शंकराचार्य का आज धर्मयुद्ध के लिए शंखनाद, प्रशासन की शर्तों पर बोले- सरगम बजाने नहीं आए हैं
लखनऊ में आज शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद 'गौ-प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध' का शंखनाद करेंगे। प्रशासन ने 26 कड़ी शर्तों के साथ कार्यक्रम को अनुमति दी है, जिस पर शंकराचार्य ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि वे यहां अपनी बात रखने आए हैं, प्रशासन की सरगम बजाने नहीं।

Shankaracharya News: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद राजधानी लखनऊ में आज गौरक्षा धर्मयुद्ध का शंखनाद करेंगे। इस दौरान गौरक्षा के लिए देशव्यापी रणनीति की घोषणा भी हो सकती है। राजधानी लखनऊ के आशियाना स्थित कांशीराम स्मृति उपवन के पास पासी किला चौराहे पर दोपहर 2:15 बजे गौ-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान का मुख्य कार्यक्रम आयोजित होगा। प्रयागराज में मौनी अमावस्या पर हुई घटना के बाद से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर लगातार हमलावर शंकराचार्य को लखनऊ में आयोजन के लिए अनुमति तो मिली है लेकिन 26 शर्तें भी लगाई गई हैं। इसे लेकर शंकराचार्य भड़के भी हुए हैं। यहां तक कहा कि सरगम बजाने तो आए नहीं हैं। हमने कभी भड़काऊ भाषण नहीं दिया। फिर इस तरह की शर्तों को लादने का मतलब हमारी आवाज को बंद करने की कोशिश है।
'मन की बात नहीं बोल सकते तो यहां क्यों आए?'
प्रशासन की शर्तों, विशेषकर 'भड़काऊ भाषण न देने' की हिदायत पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "जो बात हम कहने आए हैं, अगर वही नहीं कह पाएंगे तो यह सब तामझाम क्यों? वे चाहते हैं कि हम उनके मन मुताबिक बोलें, उनके लिए सरगम बजाएं, लेकिन हम इसके लिए नहीं आए हैं। हमने कभी भड़काऊ भाषण नहीं दिया, पर हमें जो बोलना है, हम वह जरूर बोलेंगे।" उन्होंने प्रशासन की इस सख्ती को अभिव्यक्ति की आजादी पर अंकुश लगाने की कोशिश बताया है।
सुरक्षा के कड़े पहरे में 'धर्मयुद्ध'
आज के मुख्य कार्यक्रम में प्रदेशभर से भारी संख्या में संत समाज और गौ-भक्तों के जुटने की संभावना है। इसे देखते हुए लखनऊ पुलिस ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं।आशियाना, पीजीआई और कृष्णानगर थानों की पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है। कार्यक्रम स्थल के चारों ओर अतिरिक्त पीएसी और पुलिस बल तैनात किया गया है। बताया जा रहा है कि इस तीन दिवसीय आयोजन के लिए आयोजकों ने स्मारक समिति में करीब 4.5 लाख रुपये का शुल्क जमा कराया है।
काशी से लखनऊ तक जनजागरण
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद लखनऊ आने से पहले काशी से यात्रा निकाली। इस दौरान उन्होंने जौनपुर, सुल्तानपुर, रायबरेली, मोहनलालगंज और नैमिषारण्य जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्रों पर सभाएं की हैं। आज का 'गौ-प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध' इस अभियान का निर्णायक मोड़ माना जा रहा है, जहां से गौ-रक्षा को लेकर देशव्यापी रणनीति की घोषणा की जा सकती है।
प्रशासन की ओर से जारी शर्तों में भड़काऊ भाषण या नारेबाजी पर रोक, हथियार और आतिशबाजी पर प्रतिबंध, ध्वनि प्रदूषण के नियमों का पालन, सीमित वाहनों की अनुमति, यातायात बाधित न करना, निजी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना और रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर बंद रखना शामिल है। किसी भी शर्त का उल्लंघन होने पर प्रशासन तुरंत कार्रवाई कर सकता है।




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