योगी के मंत्री ऐक्शन में, MLA बेटे और निषाद पार्टी प्रदेश अध्यक्ष को पद से हटाया
निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने शनिवार को प्रदेश कमेटी की बैठक की। यह दिल्ली में संपन्न राष्ट्रीय अधिवेशन के बाद प्रदेश स्तर पर आयोजित पहली बैठक थी। इसमें डॉ. निषाद ने संगठनात्मक निर्णय लेते हुए प्रदेश नेतृत्व में बड़े बदलाव किए।

UP Politics: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में बतौर कैबिनेट मंत्री शामिल एनडीए की सहयोगी निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.संजय निषाद अचानक ऐक्शन मोड में दिख रहे हैं। उन्होंने अपने छोटे बेटे और यूपी की चौरी चौरा सीट से विधायक इंजीनियर सरवन निषाद को प्रदेश प्रभारी के पद से हटा दिया। इतना ही नहीं, प्रदेश अध्यक्ष के पद से रविंद्र मणि निषाद की भी छुट्टी कर दी है। नई दिल्ली में हुए अधिवेशन के बाद निषाद पार्टी में हुए इन अहम बदलाव को करीब 16 महीने बाद (2027 में) उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। अपने बेटे को पार्टी संगठन के पद से हटाकर उन्होंने परिवारवाद का आरोप लगाने वालों को संदेश देने की कोशिश की है। पार्टी हाईकमान ने जिला स्तर पर भी कार्यकारिणी में व्यापक फेरबदल के संकेत दिए हैं।
शनिवार को निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने प्रदेश कमेटी की बैठक की। यह दिल्ली में संपन्न राष्ट्रीय अधिवेशन के बाद प्रदेश स्तर पर आयोजित पहली बैठक थी। इसमें डॉ. निषाद ने संगठनात्मक निर्णय लेते हुए प्रदेश नेतृत्व में बड़े बदलाव किए। उन्होंने अपने पुत्र और चौरीचौरा से विधायक सरवन निषाद को प्रदेश प्रभारी पद से हटाकर बाबूराम निषाद को प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया। साथ ही प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य रविन्द्र मणि निषाद को राष्ट्रीय कमेटी में पदोन्नत किया गया। जबकि प्रदेश अध्यक्ष पद से रविन्द्र मणि निषाद को हटाकर व्यास मुनि निषाद को पार्टी का नया प्रदेश अध्यक्ष घोषित किया गया है।
एक्स पर पोस्ट में लिखा-इतिहास में पहला उदाहरण
निषाद पार्टी प्रमुख ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर इन निर्णयों की जानकारी देते हुए लिखा कि राजा का बेटा ही राजा बने इस राजनीति को तोड़ने का साहस निषाद पार्टी ने दिखाया है। प्रदेश के इतिहास में सत्ता में रहते हुए अपने ही बेटे को पदमुक्त करने वाला यह पहला उदाहरण है। अब अपेक्षा है कि अन्य दल भी इसी प्रकार का साहस दिखाकर समाज में सकारात्मक संदेश दें।
कहा-नई टीम के साथ नई उर्जा का होगा संचार
उन्होंने कहा कि नई टीम के साथ नई ऊर्जा का संचार होगा और पार्टी को और मज़बूती मिलेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब समय है कि नई पीढ़ी को जिम्मेदारी दी जाए। उन्होंने कहा कि जो लोग मुझे परिवारवाद का आरोपी बताते थे, उन्हें आज यह देखना चाहिए कि निषाद पार्टी ने ऐतिहासिक कदम उठाया है। मैंने सत्ता में रहते हुए अपने ही पुत्र को पद से मुक्त किया है। शायद ही किसी पार्टी ने ऐसा बड़ा निर्णय लिया होगा। मेरे लिए समाज और संगठन सबसे ऊपर है, परिवार नहीं। उन्होंने कहा कि उनका परिवार हमेशा संघर्षों और समाज की सेवा के लिए समर्पित रहा है।




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