यूट्यूब से गूगल तक खंगाला; लाश को ठिकाने लगाने के तरीके ढूंढे; जुड़वा बहनों के हत्याकांड में खुलासा
कानपुर में जुड़वा बेटियों की हत्या करने वाले पिता शशिरंजन ने आवेश में आकर दोनों बेटियों को नहीं मारा था। बल्कि साजिश के तहत इसकी प्लानिंग कई दिनों से चल रही थी। इस बात का खुलासा मोबाइल की सर्च हिस्ट्री से हुआ है। शशिरंजन एक महीने से लाशों को गलाने और ठिकाने लगाने के तरीके खोज रहा था।

कानपुर के किदवईनगर के ब्लॉक स्थित त्रिमूर्ति अपार्टमेंट में शशिरंजन ने बीते शनिवार रात हत्याकांड को अंजाम आवेश में आकर नहीं बल्कि कई दिनों की साजिश के तहत दिया। इस बात का खुलासा मोबाइल की सर्च हिस्ट्री से हुआ है। मोबाइल रिपोर्ट में सामने आया शशिरंजन एक माह से लाशों को गलाने और ठिकाने लगाने के तरीके खोज रहा था। उसने दिन और समय सब नियत कर रखा था। इसी के चलते उसने पत्नी और बेटे की एंट्री कमरे में बैन कर दी थी। जांच में शामिल पुलिस अधिकारी ने बताया शशिरंजन ने मोबाइल पर शुरुआत में यूट्यूब पर हत्या करने के तरीके खोजना शुरू किया। स्पष्ट जवाब नहीं मिला। इसके बाद गूगल पर सर्च किया।
प्रॉक्सी सर्वर का किया प्रयोग
यूट्यूब पर सही जवाब न मिलने पर गूगल पर सर्च शुरू किया। हालांकि कंटेट वॉयलेशन के चलते यहां भी सही जवाब नहीं मिला। इंटरनेट चलाने के लिए प्रॉक्सी सर्वर का प्रयोग किया। यहीं से उसे गला दबाने के बाद गर्दन पर चाकू रख कर भारी वस्तु से प्रहार करने का तरीका मिला, ताकि आवाज न हो और ज्यादा खून न फैले। इसके बाद लाशों को गलाने के तरीके खोजे।
पत्नी की एंट्री की बैन
शशिरंजन तय कर चुका था उसे हत्या करनी है, हालांकि पत्नी रोड़ा बनती। इसीलिए एक माह से वह पत्नी से और ज्यादा झगड़ा करने लगा। सख्त हिदायद दे दी कि कमरे में किसी भी तरह से एंट्री न हो। चापड़ व हथौड़ा खरीद कर लाने के बाद वह बाहर जाता तो कमरे में ताला डालकर जाता था।
बेटियों को मारकर तनाव में आ गया था
इस घटना में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि शशिरंजन अपनी बेटियों की हत्या के बाद बेहद तनाव में आ गया था। तनाव से बचने के लिए वह दो बार किचन में गया और चाय बनाने की कोशिश की। लेकिन उसके हाथ इतनी जोर से कांप रहे ते कि वह चाय नहीं बना सका। गैस ऑन कर धीमे से पतीला भी चढ़ाया, लेकिन फिर गैस बंद कर दी। इस दौरान उसने सिर्फ हाफ पैंट और बनियान पहन रखी थी। वह अपने सिर को हाथों से दबा रहा था, मानो उसका सिर दर्द से फटा जा रहा हो। किचन से फिर कमरे में गया और 10 मिनट बाद कमरे से निकला तो उसने पैंट शर्ट और जूते पहन रखे थे। फ्लैट के मेन गेट खोल बाहर निकला और सड़क पर जाकर पुलिस को कॉल कर दिया। फिर पुलिस के साथ वापस घर में आया।
रूम से लेकर किचन तक कैमरे
पुलिस अधिकारी ने बताया कि फ्लैट में अंदर घुसते ही दो कैमरे लगे हैं, एक किचन को कवर करता है, जबकि दूसरा रेशमा और शशि के कमरों को निगरानी करता है। आरोपित 4 बजकर 24 मिनट पर अपने कमरे से बाहर निकलता दिखा है। वह बेहद डरा और तनावग्रस्त लग रहा है। अपने हाथ हाफ पैंट में पोछ रहा है, मानो हाथ गीले हों।




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