लू के थपेड़ों व झुलसाने वाली गर्मी से हाल बेहाल
Shravasti News - श्रावस्ती में गर्मी बढ़ती जा रही है, तापमान 40 डिग्री तक पहुंच गया है। लोग घरों में दुबक गए हैं और बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी बच्चों की सेहत के लिए खतरा है। वहीं, खराब हैंडपम्प और अधूरी पानी टंकियों के चलते लोगों को पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

श्रावस्ती, संवाददाता। तराई में दिन-ब-दिन सूरज की गर्मी बढ़ती जा रही है। चटख धूप व गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया है। करीब एक सप्ताह से लगातार गर्मी का पारा 40 डिग्री तक पहुंच गया है। इससे लोगों की सेहत भी बिगड़ने लगी है। जिले में रविवार को भीषण गर्मी व लू ने लोगों को बेहाल कर दिया। सुबह सात बजे से चटख धूप के साथ दिन की शुरुआत हुई। जिसके बाद पारा बढ़ता गया। 10 बजे के बाद लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। दोपहर में लोग घरों में दुबके रहे। वहीं जरूरी काम से घर से बाहर निकले लोग दोपहर में छाया तलाशते नजर आए।
कोई शीतल पेय पीकर अपनी गर्मी शांत कर रहा था तो कोई खीरा व आईस्क्रीम खाकर गर्मी से बचने का प्रयास करता दिखा। वहीं, दिन में चलने वाली गर्म हवाएं लोगों को झुलसा रही थी। रविवार को जिले का अधिकतम तापमान 40 डिग्री तो न्यूनतम 27 डिग्री रहा। जिला चिकित्सालय के चिकित्सक डा श्याम मिश्र ने बताया कि गर्मी बढ़ने व लू के कारण तमाम बीमारियां बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा कि लोग इस समय तेज धूप में निकलने से बचें। यदि बाहर जाना जरूरी है तो पूरी बांह का कपड़ा पहनें तथा सिर को ढक कर रखें। साथ ही थोड़ी-थोड़ी देर पर पर्याप्त पानी पीते रहें। इससे गर्मी का प्रभाव शरीर पर कम पड़ेगा। वहीं मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन ने भी अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। ताकि लू की चपेट में आने से बचाया जा सके।भीषण गर्मी से बिगड़ सकती है बच्चों की सेहत, रहें सावधान: विशेषज्ञों की माने तो भीषण गर्मी बच्चों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। जिससे निर्जलीकरण, लू लगना, उल्टी, दस्त और त्वचा में संक्रमण हो सकता है। जिल अस्पताल भिनगा के बाल रोग विशेषज्ञ डा ध्रुव कुमार मिश्रा ने बताया कि इस समय गर्मी बढ़ने के साथ ही तापमान भी बढ़ा है। तेज धूप व भीषण गर्मी बच्चों की सेहत के लिए ठीक नहीं है। बच्चे बीमार हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें बार-बार पानी पिलाएं, शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखने के लिए ओआरएस या छाछ पिलाएं, सुबह 11 से शाम चार बजे तक बच्चों को बाहर न निकलने दें। ढीले-ढाले व हल्के रंग के सूती कपड़े पहनाएं जो त्वचा को सांस लेने में मदद करते हैं।। बच्चों को भारी और मसालेदार भोजन न खिलाएं। इसकी जगह हल्का और सुपाच्य खाना दें। उन्होंने कहा कि उल्टी, दस्त, बुखार की समस्या होने तक बिना देर किए बच्चे को चिकित्सकों दिखाएं।खबरा हैंडपम्प व अधूरी पानी टंकियों ने बढ़ाई मुश्किल: इस समय जिले में भीषण गर्मी हो रही है। गर्मी व तेज धूप के चलते लोगों में पेयजल की मांग भी बढ़ गई है। लेकिन खराब पड़े हैंडपम्प व अधूरी पानी टंकियों से लोगों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल रहा है। सिरसिया क्षेत्र के चिल्हरिया गांव में तीन साल से पानी टंकी बन रही है। लेकिन अभी भी उसका निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। हैंडपम्प खराब है है लोगों में पेयजल की समस्य बनी हुई है। इसी तरह गब्बापुर ग्राम पंचायत में भी पानी टंकी से जलापूर्ति नहीं शुरू हुई है। जमुनहा के कई ग्राम पंचायतों में टंकियां अधूरी हैं और हैंडपम्प खराब हैं। इससे लोगों को पीने का शुद्ध पानी नहीं मिल रहा है। भीषण गर्मी पीने का शुद्ध पानी न मिलने से लोगों को समस्या हो रही है।
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