मेरा एनकाउंटर हो जाता, अगर CBI नहीं आती; शुभेंदु के PA मर्डर केस से कैसे छूटे राज सिंह?
पश्चिम बंगाल के हाइप्रोफाइल हत्याकांड में शामिल होने के आरोप में पकड़े जाने के बाद छूटकर घर पहुंचे राज सिंह ने बताया कि यदि मामले की सीबीआई जांच नहीं करती तो मेरा इनकाउंटर हो सकता था।

पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट (पीए) चंद्रकांत रथ के मर्डर केस में शामिल होने के आरोप में पकड़े जाने के बाद छूटकर घर पहुंचे राज सिंह ने आपबीती बताते हुए कहा कि अगर मामले की सीबीआई जांच नहीं करती तो मेरा एनकाउंटर हो जाता। उन्होने बताया कि राम मंदिर से दर्शन-पूजन कर लौटते समय अयोध्या की एसओजी ने पकड़ा था। उसने पूरी रात पूछताछ की। इसके अगले दिन पहुंची पश्चिम बंगाल की एसटीएफ अपने साथ लेकर चली गयी। बताया कि वहां पर बंगाल की एसटीएफ ने जुर्म कबूलने का दबाव बनाते हुए उत्पीड़न किया। हालांकि इसी बीच जांच की जिम्मेदारी सीबीआई को मिल गयी।
सकंट की घड़ी में परिवारवाले काम आए- राज सिंह
केंद्रीय जांच एजेंसी ने कई दिनों तक पूछताछ की तथा साक्ष्य जुटाया। हत्याकांड में कोई भूमिका नहीं मिलने पर सीबीआई ने छोड़ दिया। राज का कहना है कि अयोध्या से पकड़े जाने से लेकर छूटने तक परिवार के लोग परेशान रहे। मीडिया के माध्यम से सीसीटीवी फुटेज आदि साक्ष्य जांच एजेंसी तक पहुंचा, जिसके चलते राहत मिल सकी। राज ने यह भी कहा कि एक संगठन से जुड़े होने के बावजूद संकट की घड़ी में उसके सदस्यों ने साथ छोड़ दिया। समय पर कोई काम नहीं आता है। सिर्फ परिवारवालों को छोड़कर।
न मेरी बात सुनी, न ही कोई सबूत मांगे- राज सिंह
राज सिंह ने कहा कि मुझे गलत तरह से गिरफ्तार किया गया था। किसी और राज कुमार सिंह को पकड़ने के बजाय मुझे पकड़ लिया गया। मैं अपनी मां के साथ अयोध्या दर्शन के लिए गया था। जब वापस घर आया तो वहां पुलिस की टीम मौजूद थी जिन्होंने मुझे अरेस्ट कर लिया। न ही उन्होंने कोई बात सुनी और न ही सबूत मांगे।
पद -संगठन सिर्फ दिखावे के हैं- राज सिंह
राज सिंह ने कहा कि बड़े-बड़े पद और संगठन सिर्फ दिखावे के लिए होते हैं। असली साथ वही लोग देते हैं जो अपने होते हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि अब उन्हें नहीं लगता कि संगठन में उनका पद बरकरार रहेगा। ऊपर बोर्ड लगा है प्रदेश महासचिव का… लेकिन मुझे नहीं लगता कि अब उसका कोई मतलब है। ये सब बस लाइमलाइट के लिए होता है।
एसटीएफ ने नवीन सिंह को दबोचा
वहीं इस मामले में पीए चंद्रकांत रथ की हत्या में प्रयुक्त असलहा एसटीएफ ने बरामद कर लिया है। मामले में गिरफ्तार तस्कर से पूछताछ के लिए सीबीआई टीम के पहुंचने की भी संभावना जताई जा रही है। एसटीएफ वाराणसी के इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह की तहरीर पर फेफना थाने में आरोपी नवीन सिंह के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। हत्याकांड की जांच कर रही सीबीआई की सूचना पर एसटीएफ वाराणसी ने बुधवार को फेफना थाना क्षेत्र के थम्हनपुरा निवासी नवीन सिंह को शहर के विशुनीपुर इलाके से गिरफ्तार किया।
हत्या के बाद गोदाम में छिपाए थे हथियार
पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि हत्या में प्रयुक्त हथियार उसने कपूरी गांव स्थित अपने गोदाम में छिपाकर रखा है। इसके बाद एसटीएफ टीम आरोपी को साथ लेकर गोदाम पहुंची, जहां पुलिस ने झोले में रखे असलहे, कारतूस बरामद किए गए। एसटीएफ के अनुसार बरामद हथियारों में अमेरिका निर्मित तीन पिस्टल, कानपुर मेड एक पिस्टल और एक देसी रिवॉल्वर शामिल हैं। इसके अलावा 45 जिंदा कारतूस और छह खोखा भी बरामद हुए हैं। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि बरामद पांच हथियारों में से किस हथियार का इस्तेमाल चंद्रकांत रथ की हत्या में किया गया था। इसकी पुष्टि सीबीआई जांच के बाद ही हो सकेगी।




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