शाहजहांपुर हादसा: साले की शादी से लौटते वक्त उजड़ गया जीजा का परिवार, घर में बची सिर्फ एक बेटी
शाहजहांपुर जिले के पुवायां क्षेत्र में हुए सड़क हादसे ने निगोही के एक परिवार की पूरी दुनिया उजाड़ दी। साले की शादी में शामिल होकर लौट रहे अरूण अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ हादसे का शिकार हो गए।

Shahjahanpur Hadsa: यूपी के शाहजहांपुर जिले के पुवायां क्षेत्र में हुए सड़क हादसे ने निगोही के एक परिवार की पूरी दुनिया उजाड़ दी। साले की शादी में शामिल होकर लौट रहे अरूण अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ हादसे का शिकार हो गए। इस दुर्घटना में अरूण, उसकी पत्नी सीमा, बेटी दीक्षा और बेटे नैतिक की मौत हो गई। परिवार में अब सिर्फ बड़ी बेटी प्रियांशी बची है, जो हादसे की खबर के बाद से रो-रोकर बेहाल है।
मोहल्ला रामनगर बगिया निवासी राकेश मूल रूप से पीलीभीत जनपद के करेली थाना क्षेत्र के गांव रामपुर बसंत के रहने वाले हैं। परिवार के पास महज एक बीघा जमीन थी, जिससे गुजर-बसर संभव नहीं हो पा रही थी। बेहतर जीवन की तलाश में राकेश करीब 22 वर्ष पहले परिवार सहित निगोही आकर बस गए। यहां मेहनत-मजदूरी कर परिवार को संभाला और बच्चों का पालन-पोषण किया। राकेश के तीन बेटे हैं। अरूण, अर्जुन और अंकित। शादी के बाद अरूण और अर्जुन अपने-अपने परिवार के साथ अलग रहने लगे, जबकि छोटा बेटा अंकित दूसरे प्रांत में निजी नौकरी करता है। परिवार धीरे-धीरे सामान्य जीवन की ओर बढ़ रहा था, लेकिन गुरुवार को हुए हादसे ने सब कुछ बदल दिया। निगोही थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह भी मृतक के घर पहुंचे और परिजनों से हादसे की जानकारी ली। कस्बे में घटना के बाद शोक का माहौल है।
मंगलवार की शाम को ही साले के घर गया था अरुण
मंगलवार शाम अरुण अपनी पत्नी सीमा, बेटी दीक्षा और बेटे नैतिक के साथ पुवायां थाना क्षेत्र के गांव सिरखिड़ी स्थित ससुराल गए थे। वहां उसके साले की शादी थी। शादी समारोह में शामिल होने के बाद गुरुवार सुबह परिवार बाइक से वापस निगोही लौट रहा था। रास्ते में बोलेरो की टक्कर से चारों की मौत हो गई।
हादसे की खबर के साथ ही मची चीख-पुकार
हादसे की खबर मिलते ही मृतक परिवार के घर पर चीख-पुकार मच गई। परिजन बदहवास हो गए। धीरे-धीरे पूरे कस्बे में घटना की सूचना फैल गई और मोहल्ले के लोग अरूण के घर पहुंचने लगे। हर कोई परिवार को ढांढस बंधाने की कोशिश करता नजर आया। सबसे मार्मिक दृश्य बड़ी बेटी प्रियांशी का था। माता-पिता, भाई और बहन को खो चुकी बच्ची लगातार रोती रही। जो भी घर पहुंचा, उसे चुप कराने और दुलारने की कोशिश करता रहा।
प्रियांशी को ढांढस बंधाते रहे लोग
पुवायां हादसे के बाद निगोही के रामनगर मोहल्ले में सन्नाटा पसरा रहा। माता-पिता, भाई और बहन को खोने वाली प्रियांशी हादसे की खबर सुन बदहवास हो गई। वह रोते हुए कभी मम्मी-पापा को याद करती तो कभी भाई-बहन का नाम लेकर बिलख उठती। प्रियांशी निगोही के आदर्श इंटर कॉलेज में कक्षा छह की छात्रा है। हादसे की सूचना मिलते ही उसके बाबा और चाचा अस्पताल चले गए थे, जिससे वह घर पर अकेली रह गई। उसे कुछ भी अच्छा नहीं लग रहा था। मोहल्ले की महिलाएं घर पहुंचीं और उसे गले लगाकर ढांढस बंधाती रहीं, लेकिन माता-पिता को न देखकर वह फिर फूट-फूटकर रोने लगती।




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