शुभेंदु अधिकारी पीए केस में पुलिस ने कर दी बड़ी गलती, बेगुनाह राज सिंह जेल से छूटा, मां से लिपट कर रोया
शुभेंदु अधिकारी के पीए की हत्या में गिरफ्तार बलिया का राज सिंह जेल से छूट गया है। बेगुनाही साबित होने पर राज सिंह घर पहुंचते ही अपनी मां से लिपटकर खूब रोया और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए।

Balia News: पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंद्र अधिकारी के पीए की हत्या मामले में कोलकाता और यूपी पुलिस ने बड़ी गलती कर दी। 11 मई को अयोध्या से जिस राज सिंह नाम के युवक को आरोपी समझकर गिरफ्तार किया गया था, वह निर्दोष निकला। गलत पहचान के चलते राज सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया था। राज खुद को बेगुनाह बताता रहा, लेकिन उसकी एक नहीं सुनी गई थी। राज सिंह के साथ बिहार से भी दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। बाद में सीबीआई ने असली आरोपी राज कुमार सिंह को यूपी के मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी तब हुई थी जब राज सिंह हरिद्वार से दिल्ली भाग रहा था।
राजकुमार की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने राज सिंह को बेगुनाह साबित कराकर उसकी जेल से रिहाई कराई। जेल से रिहाई के बाद अपने घर पहुंचे राज सिंह का दर्द छलक पड़ा। राज सिंह ने पुलिस-प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उसका कहना था कि वह खुद को बेगुनाह बताता रहा लेकिन पुलिस ने एक नहीं सुनी और जेल भेज दिया। राज सिंह ने बताया कि अगर सीबीआई नहीं आती तो मेरा एनकउंटर हो जाता। उसका कहना था कि उसे डराया जा रहा था कि गोली मार दी जाएगी। राज सिंह को जैसे ही खुद के बेगुनाह होने की जानकारी मिली तो उसने हाथ जोड़ते हुए सीबीआई को शुक्रिया कहा।
सीबीआई ने दिलाया था बेगुनाही का भरोसा
रिहाई के बाद घर लौटे राज सिंह मां से लिपट कर रो पड़े। राज सिंह ने रोते हुए कहा कि उनका इस मामले से कोई वास्ता नहीं था। आरोप लगाया कि उनसे दबाव बनाकर पूछा जाता रहा बोल, तूने कैसे किया? राज ने कहा कि कोलकाता में भाषा न समझ आने के कारण उन्हें डर था कि कहीं उनका फर्जी एनकाउंटर न कर दिया जाए। बाद में सीबीआई ने उन्हें दिलासा दिया कि अगर वह गलत नहीं हैं तो उनके साथ गलत नहीं होगा। सीबीआई कोर्ट से बरी होने के बाद राज सिंह आज अपने घर पहुंचे। घर पहुंचते ही वह मां से गले लिपट गए और दोनों रो पड़े। मामला अब पुलिस कार्रवाई और निर्दोष युवक को हिरासत में रखने के सवालों को लेकर चर्चा में है।
11 मई को अयोध्या से गिरफ्तार हुआ था राज सिंह
कोतलकाता पुलिस को इनपुट मिला था कि शुभेंदु अधिकारी के पीएम की हत्या में शामिल एक संदिग्ध शूटर लखनऊ से गोखपुर की ओर जा रहा है। इस सूचना के आधार पर बंगाल पुलिस की टीम ने यूपी पुलिस के साथ बातचीत की। अयोध्या कोतवाली क्षेत्र के बूथ नंबर चार के पास नेशनल हाईवे पर घेराबंदी की गई। जैसे ही संदिग्ध की प्रावेट कार वहां पहुंची तो पुलिस ने उसे चारों तरफ से घेर लिया और युवक को हिरासत में ले लिया पकड़े गए युवक राज सिंह की पहचान उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के निवासी के रूप में हुई थी।
बलिया में यूपी एसटीएफ की कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में एसटीएफ ने बलिया जिले से 35 वर्षीय एक कथित अपराधी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान फेफना थाना क्षेत्र के थम्हनपुरा गांव निवासी नवीन कुमार सिंह के रूप में हुई है। उसे सीबीआई द्वारा साझा की गई जानकारी के आधार पर पकड़ा गया, जो इस हत्याकांड की जांच कर रही है। एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक, 19 मई को वाराणसी इकाई की टीम बलिया पहुंची और तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान आरोपी के कब्जे से हथियारों और कारतूसों का जखीरा बरामद किया गया। एसटीएफ इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह की शिकायत पर फेफना थाने में शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि बलिया के ही एक अन्य अपराधी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मन्नू और उसके दो सहयोगियों ने उसे हथियारों से भरा बैग सौंपा था। बाद में एसटीएफ ने राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे स्थित एक कार शोरूम से हथियार बरामद किए, जिनमें तीन पिस्तौल, दो रिवाल्वर और 45 कारतूस शामिल हैं।




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