मोबाइल गेम के लिए घरवालों ने डांटा तो छात्र ने खुद को बेड बॉक्स में कर लिया बंद, छह घंटे बाद निकाला गया
लखनऊ में मोबाइल गेमिंग की लत कक्षा सात छात्र पर इस कदर हावी हुई कि वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं था। शुक्रवार को जब घरवालों ने डांट दिया तो इससे नाराज होकर उसने खुद को बेड बॉक्स में बंद कर लिया। काफी खोजबीन के बाद वह मिला।

यूपी के लखनऊ में मोबाइल गेमिंग की लत कक्षा सात के 12 वर्षीय छात्र पर इस कदर हावी हुई कि वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं था। घरवालों ने कई बार समझाया पर कोई सुधार नहीं हुआ। शुक्रवार सुबह वह स्कूल के लिए तैयार हो रहा था, तभी घरवालों ने एक बार फिर कसकर डांट दिया। इससे नाराज हो गया। मां टिफिन तैयार करने लगी और नजर बचाकर खुद को बेड बॉक्स में बंद कर लिया। काफी तलाश के बाद भी नहीं मिला तो घरवालों ने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस भी घंटों हलकान रही। अंत में घर की तलाशी ली। बेड बॉक्स खोला गया। छात्र उसमें पसीने से तरबतर लेटा मिला। पुलिस और घरवालों ने काउंसिलिंग की। इसके बाद उसकी हालत सामान्य हुई।
निगोहां इलाके के मस्तीपुर गांव निवासी रेलवे कर्मी ने शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी कि उनका बेटा लापता हो गया। वहां से सूचना निगोहां थाना प्रभारी अनुज तिवारी को दी गई। थाने से दरोगा आनंद सिंह और अरविंद कुमार पुलिस बल के साथ पहुंचे। छात्र के माता-पिता पुलिस के सामने फूट-फूटकर रोने लगे। पिता ने पुलिस को बताया कि बेटा मोबाइल गेम खेलने का लती है। वह रात में घरवालों के सोने के बाद भी मोबाइल ले जाकर चुपचाप गेम खेलता है। उसकी आंखों में दिक्कत होने लगी है। चिड़चिड़ा भी हो रहा है। गुरुवार रात उसने काफी देर तक गेम खेला। जानकारी होने पर सुबह उसे डांट दिया।
स्कूल जाने के लिए उसने अपना बैग तैयार किया और ड्रेस पहनी। उसकी मां टिफिन तैयार कर रही थीं। इसी बीच एकाएक कहीं चला गया। घर का कोना-कोना छान मारा पर कुछ पता नहीं चला। बाहर निकलकर खोजबीन की, उसके दोस्तों को फोन किया। फिर भी पता न चला। तब पुलिस को सूचना दी। दरोगा आनंद सिंह और अरविंद ने गांव के आसपास तलाशी ली। टोल प्लाजा और चौकी पर सूचना दी। पुलिस के व्हाट्सऐप ग्रुप पर फोटो भेजी। घंटों तलाश होती रही। कुछ पता नहीं चला। दोनों दरोगा ने पुलिस बल के साथ छात्र के घर के आसपास और मुख्य मार्ग पर लगे सीसी कैमरे खंगाले पर छात्र कहीं नहीं दिखा।
इस पर एकाएक पुलिस को शक हुआ और उन्होंने घर में तलाशी लेनी शुरू की। बेड बॉक्स पर एक बैग रखा था। दरोगा ने बैग को हटाकर बेड बॉक्स खटखटाया। आशंका होने पर प्लाई हटाकर उसे खोला। छात्र पसीने से तरबतर उसमें सोता मिला। पुलिस कर्मियों ने उसे समझाते और ढांढस बंधाते हुए निकाला। काफी देर तक समझाया। बच्चे से बातचीत की। घंटों बाद मिले कलेजे के टुकड़े को सीने से लगाकर मां रोने लगी। पुलिस ने काउंसिलिंग की। शाम चार बजे तक बच्चे की हालत सामान्य हुई। घरवालों ने पुलिस का आभार व्यक्त किया।
देर रात तक मोबाइल गेम, सुबह उठने पर बहानेबाजी
बच्चे के घरवालों ने पुलिस को बताया कि वह देर रात तक मोबाइल गेम खेलता है। सुबह जब स्कूल के लिए उठाओ तो रोज नए-नए बहाने करता है। रात में नींद न पूरी होने के कारण दिन में सोता रहता है। स्कूल में भी कई बार सो जाता है।




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