ईडी का गिरफ्तारी का दावा, रोज दुबई से लाइव आ रहा साइन सिटी का सीएमडी राशिद नसीम
करोड़ों रुपये के शाइन सिटी घोटाले का मुख्य आरोपी राशिद नसीम प्रवर्तन निदेशालय (ED) की गिरफ्तारी के दावों के बीच दुबई से फेसबुक पर लाइव आकर नई योजनाएं साझा कर रहा है। वह निवेशकों को 100 दिनों के भीतर पैसा और प्लॉट वापस करने का झांसा दे रहा है, जबकि वाराणसी अकेले में उसके खिलाफ 127 मुकदमे दर्ज हैं।

करोड़ों रुपये की ठगी के आरोपी शाइन सिटी कंपनी के सीएमडी राशिद नसीम को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने पिछले महीने यूएई में गिरफ्तार करने का दावा किया था। अब वही राशिद नसीम दुबई से रोजाना फेसबुक पेज पर लाइव आ रहा है। राशिद नसीम आफिशियल नाम के पेज से निवेशकों को उनकी जमीन, प्लॉट के अलावा उनके निवेश की राशि भी वापस करने का दावा कर रहा है। वह बता रहा है कि तीन तरह के निवेशकों के लिए तीन टीमें बनी हैं। 100 दिन में सभी की देनदारी खत्म करने का दावा कर रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के इस वीडियो की पुष्टि आपका अपना अखबार ‘हिन्दुस्तान’ नहीं करता।
फेसबुक पेज पर राशिद का 3 मिनट 56 सेकंड का वीडियो सोमवार को अपलोड हुआ, जिसमें वह बता रहा है कि शाइन ग्रुप में तीन तरह के निवेशक हैं, एक जिन्होंने पूरे पैसे देकर जमीन की रजिस्ट्री कराई, लेकिन कब्जा नहीं ले सके। अगर वे उसी जमीन पर कब्जा चाहते हैं या फिर दूसरी जमीन लेना चाहते हैं, उनके लिए भी कंपनी के पास प्लान है। एक टीम इसके लिए काम कर रही है। दूसरी तरह के निवेशक ऐसे हैं, जिन्होंने पैसा तो दिया लेकिन जमीन की रजिस्ट्री नहीं करा सके। उन्हें यूपी, बिहार, यूपी के लखनऊ के आसपास जमीन दिलाने की बात कर रहा है। तीसरे निवेशक ऐसे हैं, जिन्होंने जमीन या अन्य स्कीम में निवेश किया था, उन्हें भी पैसा वापस दिलाने की बात कही है।
वाराणसी में शाइन सिटी पर 127 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं
रााशिद नसीम, उसके भाई आसिफ, डायरेक्टर लक्सा निवासी अमिताभ श्रीवास्तव, उसकी पत्नी मीरा, सुसुवाही निवासी राजीव सिंह, बिहार के मुश्ताक समेत दर्जनों प्रबंधकों और एजेंटों पर वाराणसी में 127 मुकदमे हैं।
घर बैठे पेपर जमा करने के लिए एक वेबसाइट होगी
एक पोस्ट में लिखा गया है कि जो निवेशक पेपर जमा नहीं कर पाए, वे घर बैठे सबमिट कर लेंगे। कन्फर्मेशन के लिए कॉल जाएगी। वेरिफिकेशन होते ही देनदारी का रास्ता बताया जाएगा। एक वेबसाइट अलग से बनाई जाएगी।
पेज पर सेटलमेंट के लिए जारी किया लिंक
इसी पेज पर मंगलवार को सेटलमेंट के लिए एक फॉर्म का इमेज देते हुए इसका लिंक खोल कर भरने को कहा गया है। यह कितना सही है, कितना गलत, कोई पुष्टि नहीं कर रहा। निवेशक डरे हैं कि कहीं यह कोई साइबर फ्राड न हो। गौरतलब है कि लखनऊ की अदालत पहले ही राशिद को भगोड़ा घोषित कर 127.98 करोड़ की संपत्ति जब्त करने का आदेश दे चुकी है। इसी के बाद ईडी ने उसकी गिरफ्तारी का दावा किया था।




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