एसडीएम अवमानना के मामले में तलब, हाईकोर्ट में व्यक्तिगत उपस्थित होने का निर्देश
हाईकोर्ट की लखनऊ की बेंच ने बलरामपुर एसडीएम सदर को तलब किया है। न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया ने एसडीएम सदर हिमांशु गुप्ता को अवमानना के मामले में उपस्थित होने को कहा है।

UP News: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ की बेंच ने बलरामपुर एसडीएम सदर को तलब किया है। न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया ने एसडीएम सदर हिमांशु गुप्ता को अवमानना के मामले में तलब किया है। न्यायालय ने अवमानना के तहत आरोप तय करने के लिए उन्हें 11 मई 2026 को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
प्रकरण याचिकाकर्ता रामधीरज त्रिपाठी की भूमि को एलआरपी अधिग्रहण से संबंधित खतौनी में दर्ज किए जाने से जुड़ा है। इस मामले में हाईकोर्ट ने पूर्व में ही एसडीएम सदर को स्पष्ट और विस्तृत शपथ पत्र दाखिल करने का आदेश दिया था ताकि मामले की स्थिति स्पष्ट हो सके। निर्धारित समयावधि में दाखिल किए गए शपथ पत्र को याचिकाकर्ता पक्ष के अधिवक्ता रामकेवल त्रिपाठी ने तथ्यों के अनुरूप न बताते हुए आपत्ति जताई। जिसपर हाई कोर्ट ने प्रस्तुत शपथ पत्र का अवलोकन करने के बाद उसे असंतोषजनक मानते हुए खारिज कर दिया।
साथ ही हाई कोर्ट ने आदेशों के समुचित अनुपालन में कमी पाए जाने पर कड़ा रुख अपनाते हुए अवमानना अधिनियम 1971 के अंतर्गत कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत एसडीएम सदर को तलब कर आरोप तय करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। न्यायालय के इस आदेश के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है। इस मामले की अगली सुनवाई 11 मई को होगी, जहां न्यायालय आगे की कार्रवाई, जिसमें आरोप तय करना भी शामिल है, पर विचार करेगा।
पिछली सुनवाई में लगा था जुर्माना
पिछली सुनवाई में विपक्षी पक्ष द्वारा दाखिल अनुपालन शपथपत्र की जांच में पाया गया था कि भूमि अधिग्रहण से संबंधित आवश्यक अधिसूचना अभिलेखों में संलग्न नहीं की गई थी। अवमानना के केस में प्रशासन की ओर से इस आशय का दस्तावेज प्रस्तुत किया गया कि प्रशासन की ओर से उच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन कर दिया गया है। न्यायालय में दाखिल किए गए दस्तावेजों में अधिग्रहण से संबंधित कोई भी प्रतिलिपि ना होने के कारण उच्च न्यायालय ने नाराजगी जताई। न्यायालय ने हेमंत गुप्ता पर 2000 रुपए जुर्माना लगाते हुए 29 अप्रैल को होने वाली पुनः सुनवाई में समस्त दस्तावेज दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
क्या है मामला
सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम शेखरपुर में बलरामपुर-बहराइच मार्ग पर याची राम धीरज त्रिपाठी की जमीन स्थित है वर्ष 2025 में बिना किसी नोटिफिकेशन के अथवा बिना बैनामा लिए ही याची के जमीन को सरकार ने एलआरपी के नाम घोषित कर दिया। इस बात की जानकारी जब याची को हुई तो उसने तहसीलदार, एसडीएम व डीएम को शिकायती प्रार्थना पत्र दिया लेकिन जिले के अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की मजबूरन याची ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की।




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