैं। वहीं, इस पर एक्शन लेते हुए चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।

यूपी के कानपुर में ड्रग्स की तस्करी में मिलीभगत सामने आने पर पुलिस ने 3 अप्रैल को एसआई समेत चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई एडीसीपी ऑपरेशन सुमित सुधाकर रामटेके की जांच के बाद की गई है। निलंबित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू हो गई है।
मादक पदार्थ के खिलाफ चल रहे अभियान के बाद भी तस्करी पर लगाम नहीं लग पा रही है। इसे देखते हुए पुलिस आयुक्त ने एडीसीपी ऑपरेशन सुमित सुधाकर रामटेके से गोपनीय जांच कराई। जांच में सामने आया कि कई पुलिसकर्मी भी इसमें लिप्त हैं। उनकी शह पर ही तस्कर जेल से आने के बाद फिर धंधा शुरू कर देते हैं। गोपनीय तरीके से चरस और गांजा बेचने वालों से पूछताछ हुई तो चार नाम सामने आए। इसमें सबसे पहला नाम पनकी चौकी मंदिर प्रभारी श्रवण कुमार का है।
चौकी प्रभारी के खिलाफ पहले से ही कई शिकायतें हैं। इसके अलावा काकादेव थाने में तैनात हेड कांस्टेबल रंजीत कुमार शर्मा, सचेंडी थाने में तैनात हेड कांस्टेबल जितेंद्र प्रताप सिंह और रिजर्व पुलिस लाइन में तैनात हेड कांस्टेबल कमलकांत का नाम सामने आया। पुलिस आयुक्त ने बताया कि चारों को निलंबित कर दिया गया है। एडीसीपी पूर्वी अंजलि विश्वकर्मा को इनके खिलाफ विभागीय जांच और कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
आठ और निशाने पर
गांजा तस्करों से पूछताछ में आठ और पुलिसकर्मियों के नाम सामने आए हैं। ये अलग-अलग थानों में तैनात हैं। विभागीय स्तर पर इनकी भी जांच कराई जा रही है। जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद इन पर भी कार्रवाई हो सकती है।
खाकी को भारी पड़ी गांजा तस्करों से यारी
मादक पदार्थ तस्करी को लेकर अक्सर वर्दी पर आरोप लगते रहे हैं। जब बड़े तस्कर पकड़े तो उन्होंने भी पुलिसकर्मियों के नाम लिए लेकिन विभागीय मामला होने के चलते अफसर इसे दबा लेते थे। हालांकि इस बार पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने विभाग में तैनात मादक पदार्थ तस्करी के विभीषणों की पहचान के लिए आईपीएस सुमित सुधाकर रामटेके को लगाया। एक सप्ताह की जांच में चार नाम सामने आए। इन पर गांजा बिकवाने में सहयोग करने, संरक्षण देने, तस्करों से मिलीभगत और संलिप्तता के आरोप लगे हैं।
पनकी चौकी मंदिर प्रभारी श्रवण कुमार
इलाके में लंगड़ी नाम की महिला है जो गांजे की पुड़िया लंबे समय से बेच रही है। ग्राहक बनकर पूछताछ हुई तो दावा किया कि चौकी से लेकर थाने तक सेटिंग है। जांच में पता चला कि चौकी प्रभारी के प्रश्रय पर महिला गांजा बेच रही थी।
हेड कांस्टेबल कमलकांत
कमलकांत पिछले डेढ़ साल से रिजर्व पुलिस लाइन में तैनात है। अधिकारियों के मुताबिक दक्षिण क्षेत्र में कंजड़नपुरवा इलाके में उसकी लंबे समय से पैठ रही है। रिजर्व पुलिस लाइन में तैनाती के बावजूद कमलकांत का इलाके में दखल बना हुआ है। आईपीएस सुमित ने यहां तस्करों से बात की तो नाम सामने आया।
हेड कांस्टेबल रंजीत कुमार शर्मा
काकादेव थाने में तैनात रंजीत पर कई गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस की जांच में सामने आया कि काकादेव कोचिंग मंडी में तस्करी करने वालों को रंजीत ने प्रश्रय दे रखा है। इसकी शह पर ही कोचिंड मंडी के आसपास चरस व गांजा तस्कर धड़ल्ले से बेचते हैं।
हेड कांस्टेबल जितेंद्र प्रताप सिंह
सचेंडी थाने में जितेंद्र की पोस्टिंग है। बताया गया कि यह 20 दिन पहले ही थाने पहुंचा है। अधिकारियों की जांच में सामने आया कि सचेंडी और आसपास के क्षेत्रों में इसका दबदबा है। कई तस्करों से पूछताछ के बाद जितेंद्र का नाम मिला। उस पर गांजा बेचने में सहयोग करने, संलिप्तता के आरोप हैं।




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