खुले में पशुओं की कुर्बानी प्रतिबंधित
Shamli News - झिंझाना में ईद-उल-अजहा पर्व को शांतिपूर्ण माहौल में मनाने के लिए धर्म गुरुओं की बैठक आयोजित की गई। कोतवाली प्रभारी ने कुर्बानी और नमाज के लिए शासन की गाइडलाइन का पालन करने की अपील की। उन्होंने बताया कि प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी नहीं की जाएगी और नमाज निर्धारित स्थानों पर ही अदा की जाए।

झिंझाना। आगामी ईद-उल-अजहा पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने को लेकर गुरुवार को कोतवाली परिसर में धर्म गुरुओं की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कोतवाली प्रभारी ने कुर्बानी एवं नमाज को लेकर शासन की गाइडलाइन का पालन करने की अपील की। कोतवाली प्रभारी वीरेंद्र कसाना ने कहा कि खुले में कुर्बानी करने की अनुमति नहीं होगी तथा प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी किसी भी हालत में न की जाए। उन्होंने कुर्बानी के दौरान साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की भी अपील की। साथ ही चेतावनी दी कि प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी की शिकायत मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने
ईद-उल-अजहा की नमाज को लेकर भी दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि नमाज ईदगाह एवं निर्धारित परिसरों में ही अदा की जाए और सड़कों या सार्वजनिक मार्गों पर नमाज न पढ़ी जाए। धर्म गुरुओं ने थाना प्रभारी को आश्वासन दिया कि शासन की गाइडलाइन के अनुरूप ही पर्व मनाया जाएगा।कोतवाली प्रभारी ने क्षेत्रवासियों से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग आपसी भाईचारे और शांति के साथ कुर्बानी का त्योहार मनाएं। बैठक में कारी इरशाद महासचिव जमीयत उलेमा-ए-हिंद, हाफिज मोहम्मद अयूब , मुफ्ती मोहम्मद मुनव्वर कासमी ओदरी उपाध्यक्ष जमीयत उलेमा हिंद, मुफ्ती मोहम्मद आमिर, अध्यक्ष जमीयत उलेमा हिंद तथा हाफिज मोहम्मद वकीलउर्रहमान सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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