छह माह से गुमशुदा अब बन गया भाजपा का नामित पार्षद, BJP के खिलाफ चुनाव लड़ने वाला भी मनोनीत
अलीगढ़ नगर निगम के 10 मनोनीत पार्षदों की सूची ने भाजपा के भीतर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। एक तरफ छह माह से गुमशुदा को नामित किया गया है तो दूसरी तरफ पार्टी के खिलाफ लड़ने वाले बागी को मनोनीत कर दिया गया है।

अलीगढ़ नगर निगम के लिए 10 नामित पार्षदों की भाजपा की सिफारिश पर शासन से घोषणा की गई। हैरत की बात है कि संगठन के स्तर पर इन नामों का चयन करने में कोई भी निर्धारित नियमों को पूरा ही नहीं किया गया। जिसका परिणाम है कि जो पार्टी का कार्यकर्ता छह माह से गुमशुदा चल रहा है, वह भाजपा का नामित पार्षद बनाया गया है। नामित पार्षदों के नाम पर अपनों-अपनों को किस तरह से रेबड़ियां बांटी गईं, उसका एक उदाहरण यह है कि जिस वार्ड से निकाय चुनाव में भाजपा का पार्षद जनता ने चुना। अब उसी क्षेत्र में दो नामित पार्षद और बना दिए गए हैं। इतना ही नहीं निकाय चुनाव में जिस पदाधिकारी ने पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंका, उसे भी नामित पार्षद बनाए जाने के तोहफा मिला है। ऐसे में संगठन स्तर पर तय किए गए नामों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
जिले की निकायों में 65 सदस्य शासन ने नामित किए हैं। इनमें से 10 नगर निगम, पांच-पांच सदस्य दो नगर पालिका परिषदों व तीन -तीन सदस्य 15 नगर पंचायतों में नामित किए गए। प्रमुख सचिव नगर विकास पी.गुरू की ओर से जारी आदेश के अनुसार नामित पार्षदों में प्रतिभा कॉलोनी निवासी सुशीला राजपूत, रामबाग कॉलोनी निवासी अजीत चौधरी, बेगमबाग वेद प्रकाश सिसौदिया, गांधीनगर निवासी सुभाष बाबू गुप्ता, शिवनगर कॉलोनी निवासी नीलेश उपाध्याय, बाड़ा गौहर अली समना पाडा निवासी विपिन चंचल वाल्मीकि, बेगमबाग निवासी वीरेन्द्र सिंह सविता, ज्वालापुरी निवासी अरुण कुमार शर्मा, सरसैयदनगर नगला मल्लाह निवासी दिलीप निषाद, आरकेपुरम आगरा रोड निवासी गुरुदास प्रजापति शामिल हैं।
समना पाड़ा निवासी विपिन चंचल है गुमशुदा
नामित पार्षदों की सूची में छठे क्रमांक पर विपिन चंचल बाल्मीकि निवासी बाड़ा गौहर अली, समना पाड़ा का नाम है। इसके बारे में जब पता किया गया तो वर्ष 2025 से यह गुमशुदा चल रहे हैं। परिजनों की ओर से थाना सासनीगेट में गुमशुदगी भी दर्ज कराई जा चुकी है। हैरत की बात है कि फिर भी संगठन ने इस नाम का चयन भी कर लिया और अब नामित पार्षद भी बना दिया गया। सासनीगेट थाने के इंस्पेक्टर बालेंद्र सिंह के अनुसार भी समना पाड़ा निवासी विपिन चंचल बाल्मीकि की गुमशुदगी थाने में दर्ज हैं। अभी यह गुमशुदा ही चल रहे हैं।
वार्ड-76 से अब भाजपा के तीन पार्षद
वार्ड-76 बेगमबाग से वर्तमान में भाजपा की पार्षद दीपू शर्मा है। वहीं नामित पार्षदों में इसी वार्ड से वेदप्रकाश सिसोदिया व वीरेन्द्र सिंह सविता के नाम की घोषणा हुई है। ऐसे में संगठन के पदाधिकारी दबी जुबां से कह रहे हैं कि आखिर संगठन की ऐसा कौन सी मजबूरी रही जो एक ही वार्ड से दो पार्षद नामित कर दिए गए। जबकि बेहतर रहता कि जिस क्षेत्र में पार्टी का सभासद नहीं था, वहां संगठन की मजबूती के लिए पार्षद बनाया जाता।
वार्ड-60 से भाजपा के खिलाफ लड़ा चुनाव अब बने नामित पार्षद
वार्ड-60 गांधीनगर क्षेत्र में भी अजब-गजब हाल रहा है। निकाय चुनाव के दौरान भाजपा ने यहां राजबहादुर गुप्ता को टिकट दी थी। इससे नाराज होकर पार्टी के पुराने पदाधिकारी सुभाष गुप्ता ने निर्दलीय ही ताल ठोंक दी थी। हालांकि भाजपा प्रत्याशी को वह हरा नहीं सके। हैरत की बात है कि अब सुभाष भी नामित पार्षद बना दिए गए हैं। इसी तरह शिव नगर कॉलोनी निवासी नीलेश उपाध्याय को नामित पार्षद बनाया गया है जबकि यह पार्टी प्रत्याशी के सामने चुनाव लड़ चुके हैं। इसको लेकर भी संगठन में चर्चा है कि अब बगावत करने वालों को भी इस तरह से सम्मानित किया जाएगा तो पार्टी का कर्मठ कार्यकर्ता क्या करेगा।
महिला लॉबी को सुशीला राजपूत के नाम ने चौंकाया
10 नामित पार्षदों में से एक महिला पार्षद के रूप में सुशीला राजपूत के नाम की घोषणा की गई है। पूर्व में यह संगठन में मंत्री रह चुकी हैं। मेयर फुरकान के कार्यकाल के समय यह भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ी थी, तो सामने निर्दलीय प्रत्याशी नीलेश उपाध्याय ने इन्हें हराया था। अब शासन ने नामित पार्षद बनाया है। महिला मोर्चा की एक पदाधिकारी नाम नहीं छापने शर्त पर बताती हैं कि पार्टी के कार्यक्रमों में रंगोली बनाने से लेकर रैली, झंडे उठाने के कार्य के लिए हम जैसे कार्यकर्ता लगाए जाते हैं और अब महिला नामित पार्षद के नाम को लेकर कोई चर्चा भी नहीं की गई।
कागजों में ही हो गई कोर कमेटी की बैठक
नामित पार्षदों का नाम तय करने के लिए एक कोर कमेटी की बैठक होती है। जिसमें वर्तमान व निर्वतमान अध्यक्ष, क्षेत्रीय पदाधिकारी और सांसद-विधायक शामिल होते हैं। यह कमेटी प्रस्तावित नामों पर चर्चा करती है। इसके बाद प्रदेश नेतृत्व को यह नाम भेजे जाते हैं। जहां से शासन को लिस्ट जाती है। हैरत की बात है कि इस बार नामित पार्षदों के नाम चयन करने के लिए कोर कमेटी की बैठक ही नहीं हुई।
भाजपा के महानगर अध्यक्ष राजीव शर्मा के अनुसार नामित पार्षदों में वरिष्ठ व पार्टी के लिए लंबे समय से काम करने वाले नामों को शामिल किया जाता है। ताकि उनके अनुभव का लाभ मिल सके। जो ऐसे नाम है जो निर्दलीय चुनाव भी लड़े पर पार्टी के लिए लंबे समय से काम करत आ रहे हैं। विपिन के नाम को संशोधित किए जाने पर विचार चल रहा है। क्योंकि नाम काफी पहले तय हो गए थे, घोषणा अब हो पाई है।




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