सरकार हमारी माई-बाप है और सर्वोच्च न्यायालय भी..., मेरठ सेंट्रल मार्केट पर बोले लक्ष्मीकांत वाजपेयी
आवास विकास परिषद द्वारा की गई 44 भवनों पर सीलिंग की कार्रवाई और सेटबैक के आए आदेश के विरोध में व्यापारी परिवारों की महिलाओं ने बच्चों संग प्रदर्शन करते हुए धरना शुरू कर दिया है। वे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार के साथ ही पलायन हेतु मकान बिकाऊ है के पोस्टर लिए हुए थीं।

उत्तर प्रदेश के मेरठ के सेंट्रल मार्केट में तीन दिनों से व्यापारियों, उनके परिजनों की आंखों से बहते आंसु रुक नहीं रहे हैं। पूरे इलाके में व्यापारी खुद ही अपने व्यवसायिक भवनों पर हथौड़ा चलवा रहे हैं। आवास विकास परिषद द्वारा की गई 44 भवनों पर सीलिंग की कार्रवाई और सेटबैक के आए आदेश के विरोध में व्यापारी परिवारों की महिलाओं ने बच्चों संग शनिवार को प्रदर्शन करते हुए धरना शुरू कर दिया। वे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार के साथ ही पलायन हेतु मकान बिकाऊ है के पोस्टर लिए हुए थे। इस मुद्दे को लेकर व्यापारियों ने सेक्टर-दो में पैदल मार्च भी निकाला। उन्होंने खुली दुकानों को बंद कराया। इस दौरान एक महिला और एक व्यापारी बेहोश भी हो गया। इस बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांत वाजपेयी का एक बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि सरकार भी हमारी माई-बाप और सर्वोच्च न्यायालय भी हमारा माई-बाप हैं। ये हम पीड़ित, जनता के लिए हैं। हम हाथ फैलाकर दोनों से भीख मांगेगे और भीख मिलेगी इसका हमें भरोसा है।
भाजपा नेता लक्ष्मीकांत वाजयेयी का यह बयान सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहा है। इस वीडियो में लक्ष्मीकांत वाजपेयी कहते हैं, ‘सुप्रीमकोर्ट का मामला है मुझे आशा की किरण आज भी दिख रही है, रास्ता निकलेगा।’ यह कहने के दौरान वह अपने पीछे रखे झोले में से एक फाइल निकालकर मीडिया को दिखाते हुए कहते है- ‘सेंट्रल मार्केट’। फिर ‘सेंट्रल मार्केट’ लिखी हुई दूसरी और तीसरी फाइल निकालते हैं। उन्होंने कहा- ‘हम सब न्यायालय के निर्णय से बंधे हैं। इसमें सब न्यायालय के निर्णय हैं। लेकिन एक बात कह रहा हूं मैं। सरकार भी हमारी माई-बाप और सर्वोच्च न्यायालय भी हमारा माई-बाप है। हम पीड़ित हैं, जनता के लिए हैं। हम हाथ फैलाकर दोनों से भीख मांगेगे और भीख मिलेगी इसका हमें भरोसा है। आशा की किरण है। न्यायालय के सामने अपनी बात रखेगें। न्यायालय का निर्णय अंतिम होगा।’
15 को मेरठ से दिल्ली पदयात्रा
उधर, हिंदू संगठन के नेता सचिन सिरोही ने सेंट्रल मार्केट मामले को लेकर 15 अप्रैल को मेरठ से दिल्ली गृहमंत्री आवास तक पदयात्रा का ऐलान किया है। इसकी जानकारी उन्होंने सीओ सिविल लाइन से धरनास्थल पर पहुंचने के दौरान की। कहा कि इसके लिए अनुमति मांगेगे। मेरठ से दिल्ली गृहमंत्री आवास तक पदयात्रा करेंगे। सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों का दर्द केंद्र सरकार तक पहुंचाएंगे।
कानून का पालन करना होगा
मेरठ के सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी दोपहर में शास्त्रीनगर सेक्टर दो में आंदोलनरत व्यापारियों के बीच पहुंचे। उन्होंने व्यापारियों को कानून के पालन की हिदायत दी। बोले कि वह शांतिपूर्वक अपनी बात रहे। कानून न तोड़ें। यहां पर अफवाह फैलाने और भड़काने वाली बयानबाजी कतई नहीं हो। आपस में टकराव, खींचतान के हालात न बनें।
छोटे दुकानदार ज्यादा परेशान
बता दें कि सेंट्रल मार्केट में छोटे मकान और छोटी दुकानों पर निर्भर लोग सबसे ज्यादा चिंतित हैं। उनका कहना है कि अगर सेटबैक के लिए जगह छोड़नी पड़ी तो उनके पास रहने और व्यापार करने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं बचेगा। लोगों के अनुसार मार्केट के अधिकांश मकान करीब 30 साल पुराने हैं। ऐसे में सेटबैक के तहत तोड़फोड़ करना आसान नहीं होगा। इससे निर्माण कमजोर होने और किसी हादसे की आशंका भी जताई जा रही है।




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