भीषण गर्मी और तेज धूप के चलते शरीर की नमी को खो रह
पेज चार की लीडपेज चार की लीड भीषण गर्मी और तेज धूप के चलते शरीर की नमी को खो रहे जिलेवासी, हो रहे बीमार लोगों को धूप से बचते हुए

बांका, नगर प्रतिनिधि -: भीषण गर्मी और तेज धूप के कारण जिले में डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। वहीं सदर अस्पताल बांका के ओपीडी में इन दिनों आने वाले मरीजों में करीब 90 प्रतिशत लोग डिहाइड्रेशन की समस्या से जूझते हुए पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार लगातार बढ़ते तापमान और लू जैसी स्थिति के कारण लोगों के शरीर में पानी की कमी हो रही है, जिससे वे बीमार पड़ रहे हैं। जबकि सुबह होते ही सूर्य की तपिश अपना असर दिखाने लगती है। सुबह 8 बजे के बाद ही वातावरण पूरी तरह गर्म हो जाता है और दोपहर तक स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।
ऐसे में सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और बाहर काम करने वाले लोगों को उठानी पड़ रही है।मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को जिले का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि जिले का न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि दिन के समय करीब 6 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवा चलती रही, जिससे आद्रता भी 18 प्रतिशत तक पहुंच गया। हालांकि शाम के समय जिले के कुछ क्षेत्रों में वर्षा होने के साथ साथ औलावृष्टि की भी सूचना प्राप्त हुई। जिससे शाम के समय जिले में ठंडी हवा चलने से लोगों को कुछ हद तक राहत भी मिली। वहीं इन दिनों अस्पताल में आने वाले मरीजों में चक्कर आना, कमजोरी, उल्टी, सिरदर्द और अत्यधिक प्यास जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं। जिले के सदर अस्पताल के चिकित्सकों का कहना है कि, इस मौसम में लापरवाही बरतना भारी पड़ सकता है। वहीं डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि, वे अनावश्यक रूप से धूप में निकलने से बचें और यदि बाहर जाना जरूरी हो तो सिर और शरीर को ढककर ही निकलें। साथ ही दिनभर में अधिक से अधिक पानी पीने की आदत डालें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। साथ ही डॉक्टरों ने यह भी बताया कि, केवल पानी ही नहीं, बल्कि रसदार फलों और पारंपरिक पेय पदार्थों का सेवन भी बेहद जरूरी है। खीरा, ककड़ी, तरबूज जैसे फल शरीर को ठंडक प्रदान करते हैं और पानी की कमी को पूरा करने में मददगार होते हैं। इसके अलावा आम पन्ना, नींबू पानी, लस्सी और छाछ जैसे पेय पदार्थ भी शरीर को हाइड्रेट रखने में सहायक होते हैं। इधर विशेषज्ञों का कहना है कि, डिहाइड्रेशन से बचने के लिए नियमित अंतराल पर पानी पीना चाहिए, भले ही प्यास न लगी हो। जबकि बच्चों और बुजुर्गों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि इनमें डिहाइड्रेशन का खतरा अधिक होता है। यदि किसी व्यक्ति को ज्यादा कमजोरी, चक्कर या बेहोशी जैसी स्थिति महसूस हो तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।वहीं मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दो-तीन दिनों में जिले में बारिश होने की संभावना है, जिससे लोगों को इस भीषण गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि तब तक लोगों को सतर्क रहने और डॉक्टरों की सलाह का पालन करने की आवश्यकता है। जिले में बढ़ती गर्मी ने जनजीवन को काफ़ी हद तक प्रभावित कर दिया है। ऐसे में जागरूकता और सावधानी ही इस समस्या से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।क्या कहते हैं डॉक्टर?भीषण गर्मी में डिहाइड्रेशन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जो चिंता का विषय है। शरीर में पानी की कमी होने से चक्कर, कमजोरी, उल्टी और सिरदर्द जैसे लक्षण दिखते हैं। लोगों को सलाह है कि बिना प्यास लगे भी नियमित अंतराल पर पानी पिएं। धूप में निकलने से बचें, हल्के कपड़े पहनें और सिर ढककर रखें। खीरा, तरबूज, नींबू पानी, लस्सी जैसे पेय पदार्थ शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं।डा. उस्मान घनीचिकित्सा पदाधिकारी, सदर अस्पताल बांकाक्या कहते हैं मौसम वैज्ञानिक?वर्तमान समय में जिले में तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है, जिससे लू जैसी स्थिति उत्पन्न हो रही है। सुबह 8 बजे के बाद ही तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों को प्रभावित कर रही हैं। हालांकि, आगामी दो से तीन दिनों में मौसम में बदलाव के संकेत हैं। हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है। तब तक सावधानी बरतना आवश्यक है।डा. नेहा कुमारी
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन