Severe Water Crisis in Sant Kabir Nagar Amidst Heat and Drought भीषण गर्मी में सूख गईं नहरें और पोखरे, Santkabir-nagar Hindi News - Hindustan
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भीषण गर्मी में सूख गईं नहरें और पोखरे

Santkabir-nagar News - संतकबीरनगर जिले में बघौली क्षेत्र और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भीषण गर्मी और बारिश की कमी के कारण जल संकट गहरा गया है। पोखरों का जलस्तर घटने से कई स्थान सूख गए हैं। किसानों को फसल उत्पादन में कठिनाई हो रही है, जबकि पशुओं के लिए भी पानी की कमी हो रही है। स्थानीय लोग प्रशासन से मदद की मांग कर रहे हैं।

Mon, 27 April 2026 11:35 AMNewswrap हिन्दुस्तान, संतकबीरनगर
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भीषण गर्मी में सूख गईं नहरें और पोखरे

संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले में बघौली क्षेत्र समेत आसपास के ग्रामीण इलाकों में भीषण गर्मी और बारिश के अभाव ने जल संकट को गहराता जा रहा है। पोखरों का जलस्तर तेजी से घटते-घटते अब कई स्थानों पर सूख चुका है। सूखी पड़ी नहरें, खाली जलाशय इस बात की तस्दीक कर रहे हैं कि क्षेत्र भीषण जल संकट की गिरफ्त में हो सकता है। ग्रामीणों के अनुसार इस बार हालात इतने खराब हैं कि वर्षों पुराने जल स्रोत भी जवाब दे चुके हैं। कई हैंडपंप या तो सूख गए हैं या उनमें पानी की धार बेहद कमजोर हो गई है। इससे पेयजल संकट गहराता दिख है।बांसी

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डिवीजन की सूखी नहर से सबसे ज्यादा खेती-किसानी पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। सिंचाई के अभाव में खेत सूखे पड़े हैं और अगली फसल की तैयारी ठप हो गई है। जिन किसानों ने सब्जियां या दलहन की खेती की थी, वे अब भारी नुकसान झेलने को मजबूर हैं। किसानों का मानना है कि यदि जल्द पानी की व्यवस्था नहीं हुई, तो उत्पादन पर व्यापक असर पड़ेगा और किसानों की आर्थिक स्थिति और कमजोर होगी। यही नहीं पशुपालकों की परेशानी भी कम नहीं है। पशुओं के लिए न तो पर्याप्त पानी उपलब्ध है और न ही हरा चारा। कई मवेशी कमजोरी और बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। पक्षियों के लिए भी जल संकट गहराता जा रहा है, जिससे वे आबादी वाले क्षेत्रों की ओर रुख कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो स्थानीय जैव विविधता को गंभीर नुकसान हो सकता है। गर्मी और पानी की कमी के कारण लोगों में डिहाइड्रेशन, लू और अन्य बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं। साफ पानी की कमी से जलजनित रोग फैलने की आशंका भी बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सूखी नहरों में शीघ्र पानी छोड़ा जाए और खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत कराई जाए। इसके साथ ही तालाबों का गहरीकरण, वर्षा जल संचयन और जल संरक्षण योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।

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